India News (इंडिया न्यूज), UP News: मौनी अमावस्या की भगदड़ में गायब हुए खूंटी गुरु का कहीं पता नहीं चल सका। हर जगह तलाश की गई। लेकिन गुरु ऐसे गायब हुए कि कोई सुराग नहीं मिला। थके-थके मोहल्ले के लोगों ने उनकी फोटो पर माला चढ़ाकर धूपबत्ती जलाई। साथ ही 13 ब्राह्मण भी मूंछ पर ताव देते हुए पेट सहलाने लगे।
कैसे पहुंचे बुजुर्ग खूंटी गुरु
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तेरहवीं की पूर्व संध्या पर जब सभी लोग तैयारियों में व्यस्त थे, अचानक रिक्शा से उतरते ही खूंटी गुरु प्रकट हो गए। उन्हें देखकर कुछ लोगों की आंखों में आंसू आ गए, तो कुछ ने रुंधे गले से कहा, मैंने गुरु को स्वीकार कर लिया है।जीरो रोड बस स्टेशन निवासी बुजुर्ग खूंटी गुरु भी मौनी अमावस्या पर शाही स्नान करने प्रयागराज के महाकुंभ पहुंचे थे। सुबह भगदड़ के बाद जब गुरु घर नहीं पहुंचे तो मोहल्ले के लोग उनकी तलाश में निकल पड़े।
एक दिन पहले खूंटी गुरु रिक्शा लेकर..
कई दिनों की मेहनत के बाद कुंभ खोया-पाया केंद्र ने भी हाथ खड़े कर दिए। लोगों ने मान लिया था कि भगदड़ में उनके गुरु की मृत्यु हो गई है। इस बीच उनके चाहने वालों ने तेरहवीं के अनुष्ठान की व्यवस्था कर ली थी। ब्राह्मण भोज के लिए निमंत्रण बांटे जा चुके थे और कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले खूंटी गुरु रिक्शा लेकर आ गए।