India News UP (इंडिया न्यूज़),Gorakhpur News: विजयादशमी के पावन पर्व पर गोरखनाथ मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई और दशकों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार सुरक्षा कारणों से बुलेटप्रूफ रथ पर सवार होकर गोरखनाथ मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली। इस दौरान वहां मौजूद हजारों लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया और वह रामलीला मैदान पहुंचे। सीएम योगी ने यहां भगवान श्री राम का राज्याभिषेक किया।
इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह खुद तय करना होगा कि किसे इंसान बनना है और किसे दानव बनना है। उन्होंने कहा कि गरीबों और महिलाओं पर अत्याचार करने वालों का भी अंत रावण जैसा ही होगा। इसके साथ ही सीएम योगी ने कहा कि हम सभी को एकजुट रहना होगा, अगर हम एकजुट रहेंगे तो हम सुरक्षित रहेंगे। हम देश को और खुद को भी सुरक्षा दे पाएंगे।
Gorakhpur News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
संगठित रहेंगे, तो सुरक्षित भी रहेंगे… pic.twitter.com/v6mbYzT3kG
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 12, 2024
सीएम योगी ने आगे कहा कि 10 साल पहले किसी ने नहीं सोचा था कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा लेकिन हम जैसे कुछ आस्थावानों को भरोसा था कि अयोध्या में जल्द ही राम मंदिर बनेगा और आज हमारा सपना साकार हुआ है। भारत का हिंदू और सनातन समाज कभी गरीब नहीं रहा। यह हमेशा बल, बुद्धि और वैभव में दुनिया में अग्रणी रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुलामी के दौर का उदाहरण देते हुए कहा कि हम एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित भी रहेंगे। काशी-अयोध्या-मथुरा के मंदिर क्यों अपवित्र हुए, क्योंकि हम गुलाम थे। जिस कारण विधर्मी और विदेशी आक्रांताओं ने जब देश में घुसकर हमें गुलामी की जंजीरों में जकड़ा, महिलाओं, बहन-बेटियों पर अत्याचार किए, तब हम एकजुट नहीं थे।
सीएम योगी ने कहा कि अगर कोई मानवता के खिलाफ काम करेगा, गरीबों, महिलाओं पर अत्याचार करेगा, अधर्म और असत्य के रास्ते पर चलेगा तो उसका पुतला भी उसी तरह जलाया जाएगा, जैसे रावण का पुतला जलाया जाता है। राजनीतिक स्वतंत्रता सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्वतंत्रता की भी वाहक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस दौर में जाति-धर्म, ऊंच-नीच और छुआछूत के नाम पर जो विभाजन हुआ, उसके कुछ हिस्से आज भी यहां-वहां बिखरे पड़े हैं। जो लोग लोगों को बांटने का काम कर रहे हैं, ऐसी ताकतों का समूल नाश किया जाएगा। त्योहार और उत्सव हमें अपनी विरासत से भी जोड़ते हैं। हमारा धर्म, जाति-धर्म देश से बढ़कर नहीं हो सकता, पहले देश उसके बाद कुछ और होगा।