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OBC क्रीमी लेयर का दर्जा केवल Income के आधार पर नहीं किया जा सकता तय, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

उन्होंने कहा कि क्रीमी लेयर को बाहर करने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि OBC वर्ग के तहत आने वाले उन लोगों के लिए बनाई गई योजनाओं और लाभों का फायदा न उठा पाएं, जो लोग असल में पिछड़े लोगों के लिए है.

OBC Creamy Layer: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को OBC में क्रीमी लेयर को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट द्वारा यह कहा गया है कि क्रीमी लेयर तय करने के लिए इनकम केवल अकेला क्राइटेरिया नहीं हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आर महादेवन की बेंच ने कहा कि 1993 के ऑफिस मेमोरेंडम के मानदंडों को नजरअंदाज करके केवल इनकम के आधार पर Creamy Layer का निर्णय लेना कानूनी रूप से अस्थिर है.

उन्होंने कहा कि क्रीमी लेयर को बाहर करने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि OBC वर्ग के तहत आने वाले उन लोगों के लिए बनाई गई योजनाओं और लाभों का फायदा न उठा पाएं, जो लोग असल में पिछड़े लोगों के लिए है. 

क्या है क्रीमी लेयर?

यह समझ लेना जरूरी है आखिर क्रीमी लेयर क्या होता है, जिसे SC-ST आरक्षण में लागू करने की मांग की जा रही है. आसान शब्दों में समझें तो क्रीमी लेयर एक अन्य पिछड़ा समाज है, जो खासतौर पर उस वर्ग को दर्शाता है, जिस परिवार की सालाना इनकम 8 लाख रुपये से ज्यादा है. इसके तहत उनके माता पिता के उच्च स्तर की सरकारी नौकरियों और संवैधानिक दों को भी देखा जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इनके मापदंडों में कुछ बदलाव किए हैं, जिसे लागू किए जाने की बात कही जा रही है. 

सुप्रीम कोर्ट ने किया बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की सभी अपीलो को खारिज कर दिया है. क्रीमी लेयर का निर्धारण केवल अर्निंग या इनकम के ब्रैकेट से नहीं, बल्कि पोस्ट और सेवा की कैटेगिरी के बेस पर होना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि अन्य पिछड़े वर्गों में क्रीमी लेयर चय करना का तरीका भी एक जैसा ही होना चाहिए. इसके तहत सरकारी कर्मचारियों की ही तरह पब्लिक सेक्टर यानि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के बच्चों के लिए भी यह तरीका एक ही जैसा होना चाहिए. इसके अलावा PSU कर्मचारियों के बच्चों के मामले में भी केवल सैलरी को एकमात्र आधार नहीं बनाया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा का 3-3 हाई कोर्ट के फैसलों के खिलाफ होने के बाद खटखटाया था.

Kunal Mishra

कुनाल इंडिया न्यूज में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रहे हैं. इनकी ऑटो और टेक पर काफी अच्छी पकड़ है. कुनाल पत्रकारिता में पिछले 6 साल से ज्यादा समय से सक्रिय हैं. इन्हें टेक-ऑटो की खबरों पर महारत हासिल है. ये वायरल खबरों के साथ बिजनेस सेक्शन पर भी काम करते हैं.

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