India News (इंडिया न्यूज़),AIMIM in Delhi: दिल्ली में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यहां का राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। अब यहां ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की भी एंट्री हो गई है। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शोएब जामई ने अरविंद केजरीवाल को RSS का छोटा रिचार्ज बताया है। उन्होंने कहा है कि केजरीवाल की नीतियां मुस्लिम विरोधी हैं।
शोएब जामई का आरोप है कि उन्होंने दिल्ली के 10 पूर्व दिग्गजों में से एक अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया था। लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ़ ‘विश्वासघात’ मिला। उन्होंने दिल्ली के हॉस्टल और मरकज़ में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। AIMIM का आरोप है कि दिल्ली के मुस्लिम इलाकों में कोई ख़ास विकास कार्य नहीं हुआ है।
AIMIM in Delhi
एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष के इन आरोपों के बाद ऐसा लग रहा है कि एआईएमआईएम ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं, खास तौर पर मुस्लिम वोटों को लेकर। रोबी जामई के बयान और उनकी रणनीति मुस्लिम समूह में सेंध लगाने की ओर इशारा करती है। ओबामा जामई की रिपोर्ट से ऐसा लग रहा है कि एआईएमआईएम ने मुसलमानों के बीच काम करने और आम आदमी पार्टी के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है।
एआईएमआईएम मुस्लिम हलकों में अपना प्रचार करती है। साथ ही मुस्लिमों के हितों की बात भी करती है। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि एआईएमआईएम दिल्ली में मुस्लिमों के बीच अपनी पकड़ बनाए रखेगी और मस्जिद को चुनौती देगी। एआईएमआईएम ने चुनाव से पहले ही प्रचार शुरू कर दिया है। एआईएमआईएम चुनाव प्रचार में स्थानीय मुद्दों को उठा रही है। एआईएमआईएम का मकसद मुस्लिमों को एकजुट करना और उनके मुद्दों को उठाना है।
दिल्ली में AIMIM की गतिविधियों और उसके प्रचार प्रसार के कारण आम आदमी पार्टी में मुस्लिम गुटबाजी का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली में मुस्लिम गठबंधन सहयोगियों से भाजपा को फायदा हो सकता है। मुसलमान आम आदमी पार्टी को बड़ी संख्या में वोट देते हैं। इसी तरह दिल्ली में विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। इसमें भाजपा, आप और AIMIM शामिल होंगे।
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