अमेरिका से सामने आ रही रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियोज़ एक परेशान करने वाली हकीकत बयां कर रहे हैं, अपनी आपबीती साझा करते हुए कैमरों के सामने रो रहे हैं, उनका कहना है कि वे दो-दो, तीन-तीन नौकरियां (Side Hustles) कर रहे हैं, फिर भी महीने के अंत में उनके पास बुनियादी खर्चों के लिए पैसे नहीं बचते, यह केवल एक आर्थिक समस्या नहीं रही, बल्कि अब एक गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट बन चुका है, जहां युवा अपनी जिंदगी को 'निरर्थक' मानने लगे हैं, अमेरिका में घर का किराया स्वास्थ्य बीमा और किराने का सामान पिछले कुछ वर्षों में इतना महंगा हो गया है कि औसत वेतन पाने वाला व्यक्ति अब 'सरवाइव' नहीं कर पा रहा है.
US Cost Of Living Crisis: यह संकट ‘अमेरिकन ड्रीम’ के अंत की ओर इशारा कर रहा है, जब कड़ी मेहनत का फल केवल ‘बिलों का भुगतान’ भी ना हो पाए, तो व्यक्ति का काम के प्रति उत्साह खत्म हो जाता है, इसे ही “Quiet Quitting” और अब “Nervous Breakdowns” के रूप में देखा जा रहा है, ट्विटर (X) पर “I can’t afford life” जैसे ट्रेंड्स दिखा रहे हैं कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी की समस्या बन चुकी है एक तरफ कॉर्पोरेट मुनाफे रिकॉर्ड स्तर पर हैं, वहीं दूसरी तरफ आम कर्मचारी अपने क्रेडिट कार्ड के कर्ज और स्टूडेंट लोन के नीचे दबा जा रहा है, मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लंबे समय तक रहने वाली वित्तीय असुरक्षा (Financial Insecurity) सीधे तौर पर क्लीनिकल डिप्रेशन और एंग्जायटी को जन्म दे रही है, जो अब ‘ब्रेकडाउन’ के रूप में बाहर आ रही है.
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