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AI की आंधी से उजड़ी नौकरियां! 2025 में दुनिया भर में 1.17 मिलियन से ज्यादा लोगों की हुईं छटनी

Worldwide Job Cuts 2025: साल 2025 का आखिरी महीना चल रहा है. दुनिया भर के एम्प्लॉयर्स ने नवंबर तक 1.17 मिलियन से ज्यादा जॉब कट की घोषणा की, जो 2020 में महामारी के दौरान हुई 2.2 मिलियन छंटनी के बाद से सबसे ज्यादा सालाना कुल संख्या है.

Global Layoffs Tsunami 2025: जैसे-जैसे 2025 खत्म हो रहा है, ग्लोबल जॉब मार्केट पर इकोनॉमिस्ट्स जिसे “रीस्ट्रक्चरिंग रिसेशन” कह रहे हैं, उसके निशान साफ ​​दिख रहे हैं. दुनिया भर के एम्प्लॉयर्स ने नवंबर तक 1.17 मिलियन से ज्यादा जॉब कट की घोषणा की, जो 2020 में महामारी के दौरान हुई 2.2 मिलियन छंटनी के बाद से सबसे ज्यादा सालाना कुल संख्या है. 2024 की इसी अवधि की तुलना में यह 54% की बढ़ोतरी कई वजहों से हुई है: धीमी ग्रोथ के बीच बड़े पैमाने पर कॉस्ट-कटिंग, AI और ऑटोमेशन को तेज़ी से अपनाना जिससे कई नौकरियां खत्म हो गईं और महामारी के बाद हायरिंग की होड़ के कारण ओवरस्टाफिंग जैसे सेक्टर-स्पेसिफिक दबाव.
हालांकि सरकारी और रिटेल सेक्टर में सबसे ज़्यादा छंटनी हुई, लेकिन टेक, स्टार्टअप और बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज़ और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर को बहुत ज़्यादा नुकसान हुआ, जिसका असर अमेरिका और भारत में साफ तौर पर महसूस किया गया. यह ईयर-एंड रिपोर्ट चैलेंजर, ग्रे एंड क्रिसमस, ट्रूअप और Inc42 जैसे ट्रैकर्स से डेटा लेकर इन छंटनी के पैमाने, भूगोल और कारणों पर प्रकाश डालती है. ये आंकड़े मुश्किल समय में लचीलेपन की कहानी बताते हैं अकेले अमेरिकी फर्मों ने 1.1 मिलियन से ज़्यादा घोषणाएं कीं, जबकि भारत के IT और स्टार्टअप इकोसिस्टम ने हजारों की संख्या में “साइलेंट लेऑफ” का सामना किया.

ग्लोबल लेऑफ लैंडस्केप 1.17 मिलियन से ज़्यादा का झटका

दुनिया भर में, जनवरी से अब तक कम से कम 4,286 कंपनियों ने बड़े पैमाने पर छंटनी की घोषणा की है, जिनमें टेक दिग्गज से लेकर मिड-साइज़ फर्म तक शामिल हैं. टेक सेक्टर इसका मुख्य केंद्र बनकर उभरा, जिसमें 683 ट्रैक किए गए इवेंट्स से 207,801 कर्मचारी प्रभावित हुए यानी रोज़ाना औसतन 613 छंटनी. यह सेक्टर में कई सालों से चल रही छंटनी का ही एक हिस्सा है, लेकिन 2025 में इसकी तीव्रता AI-संचालित एफिशिएंसी से और बढ़ गई, जहां जेनरेटिव मॉडल जैसे टूल्स ने कोडिंग, कस्टमर सर्विस और डेटा एनालिसिस जैसे कामों को ऑटोमेट कर दिया.

टेक के अलावा, रिटेल और वेयरहाउसिंग में भी छंटनी में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जिसमें US-केंद्रित डेटा से पता चलता है कि रिटेल में साल-दर-साल 145% की बढ़ोतरी हुई है. विश्व स्तर पर, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने एडवांस्ड इकोनॉमीज़ में बेरोज़गारी में 12% की वृद्धि दर्ज की, जिसका कुछ श्रेय इन कॉर्पोरेट कार्रवाइयों को जाता है. भारत जैसे उभरते बाजारों ने आउटसोर्सिंग पर निर्भरता के कारण इसका असर महसूस किया, जबकि यूरोप के रेगुलेटरी माहौल (जैसे प्लेटफॉर्म पर DSA जुर्माना) ने अप्रत्यक्ष रूप से टेक कंसोलिडेशन को बढ़ावा दिया। संयुक्त राज्य अमेरिका: 1.1 मिलियन छंटनी, सार्वजनिक क्षेत्र में बड़े बदलाव के कारण अमेरिका ने ग्लोबल टैली में टॉप पर रहा, अकेले अक्टूबर तक 1,099,500 नौकरियों में कटौती की घोषणा की – जो 2024 के 664,839 से 65% ज़्यादा है। नवंबर में 71,321 और नौकरियां कम हुईं, जिससे सालाना आंकड़ा 1.17 मिलियन से ज़्यादा हो गया.

भारत में IT में साइलेंट छंटनी और स्टार्टअप में उथल-पुथल

भारत में छंटनी की कहानी थोड़ी अलग थी लेकिन कम दर्दनाक नहीं थी, जिसमें “साइलेंट” एट्रीशन – नॉन-रिन्यूअल के कारण वॉलंटरी एग्जिट – औपचारिक घोषणाओं को छिपा रहा था. IT सर्विस सेक्टर, जो 283 बिलियन डॉलर का पावरहाउस है और 5 मिलियन लोगों को रोजगार देता है, ने AI अपस्किलिंग गैप और क्लाइंट-साइड लागत दबाव के कारण साल के आखिर तक 50,000 नौकरियों में कटौती का अनुमान लगाया है. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने 12,000 से ज़्यादा नौकरियों में कटौती की, जिसमें टेस्टिंग और पीपल मैनेजमेंट में मिड- से सीनियर-लेवल की भूमिकाओं को टारगेट किया गया, जो एक बड़े AI-आधारित बदलाव का संकेत है जो 2030 तक इंडस्ट्री में 500,000 नौकरियों को खत्म कर सकता है,
स्टार्टअप्स, जो H1 में $10 बिलियन की फंडिंग में उछाल से उत्साहित थे, फिर भी नवंबर तक 50 से ज़्यादा फर्मों में 6,716 कर्मचारियों की छंटनी की यह 2024 की तेज़ी से 52% की गिरावट है, लेकिन 2022-23 के बूम के दौरान ज़्यादा हायरिंग की एक कड़ी याद दिलाता है. एडटेक (जैसे, बायजू के बचे हुए हिस्से) और फिनटेक जैसे सेक्टर्स पर सबसे ज़्यादा असर पड़ा, Q1 में सिर्फ़ सात बड़े राउंड हुए जिनमें कुल 1,602 लोगों की छंटनी हुई. साल के बीच तक, H1 में छंटनी 67% घटकर 4,200 हो गई, क्योंकि वैल्यूएशन स्थिर होने के बीच हायरिंग 15% बढ़ गई.
Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing 3 months intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024. She Worked in Inkhabar Haryana 9 months there she cover full Haryana news. Currently In India News her speciality is hard news, lifestyle, entertainment, Business.

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