TCS Nashik Case: महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस बीपीओ में धर्मांतरण के मामले में एचआर हेड निदा खान को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. बताया जा रहा है कि उन्हें ऑफिस में दबंग मैम कहा जाता था.
महाराष्ट्र के नासिक टीसीएस एचआर हेड निदा खान ने कोर्ट में बेल के लिए दी अर्जी
Nashik TCS HR Case: महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस बीपीओ में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. इस पूरे मामले में एचआर निदा खान की सबसे चर्चा हो रही है. बताया जा रहा है कि उनके सहकर्मी उन्हें दबंग मैम कहकर बुलाते थे. ऑफिस में उनका दबदबा इतना ज्यादा था कि हर कोई उनसे डरता था.
एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक, निदा खान की भूमिका सिर्फ एचआर का कामों तक ही सीमित नहीं थीं. उन्हें अक्सर उन टीम लीडर्स के साथ खड़ा देखा जाता था, जो महिला कर्मचारियों को इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार कपड़े पहनने और तौर-तरीके अपनाने के निर्देश देती थी.
कुछ पीड़ित महिलाओं का दावा है कि यह सिर्फ सलाह नहीं थी, बल्कि एक तरह का ज़बरदस्ती दबाव था. एक महिला कर्मचारी ने बताया कि खान उन्हें खास तौर पर यह भी दिखाती थीं कि बुर्का कैसे पहना जाता है.इस पूरे मामले में खुद एचआर विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है. पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के मुताबिक, एचआर विभाग की ही एक महिला अधिकारी ने तो एक पीड़ित महिला को शिकायत दर्ज कराने से भी रोक दिया था और इन घटनाओं को यह कहकर टाल दिया था कि एसी बातें तो होती ही रहती हैं. आरोप है कि इसी रवैये की वजह से कई मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की गई.
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने एक वाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसका इस्तेमाल कर्मचारियों को निशाना बनाने के लिए किया जाता था. पीड़ित महिलाओं का दावा है कि निदा खान भी इस ग्रुप की सदस्य थीं. एफआईआर के मुताबिक, कई मामलों में कर्मचारियों पर जबरदस्ती नमाज पढ़ने, मासांहारी खाना खाने और धार्मिक प्रतीकों को अपनाने के लिए दबाव डाला गया.
इस बीच जानकारी सामने आ रही है कि कई दिनों तक फरार रहने की खबर के बाद निदा खान ने एंटीसिपेटरी बेल के लिए नासिक कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. कोर्ट में कल उनकी अर्जी पर सुनवाई होने की उम्मीद है. प्रॉसिक्यूटर बेल का विरोध कर सकते हैं, उनका कहना है कि वह एक मास्टरमाइंड हैं, जिन्होंने पीड़ितों को धार्मिक रीति-रिवाजों के लिए तैयार करने और मजबूर करने में एक्टिव रूप से हिस्सा लिया था.
पहचानी गई पीड़ितों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है. जबकि 9 महिलाओं ने फॉर्मल तौर पर एफआईआर फाइल की है. इसके अलावा, एसआईटी ने तीन और पीड़ितों की पहचान की है, जिनकी पुलिस अभी उनके बयान दर्ज करने से पहले काउंसलिंग कर रही है. एसआईटी अभी जब्त किए गए डिजिटल सबूतों का एनालिसिस कर रही है, जिसमें WhatsApp ग्रुप चैट और नासिक फैसिलिटी से CCTV फुटेज शामिल हैं.
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम का ऐलान हो चुका है. शुभमन गिल की…
दिल्ली सरकार की लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को मिलेंगे हर महीने ₹2,500. जानिए कौन-कौन…
Sawan 2026 Hair and Nail Cutting Rules: सावन के महीने में बहुत सारे लोग बाल…
Meerut Crime News: मेरठ से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने…
Delhi Traffic Advisory for Kanwar Yatra: कल से सावन की शुरुवात हो रही है इसलिए…
Bhadohi Renamed as Sant Ravidas Nagar: बुधवार को वाराणसी पहुंचें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी…