असम की राजधानी गुवाहाटी में बोडो संस्कृति का सबसे भव्य स्वरूप देखने को मिला, 'बागुरुम्बा धौ' कार्यक्रम के माध्यम से बोडो समुदाय की समृद्ध परंपराओं, लोक संगीत और नृत्य का शानदार प्रदर्शन किया गया, रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों (दखना) में सजे कलाकारों ने अपनी कला से दर्शकों का दिल जीत लिया.
Bagurumba Dwhou Guwahati Bodo Culture: गुवाहाटी में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'बागुरुम्बा नृत्य' था, जिसे 'तितली नृत्य' भी कहा जाता है, इसमें नर्तक अपनी बाहों को तितली के पंखों की तरह लहराते हुए नाचते हैं, इस कार्यक्रम का उद्देश्य बोडो समुदाय की प्राचीन कला और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचना और दुनिया को असम की सांस्कृतिक से अलग अलग लोगो का परिचय कराना था, ढोल (खाम), बांसुरी (सिफुंग) और झांझ (जोता) की मधुर धुनों ने पूरे माहौल को उत्सव के रंग में रंग दिया, इस आयोजन में देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए.
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