Avesh Khan Controversy: जब सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आखिरी ओवर में स्कोर बराबर होने के बाद ऋषभ पंत ने चौका लगाया, तो आवेश खान ने गेंद को बाउंड्री लाइन के पार ही नहीं होने दिया. आवेश खान ने बल्ले से मारकर गेंद को वापस मैदान में भेज दिया
ऋषभ पंत चौके को आवेश खान बाउंड्री पार जाने से रोका.
Avesh Khan Controversy: रविवार (5 अप्रैल) को लखनऊ सुपर जायंट्स ने रोमांचक मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को 5 विकेट से हरा दिया. इस मुकाबले में LSG के कप्तान ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने 50 गेंदों नाबाद 68 रनों की पारी खेली. इस जीत के बाद लखनऊ की टीम में खुशी का माहौल है, लेकिन दूसरी ओर सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है. दरअसल, आखिरी ओवर में ऋषभ पंत ने 5वीं गेंद पर चौका लगाकर टीम को जीत दिलाई, लेकिन गेंद बाउंड्री पार ही नहीं पहुंची थी. LSG के पेसर आवेश खान पैड और हेलमेट पहनकर जीत की खुशी में मैदान पर जाने के लिए बाउंड्री लाइन के पास खड़े थे. इसी दौरान उनादकट की गेंद पर पंत ने विजयी चौका लगाया, लेकिन आवेश खान ने गेंद को बाउंड्री के पार जाने से पहले ही अपने बल्ले से मारकर वापस मैदान में भेज दिया. इसी को लेकर सनराजइर्स हैदराबाद के फैंस नाराज हैं. आवेश खान की इस हरकत को नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है. नियमों के अनुसार, आवेश खान की यह हरकत उनकी टीम पर भारी पड़ सकती थी. जानें क्या हैं नियम…
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों का कहना है कि अंपायर को कार्रवाई करनी चाहिए थी. आवेश खान की इस हरकत पर LSG टीम पर 5 रन पेनल्टी लगाई जानी चाहिए थी या फिर उस गेंद को डेड घोषित करना चाहिए. इस विवाद को लेकर पूर्व इंटरनेशनल अंपायर अनिल चौधरी ने आसान शब्दों में समझाया है. अनिल चौधरी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते लिखा कि आवेश खान ने जल्दी जश्न मनाते हुए बैट लगा दिया. उनकी आदत है. इससे पहले भी आवेश खान (Avesh Khan) ने RCB के खिलाफ एक मैच में जीतने के बाद हेलमेट फेंक दिया था, जिसके लिए उन पर फाइन लगा था. उन्हें इन चीजों को थोड़ा ध्यान में रखना चाहिए. अनिल चौधरी ने आगे बताया कि इस मामले में 5 रन की पेनल्टी देने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वहां कोई फील्डर नहीं था. इसके अलावा फील्डिंग टीम को भी किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ.
अंपायर अनिल चौधरी ने इस मामले से जुड़ा एक उदाहरण भी दिया. उन्होंने बताया कि एक मैच में फील्डर गेंद के पास होता है, लेकिन वहां मौजूद बॉलपिकर गेंद को बाउंड्री लाइन पर लगने से पहले ही उठा लेता है. इस मामले में अंपायर ने चौके की बजाय सिर्फ 2 रन दिए. इस मामले में फील्डर गेंद के पास था, जबकि आवेश खान के मामले में आसपास कोई फील्डर नहीं था. अनिल चौधरी ने आगे बताया कि अगर आवेश खान ने मैच के बीच में ऐसे बैट मारा होता, तो ‘Damaging the ball category’ में एक्शन लिया जा सकता था.
पूर्व अंपायर अनिल चौधरी ने आगे बताया कि अगर खिलाड़ी को पहले ही ‘अनफेयर प्ले’ में या लॉ 41 में कोई फाइनल वॉर्निंग दी गई होती, जिसमें अंपायर ने पेनल्टी लगाने की चेतावनी दी होती. इस केस में अंपायर 5 रन की पेनल्टी लगा सकते थे, लेकिन आवेश खान के मामले में ऐसा नहीं था. आखिर में अनिल चौधरी ने आवेश खान को इस विवादों से बचकर रहने का सुझाव दिया.
हैदराबाद में खेले गए मैच में SRH ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 156 रन बनाए थे. इसके जवाब में उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम ने 19.5 ओवर में टारगेट चेज कर लिया. LSG की ओर से कप्तान ऋषभ पंत ने 50 गेंदों पर नाबाद 68 रनों की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई.
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