भारत-US व्यापार समझौता: पहले भारतीय एक्सपोर्टर्स को US मार्केट में बांग्लादेश, वियतनाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, चीन और थाईलैंड जैसे देशों से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ता था. जो अब नहीं करना पड़ेगा.
भारत-US व्यापार समझौता
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच नए ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय एक्सपोर्टर्स को काफी राहत मिलने वाली है. इस एग्रीमेंट के तहत भारतीय डेयरी और दूसरे सेंसिटिव एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स को एग्रीमेंट के दायरे से बाहर रखा गया है. इसके अलावा 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा कीमत के भारतीय सामान को ज़ीरो ड्यूटी पर अमेरिका में एक्सपोर्ट करने की इजाजत होगी. टेक्सटाइल, लेदर, मरीन प्रोडक्ट्स, केमिकल्स और प्रोसेस्ड फ़ूड जैसे लेबर-इंटेंसिव भारतीय प्रोडक्ट्स पर US कस्टम ड्यूटी पहले दिन से ही 50% से घटाकर 18% कर दी जाएगी.
सूत्रों के मुताबिक रूस से तेल खरीदने पर भारतीय सामान पर लगाई गई 25% प्यूनिटिव ड्यूटी भी कुछ ही दिनों में हटा ली जाएगी. इसके अलावा लगभग 30 बिलियन डॉलर कीमत के लेबर-इंटेंसिव प्रोडक्ट्स पर लगाया गया 25% रेसिप्रोकल टैरिफ एग्रीमेंट के फॉर्मल होने के बाद घटाकर 18% कर दिया जाएगा.
पहले भारतीय एक्सपोर्टर्स को अमेरिका मार्केट में बांग्लादेश, वियतनाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, चीन और थाईलैंड जैसे देशों से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ता था. जहां इन देशों पर अमेरिका में 19–20% टैरिफ लगता था वहीं भारतीय प्रोडक्ट्स पर 50% तक टैरिफ लगता था. नए एग्रीमेंट के बाद भारतीय एक्सपोर्टर्स को 1–2% टैरिफ का फायदा मिलेगा जिससे उनकी कॉम्पिटिटिवनेस मजबूत होगी.
यूनियन कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि यह डील एग्रीकल्चर और डेयरी जैसे सेंसिटिव सेक्टर्स को पूरी तरह से प्रोटेक्ट करती है जबकि लेबर-इंटेंसिव और एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स को काफी फायदा होगा. उन्होंने इसे हर भारतीय के लिए गर्व का एग्रीमेंट बताया. इस बीच अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेम्सन ग्रीर ने कहा कि भारत अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर टैरिफ कम करने के लिए सहमत हो गया है जिसमें इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स पर टैरिफ 13.5% से घटकर जीरो हो जाएगा हालांकि एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए कुछ प्रोटेक्शन बनी रहेंगी.
यह एग्रीमेंट प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी और अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद हुआ. ट्रंप ने कहा कि भारत US का सामान खासकर एनर्जी प्रोडक्ट्स 500 बिलियन डॉलर से ज्यादा कीमत का खरीदेगा. यह खरीद अगले पांच सालों में पूरी होनी है. इस खरीद में एयरक्राफ्ट, क्रूड ऑयल, एलएनजी, सेमीकंडक्टर, डायमंड, हाई-टेक इक्विपमेंट और एआई कोलैबोरेशन शामिल हैं.
इस एग्रीमेंट के तहत भारत को अमेरिका को लगभग 10 बिलियन डॉलर के सामान पर एक्स्ट्रा जीरो-ड्यूटी एक्सपोर्ट का मौका मिल सकता है. फार्मास्यूटिकल्स और मोबाइल फोन पहले से ही ड्यूटी-फ्री हैं और आगे भी रहेंगे. हालांकि कुछ प्रोडक्ट्स, जैसे स्टील, एल्युमीनियम और ऑटो, WTO सेफगार्ड ड्यूटी के तहत आते रहेंगे.
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