FD vs PPF: क्या आपको भी नौकरी करते 5-10 साल हो गए हैं और FD और PPF के बारे में सही जानकारी नहीं है. समझ नहीं आता है कहां पैसा लगाएं. देखें FD और PPF में अंतर.
FD vs PPF
FD vs PPF: जॉब करते आपको 8-10 साल हो गए हैं और अभी तक भविष्य के लिए निवेश या बचत नहीं किया तो आगे चलकर आपको दिक्कत हो सकती है. आप जॉब या सैलरी पाने वाली नौकरी करते हैं और भविष्य के लिए एक सुरक्षित और बढ़िया निवेश के बारे में सोच रहे हैं, तो PPF और FD में बीच आप सही चुनाव कर सकते हैं. दोनों में आप अपने सुविधा के अनुसार निवेश कर सकते हैं. दोनों के बारे में आप यहां देख सकते हैं.
पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) भारत सरकार की एक सुरक्षित और दीर्घकालीन बचत योजना है, जिसमें कोई भी व्यक्ति हर साल ₹500 से ₹1.5 लाख तक निवेश कर सकता है. इसकी अवधि 15 साल होती है और इसमें मिलने वाला ब्याज सरकार द्वारा तय किया जाता है, जो पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है, साथ ही निवेश पर आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है, इसलिए पीपीएफ उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो लंबे समय में सुरक्षित निवेश और टैक्स बचत दोनों चाहते हैं.
एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) बैंक या डाकघर की एक सुरक्षित निवेश योजना है, जिसमें आप एक तय राशि को निश्चित अवधि के लिए जमा करते हैं और उस पर पहले से तय ब्याज दर मिलती है. इसकी अवधि कुछ दिनों से लेकर कई साल तक हो सकती है और जरूरत पड़ने पर इसे समय से पहले भी निकाला जा सकता है (हालाँकि थोड़ा पेनल्टी लग सकती है), लेकिन इसमें मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है, इसलिए एफडी उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो सुरक्षित, तय रिटर्न और अच्छी लिक्विडिटी चाहते हैं.
PPF और FD दोनों के बेहतर होने का चुनाव आपके लक्ष्य पर निर्भर करता है. अगर आप लंबी अवधि (15 साल), टैक्स बचत और पूरी तरह टैक्स-फ्री रिटर्न चाहते हैं तो PPF आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है, क्योंकि इसमें निवेश, ब्याज और निकासी तीनों टैक्स-फ्री होते हैं. वहीं अगर बेहतर लिक्विडिटी और शॉर्ट टर्म जरूरतें यानी आपको कम या मध्यम अवधि, ज्यादा लिक्विडिटी और लचीली अवधि चाहिए तो FD बेहतर रहती है, हालांकि FD का ब्याज टैक्सेबल होता है.
PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) और FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) के बीच मुख्य अंतर यह है कि PPF एक सरकार समर्थित दीर्घकालीन बचत योजना है, जिसकी अवधि 15 साल होती है और इसमें निवेश, ब्याज व निकासी तीनों टैक्स-फ्री होते हैं. जबकि FD बैंक या डाकघर की जमा योजना है जिसमें अवधि लचीली होती है, जरूरत पड़ने पर पैसा को जल्दी निकाला जा सकता है लेकिन इसमें मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है. इसलिए लंबी अवधि और टैक्स बचत के लिए PPF बेहतर है, जबकि कम या मध्यम अवधि और ज्यादा लिक्विडिटी के लिए FD बेहतर होती है।
Kanpur Mayor Karva Chauth fast: कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने करवाचौथ पर अपने पति…
Kartik month: कार्तिक मास को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और दामोदर लीला के स्मरण के…
Mount Abu Shankar Math: राजस्थान के माउंट आबू स्थित शंकर मठ में 9.5 फीट ऊंचा…
Kal Ka Rashifal 31 October 2026: शनिवार को मेष से मीन तक सभी 12 राशियों…
Pind Daan of daughter: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में बेटी के प्रेमी के साथ घर…
Ibrahim Ali Khan Palak Tiwari Breakup:रिपोर्ट्स के मुताबिक, इब्राहिम अली खान और पलक तिवारी अब…