UPSC अभ्यर्थी शिखा गौतम ने रिजल्ट में नाम देखकर जल्दबाजी में जश्न मना लिया. बाद में पता चला कि चयन हरियाणा की किसी दूसरी शिखा का हुआ था.
UPSC Result Misunderstanding: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली UPSC अभ्यर्थी शिखा गौतम इन दिनों एक अनोखी वजह से चर्चा में हैं. उन्होंने 6 मार्च को घोषित हुए UPSC सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम में अपना नाम देखकर जल्दबाजी में सफलता का जश्न मना लिया. परिवार और रिश्तेदारों के साथ खुशी मनाने के बाद बाद में पता चला कि जिस नाम को उन्होंने अपना समझा था, वह दरअसल हरियाणा के रोहतक की किसी दूसरी उम्मीदवार का था.
रिजल्ट की PDF में अपना नाम देखकर शिखा गौतम बेहद खुश हो गईं और उन्होंने तुरंत अपने परिवार को यह खबर दी. हालांकि इस दौरान उन्होंने एक जरूरी बात रोल नंबर की जांच पर ध्यान नहीं दिया. परिवार ने भी इस खुशी को बड़ी उपलब्धि मानते हुए जश्न मनाना शुरू कर दिया. बुलंदशहर में करीब 1,200 लोगों के साथ एक बड़ा समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मिठाइयां बांटी गईं और “जीत का जुलूस” भी निकाला गया. मीडिया में भी उनकी कहानी तेजी से फैल गई, जहां उन्हें एक चपरासी की बेटी के रूप में दिखाया गया जिसने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक UPSC पास कर ली है.
शिखा के भाई ने स्थानीय मीडिया को बताया था कि उनकी बहन ने दूसरे प्रयास में 113वीं रैंक हासिल की है और वह बचपन से पढ़ाई में काफी तेज रही हैं. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में किसी ने यह नहीं देखा कि शिखा गौतम ने तो UPSC सिविल सेवा परीक्षा की मुख्य परीक्षा (Mains) भी पास नहीं की थी. ऐसे में उनका अंतिम चयन होना संभव ही नहीं था.
कुछ समय बाद जब वास्तविकता सामने आई तो पता चला कि जिस उम्मीदवार का चयन हुआ था, वह हरियाणा के रोहतक की दूसरी शिखा थीं. इसके बाद शिखा गौतम ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी. उन्होंने बताया कि उन्होंने रिजल्ट PDF में केवल नाम देखा था और रोल नंबर की पुष्टि नहीं की थी.
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में शिखा गौतम ने कहा कि जिस उम्मीदवार का चयन हुआ है, वह कोई दूसरी शिखा है. हमारा नाम एक जैसा है और मैंने सिर्फ नाम देखकर ही रिजल्ट मान लिया. रोल नंबर नहीं देखना मेरी गलती थी.
यह पहला मामला नहीं है जब UPSC रिजल्ट को लेकर इस तरह की गलतफहमी सामने आई हो. इससे पहले बिहार के आरा की आकांक्षा सिंह ने भी दावा किया था कि उन्होंने UPSC CSE 2025 में 301वीं रैंक हासिल की है. बाद में आयोग ने स्पष्ट किया कि असली उम्मीदवार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की एक स्त्री रोग विशेषज्ञ थीं.
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम 6 मार्च को घोषित किए गए थे. इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने AIR 1 हासिल किया, जबकि राजेश्वरी सुवे एम दूसरे और आकांक्ष ढुल तीसरे स्थान पर रहे. यह घटना उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख भी है कि किसी भी रिजल्ट को लेकर उत्साह में आने से पहले रोल नंबर और अन्य विवरणों की सही तरह से जांच करना बेहद जरूरी है.
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