Live
Search
HomeVideosबांके बिहारी में ‘भक्ति’ का भेदभाव, आम भक्त को धक्के, VIP को ‘गर्भगृह’ में फोटो-शूट, भड़के श्रद्धालु!

बांके बिहारी में ‘भक्ति’ का भेदभाव, आम भक्त को धक्के, VIP को ‘गर्भगृह’ में फोटो-शूट, भड़के श्रद्धालु!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-01 15:16:22

बांके बिहारी मंदिर से अक्सर ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं जो भक्तों के दिल को ठेस पहुंचाती हैं, एक तरफ लाखों श्रद्धालु भीषण भीड़ में घंटों बेरिकेडिंग के पीछे संघर्ष करते हैं, वहीं दूसरी ओर 'वीआईपी' कहे जाने वाले लोग बेरिकेडिंग के अंदर रिंग सेरेमनी, सगाई की रस्में और रील सेशन करते नजर आते हैं, पुजारियों द्वारा इन खास मेहमानों को दिया जा रहा 'विशेष समय' आम भक्तों के बीच गहरे असंतोष का कारण बन रहा है, सवाल उठ रहा है कि क्या भगवान के घर में भी अब 'पहचान' तय करेगी कि किसे कितना करीब जाना है?


Banke Bihari Temple VIP Darshan Row 2026: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में बढ़ती वीआईपी संस्कृति ने आस्था के केंद्र को ‘भेदभाव का अखाड़ा’ बना दिया है, जहां बेरिकेडिंग की एक तरफ आम भक्त घंटों भीषण भीड़, उमस और धक्कों के बीच अपने आराध्य की एक क्षणिक झलक के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रसूखदार और रईस लोग बेरिकेडिंग के भीतर गर्भगृह के पास बैठकर ना केवल आराम से दर्शन कर रहे हैं, बल्कि मंदिर की मर्यादा को ताक पर रखकर वहां रिंग सेरेमनी, सगाई की रस्में और रील-फोटो सेशन जैसे निजी आयोजन कर रहे हैं, पुजारियों और रसूखदारों की इस कथित साठगांठ ने मंदिर के भीतर ‘अमीरी-गरीबी’ की एक गहरी खाई खोद दी है, जिससे उन लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं जो बिना किसी सिफारिश के केवल भक्ति भाव से वहां पहुंचते हैं, यह ‘खास’ भक्तों को मिलने वाली विशेष तवज्जो ना केवल मंदिर के सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ‘भगवान सबके हैं’ के मूल आध्यात्मिक सिद्धांत पर भी एक कड़ा प्रहार है.

MORE NEWS

HomeVideosबांके बिहारी में ‘भक्ति’ का भेदभाव, आम भक्त को धक्के, VIP को ‘गर्भगृह’ में फोटो-शूट, भड़के श्रद्धालु!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-01 15:16:22


Banke Bihari Temple VIP Darshan Row 2026: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में बढ़ती वीआईपी संस्कृति ने आस्था के केंद्र को ‘भेदभाव का अखाड़ा’ बना दिया है, जहां बेरिकेडिंग की एक तरफ आम भक्त घंटों भीषण भीड़, उमस और धक्कों के बीच अपने आराध्य की एक क्षणिक झलक के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रसूखदार और रईस लोग बेरिकेडिंग के भीतर गर्भगृह के पास बैठकर ना केवल आराम से दर्शन कर रहे हैं, बल्कि मंदिर की मर्यादा को ताक पर रखकर वहां रिंग सेरेमनी, सगाई की रस्में और रील-फोटो सेशन जैसे निजी आयोजन कर रहे हैं, पुजारियों और रसूखदारों की इस कथित साठगांठ ने मंदिर के भीतर ‘अमीरी-गरीबी’ की एक गहरी खाई खोद दी है, जिससे उन लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं जो बिना किसी सिफारिश के केवल भक्ति भाव से वहां पहुंचते हैं, यह ‘खास’ भक्तों को मिलने वाली विशेष तवज्जो ना केवल मंदिर के सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ‘भगवान सबके हैं’ के मूल आध्यात्मिक सिद्धांत पर भी एक कड़ा प्रहार है.

MORE NEWS