India News (इंडिया न्यूज़)Agra Police News: भारत में खासकर ग्रामीण इलाकों में पुलिस के व्यवहार को लेकर एक आम गलत धारणा है। कई लोग थाने जाते समय भी डरे और घबराए हुए रहते हैं। ऐसा अक्सर कानून लागू करने वालों के व्यवहार और रवैये से पैदा होता है। हालांकि, आगरा में पुलिस के व्यवहार को सुधारने के लिए एक अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने शिष्टाचार संचार नीति शुरू की है।
इस पहल के तहत आगरा पुलिस नागरिकों को अनौपचारिक ‘तुम’ या ‘तू’ के बजाय सम्मानजनक शब्द ‘आप’ से संबोधित करेगी। इसके साथ ही अधिकारी फोन उठाते समय कॉल करने वालों का ‘नमस्ते’ कहकर अभिवादन करेंगे। आगरा पुलिस के रवैये को बदलने के लिए कमिश्नर गौड़ ने सभी अधिकारियों को नए निर्देश जारी किए हैं।
अब अफसरों को खड़े होकर शिकायतकर्ताओं का स्वागत करना होगा, उन्हें चाय-नाश्ता देना होगा और फिर उनकी शिकायतों को ध्यान से सुनना होगा। पहले बातचीत अक्सर अचानक और अनौपचारिक होती थी, लेकिन अब अफसरों से उम्मीद की जाती है कि वे बातचीत के दौरान ‘श्रीमान’ जैसे सम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल करें।
इन आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी के उद्देश्य से आगरा के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। नए आचरण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सोनम कुमार ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य न्याय मांगने वाले शिकायतकर्ताओं के लिए स्वागत योग्य माहौल बनाना है। जो भी अधिकारी शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार करेगा, उसे परिणाम भुगतने होंगे। कमिश्नरेट प्रणाली के तहत पुलिस थानों को आधुनिक बनाने के प्रयास पहले ही किए जा चुके हैं।
फर्नीचर और बैठने की जगह में सुधार से लेकर थाना परिसर के सौंदर्यीकरण तक, महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं। साल की शुरुआत में पेश की गई नई नीति पुलिस के बारे में लोगों की धारणा को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम है।