RBI Credit Card Rule 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वालों को एक बड़ी राहत देते हुए नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं. नए नियमों के अनुसार, अब पेमेंट में देरी होने पर तुरंत जुर्माना नहीं लगेगा, बल्कि ग्राहकों को तीन दिनों का एक्स्ट्रा समय दिया जाएगा. यह बदलाव ‘क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड निर्देश, 2026 का हिस्सा हैं, जिसका मकसद पेनल्टी और क्रेडिट रिपोर्टिंग के तरीकों को और बेहतर बनाना है.
तीन दिन की मिलेगी मोहलत
अब अगर आप ड्यू डेट पर पेमेंट करना भूल जाते हैं, तो आपका अकाउंट तुरंत ओवरड्यू नहीं माना जाएगा. आरबीआई ने कार्ड जारी करने वाली कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों को तीन दिन का बफर टाइम दें. इस दौरान न तो आपसे लेट फीस ली जाएगी और न ही आपको डिफाल्टर माना जाएगा. पहले कई बार ड्यू डेट निकलते ही भारी-भरकम जुर्माना लगा दिया जाता था. लेकिन अब नियम यह है कि लेट पेमेंट फीस तभी वसूली जा सकती है, जब ये तीन दिन का ग्रेस पीरियड भी खत्म हो जाए. यानी भूलने की स्थिति में आपके पास खुद को संभालने का थोड़ा समय होगा.
अब सिर्फ बचे हुए पैसे पर लगेगा जुर्माना
यह एक बहुत बड़ी राहत है. अब तक अक्सर पूरी बिल राशि पर पेनल्टी लगा दी जाती थी, चाहे आपने आधा भुगतान ही क्यों न किया हो. नए नियमों के तहत, लेट फीस केवल उसी राशि पर लगेगी जो चुकाई नहीं गई है, न कि पूरे बिल पर. इससे जुर्माना काफी कम और वाजिब हो जाएगा.
क्रेडिट स्कोर पर असर
अक्सर एक दिन की देरी भी आपके सिबिल को बिगाड़ देती थी. अब राहत यह है कि जब तक पेमेंट में तीन दिन से ज्यादा की देरी नहीं होती, बैंक इसकी जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को नहीं देंगे. यानी छोटी सी देरी अब आपके क्रेडिट रिकॉर्ड को खराब नहीं करेगी.
भले ही जुर्माना तीन दिन बाद लगे लेकिन आपकी ड्यू डेट (तय तारीख) नहीं बदली है. ब्याज की गणना और बिलिंग साइकिल पुराने तरीके से ही चलेगी. आसान शब्दों में कहें तो, यह बफर सिर्फ जुर्माने से बचने के लिए है, पेमेंट टालने के लिए नहीं.
कब से लागू होंगे ये नियम?
ये नए नियम 1 अप्रैल, 2027 से प्रभावी होंगे. आरबीआई ने बैंकों और क्रेडिट कार्ड कंपनियों को पर्याप्त समय दिया है ताकि वे अपने सिस्टम और सॉफ्टवेयर में ये बदलाव कर सकें.