Sunday, October 24, 2021
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MBA Chaiwala: 25 साल का ‘एमबीए चायवाला’ बन गया करोड़पति, देश से बाहर खुलेगी फ्रेंचाइजी

इंडिया न्यूज, अहमदाबाद:
प्रफुल्ल बिल्लौरे ‘MBA Chaiwala’ के नाम से जाने जाते हैं। 25 साल के इन नौजवान के चाय का धंधा इतना चला कि टर्नओवर करोड़ों का हो गया। 20 साल की उम्र में एमबीए की तैयारी करने घर से निकले प्रफुल्ल बिल्लोरे को भी पता नहीं था कि यही एमबीए शब्द एक दिन उन्हें दुनियाभर में मशहूर बना देगा। इंदौर से अहमदाबाद पहुंचे प्रफुल्ल का सपना आईआईएम में एडमिशन पाना और शानदार पैकेज पर जॉब हासिल करना था, लेकिन जब एमबीए में सफलता नहीं मिली तो प्रफुल्ल ने चाय का ठेला लगाने का सोचा और नाम रखा ‘MBA Chaiwala’ जो आज यंगस्टर्स के बीच ब्रांड बन चुका है।

धार के एक छोटे से गांव लबरावदा के किसान परिवार के प्रफुल्ल बिल्लौरे आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए करना चाहते थे, लेकिन जब सक्सेस हाथ नहीं लगी तो दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों की ओर रुख किया। दिल लगा अहमदाबाद में। प्रफुल्ल को अहमदाबाद शहर इतना पसंद आया कि वो वहीं बसने की सोचने लगे। अब रहने के लिए पैसे चाहिए और पैसे के लिए कुछ न कुछ तो करना ही पड़ेगा, यही सोचकर प्रफुल्ल ने अहमदाबाद में मैकडॉनल्ड में नौकरी कर ली। यहां प्रफुल्ल को 37 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से पैसे मिलते थे और वह दिन में करीब 12 घंटे काम करते थे।

MBA Chaiwala बदल गई प्रफुल्ल की दुनिया

नौकरी करते हुए प्रफुल्ल को एहसास हुआ कि वह जिंदगी भर मैकडॉनल्ड की नौकरी तो नहीं कर सकते, इसलिए उन्होंने अपना खुद का बिजनेस शुरू करने की सोची। लेकिन बिजनेस शुरू करने के लिए पैसे नहीं थे। ऐसे में प्रफुल्ल ने ऐसा बिजनेस करने के बारे में सोचा जिसमें पूंजी भी कम लगे और आसानी से भी हो जाए। बस यहीं से चाय का काम शुरू करने का आइडिया उनके दिमाग में आया। काम की शुरूआत के लिए प्रफुल्ल ने अपने पिता से झूठ बोलकर पढ़ाई के नाम पर 10 हजार रुपए मांगे। इन्हीं पैसों से प्रफुल्ल ने चाय का ठेला लगाना शुरू किया।

MBA Chaiwala मुश्किलों का सामना करना पड़ा

पहले दिन प्रफुल्ल बिल्लौरे की एक भी चाय नहीं बिकी तो उन्होंने सोचा कि अगर कोई मेरे पास चाय पीने नहीं आ रहा तो क्यों ना मैं खुद उसके पास जाकर अपनी चाय ऑफर करूं। प्रफुल्ल वेल एजुकेटेड हैं, अच्छी इग्लिश बोलते हैं, उनकी यह तरकीब काम आई और सब बोलते कि चाय वाला भी अंग्रेजी बोलता है और चाय की दुकान चल निकली।

दूसरे दिन 6 चाय बेची पर चाय 30 रुपए के हिसाब से 150 रुपए कमाए। प्रफुल्ल सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक जॉब करते थे और शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक अपने चाय का स्टॉल लगाते थे। काम अच्छा चलने लगा 600 कभी 4000 कभी 5000 तक सेल होने लगे और उन्होंने अपनी जॉब छोड़ दी और अपना पूरा फोकस अपने चाय पर किया।

‘MBA Chaiwala’ मतलब ‘मिस्टर बिल्लौरे अहमदाबाद’

चाय का काम अच्छा चलने लगा नेटवर्क अच्छे बन गए तो प्रफुल्ल ने सोचा क्यों ना अब दुकान का कोई एक अच्छा सा नाम रख लें, जिससे और अच्छी मार्केटिंग हो। लगभग 400 नाम सेलेक्ट करने के बाद एक नाम फाइनल किया, जो था ‘मिस्टर बिल्लोरे अहमदाबाद’ जिसका शॉर्ट नाम ‘MBA Chaiwala’ पड़ा। शुरूआत में लोग उन पर खूब हंसते, मजाक बनाते लेकिन धीरे-धीरे लोगों को प्रफुल्ल का आइडिया पसंद आने लगा।

प्रफुल्ल बिल्लौरे का अचीवमेंट

‘MBA Chaiwala’ धीरे-धीरे फेमस हो गया। अब लोकल इवेंट, म्यूजिकल नाइट, बुक एक्सचेंज प्रोग्राम, वुमन एम्पावरमेंट, सोशल कॉज, ब्लड डोनेशन जैसी हर जगह ‘MBA Chaiwala’ दिखाई देता। प्रफुल्ल ने वेलेंटाइन के दिन ‘सिंगल के लिए मुफ्त चाय’ दी, जो वायरल हो गई और वहां से उनको और भी ज्यादा पॉपुलैरिटी मिली। अब उन्हें और भी बड़े ऑर्डर मिलने लगे। आज ‘MBA Chaiwala’ नेशनल और इंटरनेशनल इवेंट करते हैं। प्रफुल्ल ने 300 स्क्वायर फीट में अपना कैफे खोला और पूरे भारत में फ्रेंचाइजी दी।

एक वक्त जिन एमबीए संस्थानों में जाकर पढ़ाई करना प्रफुल्ल बिल्लोरे का सपना था। आज वही संस्थान प्रफुल्ल को अपने यहां बतौर मैनेजमेंट गुरु लेक्चर देने के लिए बुलाते हैं। महज 25 साल की उम्र में उनका नेटवर्थ सालाना 3 से 4 करोड़ का है। आज देश के 22 शहरों में और लंदन में भी ‘एमबीए चायवाला’ के नाम से उसके आउटलेट हैं। बाकी के देशों में भी फ्रेंचाइजी पर बात चल रही है।

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