IPL Bench Players Match Fees: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) अपने रोमांचक मुकाबलों और खिलाड़ियों को भारी-भरकम सैलरी के लिए जाना जाता है. आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है, जिसमें खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये दिए जाते हैं. हर साल नए सीजन के लिए ऑक्शन होता है, जिसमें नए और रिलीज किए गए खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है. इसके बाद सभी 10 टीमों के प्रतिनिधि बोली लगाकर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को स्क्वाड में शामिल करते हैं. हर एक टीम ज्यादा से ज्यादा 25 खिलाड़ियों को अपने स्क्वाड में शामिल कर सकती है, जिसमें अधिकतम 8 विदेशी खिलाड़ी हो सकते हैं. वहीं, जब मैच शुरू होता है, तो सिर्फ 12 खिलाड़ी ही मैदान पर खेलते नजर आते हैं. ऐसे में कई खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जो बेंच पर बैठे रह जाते हैं. अब फैंस के मन में सवाल है कि अगर कोई खिलाड़ी बेंच पर ही बैठा रहता है, तो क्या उसे मैच फीस भी दी जाएगी या सिर्फ ऑक्शन का ही पैसा मिलेगा.
क्या बेंच पर बैठे प्लेयर्स को भी मिलती है मैच फीस?
बीसीसीआई ने IPL 2025 से नया नियम लागू किया है. इसके तहत अंतिम-16 खिलाड़ियों (इम्पैक्ट प्लेयर सहित) को मैच फीस जाती है. इन खिलाड़ियों को हर मैच के लिए 7.5 लाख रुपये दिए जाते हैं. यह फीस ऑक्शन की प्राइस मनी से अलग होती है. ऐसे में अगर कोई खिलाड़ी पूरे सीजन में सभी 14 मैच खेलता है, तो ऑक्शन प्राइस (IPL Auction) से अलग 1.05 करोड़ रुपये मिलना तय होता है. वहीं, अगर बेंच पर बैठे खिलाड़ियों की बात करें, तो उन्हें मैच फीस नहीं मिलती है. इन खिलाड़ियों को सिर्फ ऑक्शन की प्राइस मनी से ही संतोष करना पड़ता है.
चोटिल होने पर क्या होता है?
अगर कोई खिलाड़ी पूरे सीजन में सभी मैचों के लिए उपलब्ध रहता है, तो उसे ऑक्शन मनी का सारा पैसा दिया जाएगा. फिर भले ही उसने एक भी मैच न खेला हो. वहीं, अगर कोई खिलाड़ी मैच के दौरान चोटिल हो जाता है, तो उसे पूरी ऑक्शन मनी दी जाती है. साथ ही इलाज का खर्च भी उठाना पड़ा है. वहीं, अगर चोटिल खिलाड़ी बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा है, तो उसके लिए बीसीसीआई की बीमा पॉलिसी लागू होती है. हालांकि अगर कोई खिलाड़ी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही चोटिल होकर बाहर हो जाता है, तो फ्रेंचाइजी पैसे देने के लिए बाध्य नहीं है.
IPL 2026 में कई बदलाव
28 मार्च से आईपीएल के 19वें सीजन का आगाज हो गया है. टूर्नामेंट को शुरू हुए 2 हफ्ते से ज्यादा हो चुके हैं. इस सीजन भी बीसीसीआई ने कई बड़े बदलाव किए हैं. इसके तहत टीम के प्लेइंग-11 और इम्पैक्ट प्लेयर लिस्ट यानी कुल 16 खिलाड़ियों के अलावा किसी अन्य को मैदान पर जाने की इजाजत नहीं है. प्लेइंग-11 के खिलाड़ियों के अलावा सिर्फ सब इम्पैक्ट लिस्ट में शामिल खिलाड़ी ही मैच के दौरान मैदान पर जा सकते हैं.