सर्वे के मुताबिक.62% मिलेनियल्स (Gen Z और मिलेनियल्स) सोने को सबसे सुरक्षित इन्वेस्टमेंट मानते हैं. ₹25,000 के इन्वेस्टमेंट के लिए, 61.9% ने म्यूचुअल फंड और स्टॉक मार्केट को पीछे छोड़ते हुए सोना.
सोने की कीमत
Gen Z Gold Investment: अगर 25,000 रुपये इन्वेस्ट करने हों, तो Gen Z और मिलेनियल्स क्या चुनेंगे? हां, आप सही हैं जवाब है सोना. असल में, कंज्यूमर रिसर्च फर्म स्मिटन पल्स AI के एक देशव्यापी सर्वे में, 62 प्रतिशत युवाओं ने सोने को सबसे सुरक्षित इन्वेस्टमेंट बताया, जबकि म्यूचुअल फंड, स्टॉक मार्केट और क्रिप्टो बहुत पीछे रह गए.
सर्वे में 18 से 39 साल के 5,000 लोगों का इंटरव्यू लिया गया. रिपोर्ट से पता चलता है कि सोने पर भरोसा तो मजबूत है, लेकिन खरीदने का तरीका बदल रहा है. युवा लोग अब पारंपरिक पारिवारिक फैसलों पर निर्भर रहने के बजाय, खुद थोड़ी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं.
लगभग 66.7% जवाब देने वालों ने कहा कि वे अब सोने की खरीद (इन्वेस्टमेंट) के बारे में खुद फैसला करते हैं. 61.9% ने बताया कि उनकी सबसे हाल की खरीद 5 ग्राम से कम थी. इसका मतलब है कि सोना अब सिर्फ शादियों तक ही सीमित नहीं है, यह एक फ्लेक्सिबल सेविंग्स इंस्ट्रूमेंट बन गया है जिसे पहली सैलरी और शुरुआती कमाई में शामिल किया जा सकता है.
अगर आज ₹25,000 इन्वेस्ट करने हैं, तो 61.9% सोना चुनेंगे. इसकी तुलना में, 16.6% ने म्यूचुअल फंड, 13% ने फिक्स्ड बॉन्ड, 6.6% ने स्टॉक मार्केट और सिर्फ़ 1.9% ने क्रिप्टो को चुना. आर्थिक मंदी के समय में, 65.7% युवाओं का मानना था कि सोना सबसे सुरक्षित ऑप्शन है.
फैसले लेने में पीढ़ियों का फर्क भी साफ था. 42.3% जवाब देने वालों ने कहा कि उन्होंने हाल ही में घर पर सोना खरीदना शुरू किया है, जबकि 40% ने इसका श्रेय माता-पिता या परिवार के बड़े सदस्यों को दिया. Gen Z ज्यादा आत्मनिर्भर लगता है, जबकि मिलेनियल्स अभी भी सोने को लंबे समय की पारिवारिक सुरक्षा से जोड़ते हैं.
खरीदारी के तरीकों में बदलाव भी साफ है. 27.5% लोगों ने 2 ग्राम से कम सोना खरीदा, जबकि 34.4% लोगों ने 2 से 5 ग्राम के बीच खरीदा. लगभग 42% परिवार अब सुबह और समय पर खरीदारी को प्राथमिकता देते हैं. खास बात यह है कि 24.3% लोगों ने अपनी पहली सोने की खरीदारी को अपनी पहली सैलरी से जोड़ा, जबकि 23.9% ने इसे इन्वेस्टमेंट का फैसला बताया. इसका मतलब है कि शादी अब अकेला एंट्री पॉइंट नहीं है.
खरीदारी के चैनल में भरोसा सबसे बड़ा फैक्टर है. 38.3% लोग बड़े ज्वेलरी स्टोर पसंद करते हैं, 34.7% लोकल ज्वैलर्स पर भरोसा करते हैं, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सिर्फ़ 5.2% लोग ही भरोसा करते हैं. शुद्धता और छिपे हुए चार्ज को लेकर चिंता बनी हुई है.
दिलचस्प बात यह है कि 67% से ज़्यादा लोगों को सोना खरीदने का पछतावा हुआ. इसकी मुख्य वजहें कीमत, फॉर्मेट का कन्फ्यूजन और जानकारी की कमी थीं.
फिर भी, 84% लोग अगले 12-24 महीनों में फिर से सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं. साफहै, पैटर्न बदल रहे हैं, लेकिन सोने पर भरोसा ही गोल्ड स्टैंडर्ड बना हुआ है.
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