Budget 2026: रिपोर्ट्स के मुताबिक एग्रीकल्चर के लिए एलोकेशन लगातार बढ़ रहा है जो FY 2013-14 में 21933 करोड़ रुपये था, जो आज 1.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है.
Budget 2026
Budget 2026: गामी बजट 2026 कृषि क्षेत्र में लंबे समय तक मजबूती लाने का एक अच्छा मौका है. विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार अगर खास योजनाओं पर ध्यान दे तो कृषि को ज्यादा टिकाऊ बनाया जा सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक एग्रीकल्चर के लिए एलोकेशन लगातार बढ़ रहा है जो FY 2013-14 में 21933 करोड़ रुपये था, जो आज 1.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सस्टेनेबिलिटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, और झींगा (Shrimp) निर्यात जैसे क्षेत्रों पर खास फोकस रहेगा. साथ ही सब्सिडी सुधारों की भी मांग है ताकि सिस्टम ज्यादा प्रभावी बन सके. इसके अलावा, पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी जैसे सहायक क्षेत्रों को मजबूत करना, और कोल्ड-चेन व प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद कर सकता है.
मार्केट के नजरिए से, INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी ने कहा कि अब ध्यान सिर्फ बजट के आंकड़ों पर नहीं, बल्कि कृषि वैल्यू चेन से जुड़ी कंपनियों की कमाई और बैलेंस शीट की मजबूती पर है. हर्षल के अनुसार निवेशक उन कंपनियों पर नजर रखेंगे जो फर्टिलाइजर, एग्रो-केमिकल्स, फार्म मशीनरी, सिंचाई उपकरण और एग्री-लॉजिस्टिक्स से जुड़ी हैं. इन क्षेत्रों में मांग अब लंबे समय के कारणों से बढ़ रही है, जैसे ज्यादा फसल चक्र, प्रिसीजन फार्मिंग और ग्रामीण आय में सुधार.
अच्छे मानसून की संभावना और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर क्रेडिट फ्लो भी इस सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत हैं. इसलिए यह बजट अल्पकालिक फायदे से ज्यादा सब्सिडी आधारित खेती से उत्पादकता आधारित खेती की ओर बदलाव को मजबूत करने वाला माना जा रहा है.
बोनांजा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी के मुताबिक, बजट 2026-27 में कृषि को प्राथमिकता दी जा सकती है. जलवायु बदलाव, बढ़ती लागत और बाजार तक पहुंच जैसी चुनौतियों को देखते हुए सरकार उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस करेगी. उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि कृषि बजट ₹1.37 लाख करोड़ (2025-26) से बढ़कर करीब ₹1.5 लाख करोड़ हो सकता है. इसमें PM-KISAN, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और PM कृषि सिंचाई योजना के लिए ज्यादा फंड मिल सकता है.”
अभिनव तिवारी के अनुसार, इस बजट में कवच 4.0 लॉन्च हो सकता है, जो एक आधुनिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है. साथ ही बचे हुए रेल रूट्स के विद्युतीकरण पर भी जोर रहेगा. सरकार का लक्ष्य 2030 तक रेल माल ढुलाई की हिस्सेदारी 26% से बढ़ाकर 45% करना है.
कृषि मंत्री के अनुसार, बजट सत्र में नया बीज विधेयक पेश किया जा सकता है. इसका मकसद नकली और घटिया बीजों की बिक्री पर रोक लगाना है. इसमें ₹30 लाख तक जुर्माना और 3 साल तक की जेल का प्रावधान हो सकता है.इससे किसानों को नुकसान से बचाया जा सकेगा और कृषि उत्पादकता बढ़ेगी. जैसा कि अभिनव तिवारी ने बताया, यह बिल बीज सेक्टर में कावेरी सीड्स, मंगलम सीड्स और बॉम्बे सुपर हाइब्रिड सीड्स जैसी बीज और फर्टिलाइजर कंपनियों को फायदे दे सकता है.
फर्टिलाइजर कंपनियों के लिए, UPL Ltd, PI Industries Ltd, सुमितोमो केमिकल इंडिया, बायर क्रॉपसाइंस Ltd, और धानुका एग्रीटेक Ltd को फायदा होने की उम्मीद है.
भारत का कृषि और खाद्य निर्यात सालाना करीब 50–55 अरब डॉलर का है, लेकिन वैश्विक व्यापार में रुकावटें और टैरिफ चुनौतियां बनी हुई हैं.
तुषार बदजात, डायरेक्टर, Badjate Stock & Shares के मुताबिक, बजट 2026 में निर्यात को आसान बनाने, तेज मंजूरी प्रक्रिया और वैल्यू-एडेड एग्री प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा सकता है. उन्होंने बताया कि भारत की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था में सुधार हुआ है.स्टिक्स लागत घटकर GDP का 13–14% रह गई है.कोल्ड-चेन क्षमता बढ़ी है. ग्रामीण कनेक्टिविटी बेहतर हुई है. इससे फसल खराब होने की समस्या कम हुई है और किसानों को बेहतर दाम मिलने लगे हैं.
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