Silver Investment: चांदी की कीमतों में हाल के उतार-चढ़ाव के बीच, बड़ा सवाल यह है कि आपको चांदी में किस तरह से इन्वेस्ट करना चाहिए? सिक्के, बिस्किट, ज्वेलरी या बर्तन?
चांदी निवेश
हाल के दिनों में चांदी की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. कई इन्वेस्टर इस मौके का फायदा उठाकर खरीदने के लिए बेताब हैं. हालांकि, हर तरह से चांदी खरीदना फायदेमंद नहीं है.
चांदी की कीमतों में हाल के उतार-चढ़ाव के बीच, बड़ा सवाल यह है कि आपको चांदी में किस तरह से इन्वेस्ट करना चाहिए? सिक्के, बिस्किट, ज्वेलरी या बर्तन? एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही ऑप्शन चुनना ही असली फायदे की चाबी है.
प्योर इन्वेस्टमेंट के नजरिए से, सिक्के और बिस्किट सबसे अच्छे माने जाते हैं. इनकी प्योरिटी 99.9% तक हो सकती है. इनमें बहुत कम या कोई मैन्युफैक्चरिंग चार्ज नहीं लगता है. हालांकि, आमतौर पर 1-3% का मैन्युफैक्चरिंग चार्ज लगता है. सेल पर डिस्काउंट भी बहुत कम होता है.
टैक्स गणना:
खरीदने पर आपको 3% GST देना होगा. अगर आप तीन साल के अंदर बेचते हैं, तो आपको शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स (आपके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार) देना पड़ सकता है. अगर आप तीन साल बाद बेचते हैं, तो आपको 20% (इंडेक्सेशन के साथ) लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ सकता है.
उदाहरण के लिए, अगर आप 1 लाख रुपये (GST मिलाकर 1,03,000 रुपये) की चांदी खरीदते हैं और तीन साल बाद उसे 1.50 लाख रुपये में बेचते हैं, तो प्रॉफिट पर 20% (इंडेक्सेशन के बाद) टैक्स लगेगा.
ज्वेलरी आकर्षक होती है, लेकिन इन्वेस्टमेंट के तौर पर कम फायदेमंद होती है. मेकिंग चार्ज 8% से 20% तक होता है बेचने पर ये चार्ज वापस नहीं किए जाते.
और प्योरिटी अक्सर 92.5% (स्टर्लिंग सिल्वर) जितनी ज़्यादा होती है. सिल्वर के सिक्कों और बार की तरह, इस पर भी 3% GST लगता है, लेकिन बेचने पर अक्सर 5-10% का डिस्काउंट मिल सकता है. इसका मतलब है कम प्रॉफिट.
चांदी के बर्तनों का मेकिंग चार्ज ज्वेलरी के मुकाबले कम होता है, लेकिन सिक्कों के मुकाबले ज़्यादा होता है. प्योरिटी अलग-अलग हो सकती है. रीसेल वैल्यू स्टोर पर निर्भर करती है. टैक्स के नियम ज्वेलरी जैसे ही हैं, जिसमें खरीदने पर 3% GST और बेचने पर कैपिटल गेन टैक्स लगता है.
अगर आप चांदी गिफ्ट करते हैं, तो न तो खरीदने वाले पर और न ही पाने वाले पर GST लगता है (खरीद पर टैक्स लगता है), लेकिन परिवार के सदस्यों को दिए गए गिफ्ट पर इनकम टैक्स नहीं लगता.
चांदी की तेजी के इस समय में, खरीदने से पहले मेकिंग चार्ज, प्योरिटी और टैक्स को समझना जरूरी है. सही तरीका चुनने से यह पक्का होगा कि आपको तेज़ी का पूरा फ़ायदा मिले, नहीं तो मेकिंग चार्ज और टैक्स आपके मुनाफ़े को खत्म कर सकते हैं.
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