Indian Army Story: भारतीय सेना के एजुकेशन कोर के तहत लखनऊ के कैप्टन मनोज कुमार पांडे यूपी सैनिक स्कूल को पहली बार महिला नेतृत्व मिला, जहां 47 वर्षीय कर्नल सीमा मिश्रा ने प्रिंसिपल बनकर इतिहास रच दिया है.
Indian Army Story: भारतीय सेना के अंतर्गत सैनिक स्कूल का संचालन किया जाता है. इसके तहत सेना अपने एजुकेशन कोर के जरिए अपने ऑफिसर को अलग-अलग स्कूल में ट्रांसफर करते रहती हैं. अभी हाल ही लखनऊ स्थित कैप्टन मनोज कुमार पांडे उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल में पहली बार एक महिला सेना अधिकारी को नियुक्त किया है. 47 वर्षीय कर्नल सीमा मिश्रा (Colonel Seema Mishra) ने स्कूल की प्रिंसिपल के रूप में कार्यभार संभालते हुए इतिहास रच दिया. 65 साल पुराने इस प्रतिष्ठित संस्थान की कमान संभालने वाली वह पहली महिला अधिकारी हैं.
कर्नल सीमा मिश्रा ने कर्नल राजेश राघव से कार्यभार संभाला, जो जनवरी 2021 से इस पद पर कार्यरत थे. सैनिक स्कूल सोसाइटी (रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत) द्वारा 30 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत उनकी नियुक्ति को दो साल की प्रतिनियुक्ति के लिए मंजूरी दी गई.
उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल की स्थापना वर्ष 1960 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद ने की थी. यह स्कूल वर्ष 2018 में उस समय चर्चा में आया जब यह लड़कियों को कैडेट के रूप में प्रवेश देने वाला भारत का पहला सैनिक स्कूल बना. इसकी शुरुआत 15 छात्राओं से हुई थी.
कर्नल मिश्रा को 2003 में आर्मी एजुकेशनल कोर में कमीशन मिला था. उनके पास 22 वर्षों का समृद्ध सेवा अनुभव है. यूपी सैनिक स्कूल से पहले वह राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, बेलगाम में प्रशासनिक अधिकारी, सैनिक स्कूल कपूरथला में वाइस-प्रिंसिपल और इंडियन मिलिट्री एकेडमी, देहरादून में इंस्ट्रक्टर के रूप में तैनात होने वाली पहली महिला अधिकारी रह चुकी हैं. उनकी सेवाओं के लिए उन्हें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया जा चुका है.
अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए कर्नल मिश्रा ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में अधिक से अधिक कैडेट्स का चयन सुनिश्चित करना है. उन्होंने लड़कों और लड़कियों दोनों को समान अवसर देने और उनकी तैयारी को मजबूत करने का भरोसा दिलाया.
कर्नल मिश्रा ने बताया कि 26 जनवरी को लखनऊ में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में सैनिक स्कूल बैंड को बेस्ट मार्चिंग स्कूल बैंड चुना गया, जबकि स्कूल के मार्चिंग दस्ते ने तीसरा स्थान हासिल किया. इसके अलावा, 6 फरवरी को स्कूल का एक डेलिगेशन गवर्नर से मिले, जिसमें दो महिला कैडेट्स सहित NDA जॉइन करने वाले आठ कैडेट्स शामिल थे. कर्नल सीमा मिश्रा का नेतृत्व न सिर्फ स्कूल के लिए बल्कि देश की सैन्य शिक्षा में महिला नेतृत्व का एक प्रेरणादायक अध्याय साबित हो रहा है.
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