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Zee ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें! 1,322 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप, CBI ने दर्ज की FIR

LIC हाउसिंग फाइनेंस की शिकायत पर CBI ने ज़ी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा और 3 अन्य के खिलाफ 1,322 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. आरोप है कि उन्होंने फर्जी नेटवर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर करोड़ों का लोन लिया और बाद में उतनी संपत्ति होने से इनकार कर दिया.

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और ज़ी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. CBI ने उनके और तीन अन्य लोगों के खिलाफ 1,322 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. यह कार्रवाई LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (LICHFL) की शिकायत पर की गई है. LICHFL ने सुभाष चंद्रा, पंकज सुरोलिया, अमिश पांड्या और राजीव ढोलकिया पर गलत वित्तीय जानकारी देकर धोखाधड़ी और साज़िश रचने का आरोप लगाया है.

क्या है पूरा मामला?

LICHFL के अनुसार, सुभाष चंद्रा ने 2018 में एक नेटवर्थ सर्टिफिकेट जमा किया था, जिसमें उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 59,113 करोड़ रुपये बताई थी. इसी सर्टिफिकेट के आधार पर M/s वसंत सागर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और उनसे जुड़ी अन्य कंपनियों को कर्ज दिया गया था.

LICHFL का आरोप है कि सुभाष चंद्रा ने बाद में दिवालियापन की कार्यवाही के दौरान दिए बयान में इस बात से साफ इनकार कर दिया कि उनकी संपत्ति कभी 50,000 करोड़ रुपये से अधिक थी. इस वजह से कंपनी ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कराया है.

LICHFL की शिकायत में क्या-क्या कहा गया है?

LICHFL ने CBI को दी अपनी शिकायत में कहा, ‘वसंत सागर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और पैन इंडिया इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (सह-उधारकर्ता) को बिजनेस विस्तार के तहत 500 करोड़ रुपये का लोन दिया गया था. यह लोन सुभाष चंद्रा द्वारा 28 मार्च 2018 को निष्पादित ‘लेटर ऑफ कंटीन्यूइंग गारंटी’ द्वारा सुरक्षित था. इसी तरह, डिजिटल सब्सक्राइबर मैनेजमेंट एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और स्पिरिट इंफ्रा पावर एंड मल्टी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को 480 करोड़ रुपये की लोन सुविधा दी गई, जो 10 अगस्त 2018 को सुभाष चंद्रा द्वारा निष्पादित गारंटी पत्र द्वारा सुरक्षित थी.’

लोन लेते समय नेटवर्थ 59,113.21 करोड़ दिखाई गई

शिकायत में आगे बताया गया, ‘वसंत सागर लोन सुविधा 28 मार्च 2018 को DIM & Co द्वारा जारी नेटवर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर दी गई थी, जिसमें 31 मार्च 2017 तक उनकी कुल संपत्ति लगभग 59,113.21 करोड़ रुपये प्रमाणित की गई थी. इसी तरह, डिजिटल लोन सुविधा 6 जुलाई 2018 को चार्टर्ड अकाउंटेंट्स MPJ & Co द्वारा जारी नेटवर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर दी गई थी, जिसमें उनकी कुल संपत्ति 40,562 करोड़ रुपये प्रमाणित की गई थी.’

शिकायत के मुताबिक, ‘इसके बाद, दोनों लोन सुविधाओं में डिफॉल्ट (चूक) हुआ. सुभाष चंद्रा के व्यक्तिगत दिवालियापन समाधान के लिए इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), 2016 के तहत हुई कार्यवाही के दौरान, उन्होंने नेटवर्थ सर्टिफिकेट में बताई गई संपत्ति होने से साफ इनकार कर दिया, जिसे उन्होंने लोन स्वीकृत कराने के लिए जमा किया था.’

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है, ‘कार्यवाही के दौरान, उन्होंने कहा कि 2024 में उनकी कुल संपत्ति केवल 31.79 करोड़ रुपये है और यह भी कहा कि 2017-18 में भी उनकी कुल संपत्ति 40,000 करोड़ रुपये से अधिक नहीं थी.’

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रीपेमेंट प्लान पर सुभाष चंद्रा ने क्या कहा था?

इससे पहले ज़ी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा ने 27 अगस्त को एक बयान जारी किया. जिसमें कहा गया था कि उन्होंने किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान से सीधे पैसे नहीं लिए हैं, बल्कि वे सिर्फ पर्सनल गारंटर की भूमिका में थे. 

सुभाष चंद्रा का कहना है कि इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया में उन पर पर्सनल गारंटर के रूप में केवल 3,992 करोड़ रुपये का दावा बनता है, न कि 22,000 करोड़ रुपये का. इसमें से 620 करोड़ रुपये का निपटारा हो चुका है और 1,063 करोड़ रुपये का भुगतान करने का प्रस्ताव दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि जिन कंपनियों के लिए उन्होंने गारंटी दी थी, वे अब तक 43,000 करोड़ रुपये चुका चुकी हैं और बाकी बकाया भी जल्द चुकाने का आश्वासन दिया है.

Shivani Singh

नमस्ते, मैं हूँ शिवानी सिंह. पिछले 5 से अधिक वर्षों से डिजिटल मीडिया में सब-एडिटर, एंकर और कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में सक्रिय हूँ. 'Chakde Cricket', 'InKhabar' और 'Bihari News' जैसे प्रमुख मीडिया हाउसों में काम करने के बाद, वर्तमान में मैं 'इंडिया न्यूज़' में अपनी सेवाएँ दे रही हूँ. क्रिकेट के मैदान से जुड़ी इनसाइड स्टोरीज़, मैच एनालिसिस और आंकड़ों की बारीकियों को डिकोड करना मेरी मुख्य विशेषज्ञता है. क्रिकेट के अलावा, मैं बिजनेस/फाइनेंस (मार्केट ट्रेंड्स, सरकारी योजनाएं और पर्सनल फाइनेंस), राजनीति और बॉलीवुड के ज्वलंत मुद्दों पर भी पैनी नज़र रखती हूँ. मेरा उद्देश्य हर जटिल विषय को आपके लिए आसान भाषा में प्रस्तुत करना है.

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