India News (इंडिया न्यूज), Rambarat: उत्तर प्रदेश के अयोध्या और नेपाल के जनकपुर के बीच रिश्तों को एक नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक विवाह महोत्सव अब अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। 26 नवंबर को भगवान राम की रामबरात जनकपुर से अयोध्या के लिए रवाना हुई थी, जो अब 9 दिसंबर की रात अयोध्या वापस लौटेगी। इस यात्रा के दौरान अयोध्या और जनकपुर के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध स्थापित हुआ।
जनकपुर में 6 दिसंबर को पंचमी तिथि पर भगवान राम और माता सीता का विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ था। इस विवाह उत्सव में अयोध्या से श्रीरामजन्म तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय दशरथ की भूमिका में थे। साथ ही विवाह के आयोजन में विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, अयोध्या के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी सहित 500 से अधिक बराती शामिल हुए थे।
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अब 10 दिसंबर को बरात की वापसी अयोध्या में धूमधाम से स्वागत किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य कार्यक्रम साकेत महाविद्यालय में होगा, जहां दोपहर 12 बजे श्रीराम और माता सीता सहित सभी बरातियों का भव्य अभिनंदन किया जाएगा। इसके बाद यह बरात साकेत महाविद्यालय से शोभायात्रा के रूप में राम पथ मार्ग से होकर कारसेवक पुरम पहुंचेगी। रास्ते में जगह-जगह बरात का स्वागत होगा और शहरभर में यह खुशी का माहौल बनेगा।
यह आयोजन सीता राम विवाह यात्रा महोत्सव आयोजन समिति द्वारा आयोजित किया जा रहा है। आयोजन की तैयारियों में बजरंग दल के पूर्व संयोजक महेश मिश्र और स्थानीय लोग सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। स्थानीय लोग भी इस शोभायात्रा में भाग लेने के लिए उत्साहित हैं, ताकि यह ऐतिहासिक घटना और भी खास बन सके।
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