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धारावी रीडेवलपमेंट को मिली रफ्तार,BMC ने शुरू की शाहूनगर निवासियों के पुनर्स्थापन की प्रक्रिया

Dharavi Redevelopment Project: शाहूनगर में रहने वाले लगभग 900 BMC किरायेदारों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित होना पड़ेगा.एक सरकारी अधिकारी ने कहा, "जो लोग ट्रांजिट आवास चुनेंगे उन्हें धारावी के सेक्टर 5 में स्थित MHADA इमारतों में घर दिए जाएंगे.

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Last Updated: June 12, 2026 13:34:08 IST

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Dharavi Redevelopment Project: धारावी पुनर्विकास परियोजना अब जमीन पर लागू होने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गई है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शाहूनगर के निवासियों को अपने घर खाली करने के लिए नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है ताकि पुनर्विकास का काम आगे बढ़ाया जा सके.

प्रेस रिलीज़ के अनुसार यह कदम पिछले महीने DRP/SRA द्वारा सेक्टर 6 के निवासियों को जारी किए गए इसी तरह के नोटिसों के बाद उठाया गया है. वहां परिवारों को पहले से ही किराए के मकानों या ट्रांजिट आवास में अस्थायी रूप से स्थानांतरित होने की तैयारी करने को कहा गया था.

जल्द दिए जाएंगे स्थायी घर

सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इसका उद्देश्य धारावी के भीतर जमीन खाली कराना है ताकि पुनर्वास और पुनर्निर्माण का काम तेज़ी से किया जा सके और निवासियों को जल्द से जल्द स्थायी घर दिए जा सकें.

2028 तक 10000 घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य

रिलीज़ में कहा गया है कि यह कदम महाराष्ट्र सरकार और संबंधित सरकारी एजेंसियों की उस सामूहिक मंशा को भी दर्शाता है, जिसके तहत परियोजना को योजना के चरण से निकालकर जमीन पर लागू किया जा रहा है और पुनर्विकास कार्य में तेजी लाई जा रही है.मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया निर्देश, जिसमें वर्ष 2028 तक 10,000 घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, के बाद इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.

900 किराएदारों को होना पड़ेगा स्थानांतरित

शाहूनगर में रहने वाले लगभग 900 BMC किरायेदारों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित होना पड़ेगा.एक सरकारी अधिकारी ने कहा, “जो लोग ट्रांजिट आवास चुनेंगे उन्हें धारावी के सेक्टर 5 में स्थित MHADA इमारतों में घर दिए जाएंगे. इस विकल्प को चुनने वाले परिवारों के लिए DRP और NMDPL ने लगभग 500 MHADA आवास पहले से तैयार रखे हैं. बाकी लोगों के पास किराए के मकान का विकल्प होगा.”

पांच साल के भीतर उसी इलाके में नया घर

अधिकारी ने आगे कहा “निवासियों के घर खाली करने से पहले उनके साथ एक समझौता किया जाएगा जिसमें अस्थायी स्थानांतरण और पुनर्वास से जुड़े अधिकारों और शर्तों का उल्लेख होगा. शाहूनगर के निवासियों को निर्माण कार्य शुरू होने के प्रमाणपत्र (Commencement Certificate) के पांच साल के भीतर उसी इलाके में उनके नए और स्थायी घर दिए जाएंगे.”

बेहतर गुणवत्ता वाले फ्लैट

ट्रांजिट आवास बड़े और बेहतर गुणवत्ता वाले फ्लैट हैं जो वर्तमान में कई लोगों के मौजूदा घरों से बेहतर रहने की सुविधा प्रदान करते हैं. इनका रखरखाव पूरी तरह DRP/NMDPL द्वारा किया जाएगा. अधिकारी ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थायी घर तैयार होने तक निवासियों को सुरक्षित और आरामदायक रहने की सुविधा मिलती रहे.

22,000 रुपये किराया

रिलीज़ के अनुसार पुनर्स्थापन पैकेज के तहत 275 वर्ग फुट तक के घरों में रहने वाले परिवारों को हर महीने 22,000 रुपये किराया सहायता दी जाएगी, जबकि 375 वर्ग फुट के घरों में रहने वाले परिवारों को हर महीने 30,000 रुपये मिलेंगे.

अधिकारी ने बताया, “किराया सहायता में हर साल 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी. इसके अलावा, चाहे परिवार किराए का मकान चुने या ट्रांजिट आवास, प्रत्येक परिवार को एक बार के लिए 15,000 रुपये का स्थानांतरण भत्ता भी दिया जाएगा.”

धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत शाहूनगर के निवासियों को कम से कम 500 वर्ग फुट का नया घर या उनके मौजूदा घर के कारपेट एरिया का 1.35 गुना बड़ा घर मिलेगा, जो भी अधिक होगा.

अधिकारी ने कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया लोगों के लिए सुविधाजनक रहे, उनकी चिंताओं का समाधान हो और उन्हें कम से कम असुविधा हो. इसका मुख्य उद्देश्य चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू करना और स्थायी पुनर्वास एवं नवीनीकरण वाले घरों को जल्द से जल्द निवासियों तक पहुंचाना 

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Dharavi Redevelopment Project: धारावी पुनर्विकास परियोजना अब जमीन पर लागू होने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ गई है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शाहूनगर के निवासियों को अपने घर खाली करने के लिए नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है ताकि पुनर्विकास का काम आगे बढ़ाया जा सके.

प्रेस रिलीज़ के अनुसार यह कदम पिछले महीने DRP/SRA द्वारा सेक्टर 6 के निवासियों को जारी किए गए इसी तरह के नोटिसों के बाद उठाया गया है. वहां परिवारों को पहले से ही किराए के मकानों या ट्रांजिट आवास में अस्थायी रूप से स्थानांतरित होने की तैयारी करने को कहा गया था.

जल्द दिए जाएंगे स्थायी घर

सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इसका उद्देश्य धारावी के भीतर जमीन खाली कराना है ताकि पुनर्वास और पुनर्निर्माण का काम तेज़ी से किया जा सके और निवासियों को जल्द से जल्द स्थायी घर दिए जा सकें.

2028 तक 10000 घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य

रिलीज़ में कहा गया है कि यह कदम महाराष्ट्र सरकार और संबंधित सरकारी एजेंसियों की उस सामूहिक मंशा को भी दर्शाता है, जिसके तहत परियोजना को योजना के चरण से निकालकर जमीन पर लागू किया जा रहा है और पुनर्विकास कार्य में तेजी लाई जा रही है.मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया निर्देश, जिसमें वर्ष 2028 तक 10,000 घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, के बाद इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.

900 किराएदारों को होना पड़ेगा स्थानांतरित

शाहूनगर में रहने वाले लगभग 900 BMC किरायेदारों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित होना पड़ेगा.एक सरकारी अधिकारी ने कहा, “जो लोग ट्रांजिट आवास चुनेंगे उन्हें धारावी के सेक्टर 5 में स्थित MHADA इमारतों में घर दिए जाएंगे. इस विकल्प को चुनने वाले परिवारों के लिए DRP और NMDPL ने लगभग 500 MHADA आवास पहले से तैयार रखे हैं. बाकी लोगों के पास किराए के मकान का विकल्प होगा.”

पांच साल के भीतर उसी इलाके में नया घर

अधिकारी ने आगे कहा “निवासियों के घर खाली करने से पहले उनके साथ एक समझौता किया जाएगा जिसमें अस्थायी स्थानांतरण और पुनर्वास से जुड़े अधिकारों और शर्तों का उल्लेख होगा. शाहूनगर के निवासियों को निर्माण कार्य शुरू होने के प्रमाणपत्र (Commencement Certificate) के पांच साल के भीतर उसी इलाके में उनके नए और स्थायी घर दिए जाएंगे.”

बेहतर गुणवत्ता वाले फ्लैट

ट्रांजिट आवास बड़े और बेहतर गुणवत्ता वाले फ्लैट हैं जो वर्तमान में कई लोगों के मौजूदा घरों से बेहतर रहने की सुविधा प्रदान करते हैं. इनका रखरखाव पूरी तरह DRP/NMDPL द्वारा किया जाएगा. अधिकारी ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थायी घर तैयार होने तक निवासियों को सुरक्षित और आरामदायक रहने की सुविधा मिलती रहे.

22,000 रुपये किराया

रिलीज़ के अनुसार पुनर्स्थापन पैकेज के तहत 275 वर्ग फुट तक के घरों में रहने वाले परिवारों को हर महीने 22,000 रुपये किराया सहायता दी जाएगी, जबकि 375 वर्ग फुट के घरों में रहने वाले परिवारों को हर महीने 30,000 रुपये मिलेंगे.

अधिकारी ने बताया, “किराया सहायता में हर साल 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी. इसके अलावा, चाहे परिवार किराए का मकान चुने या ट्रांजिट आवास, प्रत्येक परिवार को एक बार के लिए 15,000 रुपये का स्थानांतरण भत्ता भी दिया जाएगा.”

धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत शाहूनगर के निवासियों को कम से कम 500 वर्ग फुट का नया घर या उनके मौजूदा घर के कारपेट एरिया का 1.35 गुना बड़ा घर मिलेगा, जो भी अधिक होगा.

अधिकारी ने कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया लोगों के लिए सुविधाजनक रहे, उनकी चिंताओं का समाधान हो और उन्हें कम से कम असुविधा हो. इसका मुख्य उद्देश्य चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू करना और स्थायी पुनर्वास एवं नवीनीकरण वाले घरों को जल्द से जल्द निवासियों तक पहुंचाना 

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