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Silver Import Rules Change: सोने के बाद अब चांदी को लेकर सरकार ने बदल दिया नियम, जानें क्या पड़ेगा असर

Silver Import Rules Change: चांदी के व्यापार पर बड़ा फैसला लेते हुए केंद्र सरकार ने नियम बदल दिए हैं.

Silver Import Rules Change: जो भी चीज देश में पैदा नहीं होती और उसे आयात करना पड़ता है तो  उसके लिए हमें भारी कीमत चुकानी पड़ती है. भारतीय मुद्रा भी विदेश जाती है. यही वजह है कि केंद्र सरकार सोने-चांदी की खरीद को नए नियम बना रही है, जिससे यह देश हित में हो. पिछले दिनों केंद्र सरकार ने सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई थी, लेकिन अब सरकार ने चांदी को लेकर भी बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है. 
शनिवार (16 मई, 2026) को विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने चांदी के बार यानी ईंट के दो कोड 71069221 और 71069229 को फ्री कैटेगरी से हटाकर वर्जित कैटेगरी में डाल दिया है. इसका मतलब यह है कि कोई भी कारोबारी/व्यापारी अब सीधे बाहर से चांदी की ईंट नहीं मंगा सकता.

किन 3 रास्तों से आएगी चांदी की ईंट

पहला रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया नामित बैंक के जरिये चांदी की ईंट आएगी और दूसरा डीजीएफटी की नामित एजेंसियों के जरिये लाई जा सकेगी. आखिर में या कहें तीसरा तरीका है- इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी यानी IFSCA से मंजूर योग्य जौहरी, जो इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) के जरिए आयात करेंगे.

तत्काल लागू हुआ फैसला

 यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. इसका मतलब शनिवार (16 मई, 2026) को DGFT के महानिदेशक लव अग्रवाल की तरफ से जारी इस नोटिफिकेशन ने बुलियन मार्केट और ज्वैलरी सेक्टर में हलचल तेज कर दी है. इसका असर सोमवार को बाजार खुलने के बाद नजर आएगा. हो सकता है कि सोने के दामों में गिरावट देखने को मिलेगी.

जानकारों की मानें तो सोने के आयात पर सख्ती बरतने के बाद अब केंद्र सरकार ने चांदी (Silver) के आयात नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है. सरकार का मकसद भारतीय मुद्रा का बाहर जाने से रोकना है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक अहम नोटिफिकेशन जारी किया है. इसमें चांदी के कुछ खास उत्पादों के आयात (Import) को ‘फ्री’ से हटाकर ‘प्रतिबंधित’श्रेणी में डाल दिया है. 

JP YADAV

जेपी यादव डेढ़ दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वह प्रिंट और डिजिटल मीडिया, दोनों में समान रूप से पकड़ रखते हैं. मनोरंजन, साहित्य और राजनीति से संबंधित मुद्दों पर कलम अधिक चलती है. अमर उजाला, दैनिक जागरण, दैनिक हिंदुस्तान, लाइव टाइम्स, ज़ी न्यूज और भारत 24 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं.कई बाल कहानियां भी विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं. सामाजिक मुद्दों पर 'रेडी स्टडी गो' नाटक हाल ही में प्रकाशित हुआ है. टीवी और थिएटर के प्रति गहरी रुचि रखते हुए जेपी यादव ने दूरदर्शन पर प्रसारित धारावाहिक 'गागर में सागर' और 'जज्बा' में सहायक लेखक के तौर पर योगदान दिया है. इसके अलावा, उन्होंने शॉर्ट फिल्म 'चिराग' में अभिनय भी किया है. वर्तमान में indianews.in में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत हैं.

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