बार्सिलोना में रहने वाली रूसी कॉन्सेप्चुअल फोटोग्राफर जूलिया बुरूलेव अपने 'आर्ट एक्सपीडिशन' प्रोजेक्ट के सिलसिले में जयपुर आई थीं, उन्होंने शहर के गुलाबी रंग और राजस्थानी वास्तुकला से प्रेरित होकर एक हाथी को पूरी तरह से चटकीले गुलाबी रंग से रंग दिया और उस पर एक मॉडल को बिठाकर फोटोशूट किया, शुरुआत में लोगों को लगा कि यह फोटोशॉप का कमाल है, लेकिन जब पता चला कि यह असलियत में किया गया है, तो इंटरनेट पर विरोध की लहर दौड़ गई, आलोचकों का कहना है कि किसी बेजुबान जानवर की त्वचा पर रासायनिक रंगों का इस्तेमाल करना और उसे घंटों इस अवस्था में रखना सरासर पशु क्रूरता (Animal Cruelty) है.
Elephant Painted Pink Jaipur Controversy 2026: यह घटना कलात्मक स्वतंत्रता और नैतिक सीमाओं के बीच के संघर्ष को दर्शाती है, जूलिया ने बताया कि वे जयपुर के रंगों और हाथियों के सांस्कृतिक महत्व से प्रभावित थीं, उन्होंने इसे एक ‘मोनोक्रोमैटिक विजुअल नरेटिव’ (Monochromatic visual narrative) के रूप में पेश करने की कोशिश की, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का तर्क है कि हाथी कोई निर्जीव वस्तु या खिलौना नहीं है जिसे सजावट के लिए इस्तेमाल किया जाए, पेंट के रसायन हाथी की संवेदनशील त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं, सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने इसे “ईगो-ड्रिवन आर्ट” (Ego-driven art) बताया है, लोगों का कहना है कि रचनात्मकता के नाम पर किसी जीव की गरिमा और सेहत से समझौता नहीं किया जाना चाहिए, इस घटना के बाद जयपुर प्रशासन और वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या ऐसे शूट के लिए अनुमति ली गई थी और क्या वहां मौजूद अधिकारियों ने इसे रोकने की कोशिश की?
Optical Illusion Test: यह ऑप्टिकल इल्यूजन एक मजेदार चैलेंज है, जिसमें '505' के बीच छिपे…
IPL 2026: चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 15 गेंदों में तेज अर्धशतक लगाकर वैभव सूर्यवंशी…
सूरत के लिंबायत में सिलेंडर ब्लास्ट से मची भारी चीख-पुकार! एक ही परिवार के सदस्यों…
PR Ramesh: डेलाइट इंडिया के पूर्व चेयरमैन पीआर रमेश न्यूज़ एग्रीगेटर Dailyhunt और कॉल और…
धड़कन फिल्म का 'दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है' गाना आज भी लोगों में काफी…
न केवल कीमत में बल्कि, फीचर्स और सेफ्टी के मामले में भी यह फॉर्च्यूनर से…