India News (इंडिया न्यूज), Delhi Police: राजधानी दिल्ली में दिल्लीवासियों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस हमेशा एक्शन मोड़ पर रहती है। साथ लोगों की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम रहते हैं, ताकि लोगों को किसी भी तरह से कोई परेशानी न हो। नेशनल कैपिटल होने की वजह से भी दिल्ली की सुरक्षा की अहमियत और भी बढ़ जाती है।
Delhi Police
दिल्ली की आम जनता से जुड़े एक मामले में एक बार फिर से दिल्ली पुलिस खरी उतरी है। दिल्ली की एक मां की तकलीफ सुनकर पूरा डिपार्टमेंट एक्शन मोड़ पर आ गया। एक मां की हर तकलीफ को दूर करने के बाद ही पुलिस ने चैन की सांस ली।
इन दिनों परीक्षा की नजह से बच्चों पर पढ़ाई का दवाब ज्यादा देखने को मिल रहा है। इसी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। पढ़ाई के दवाब की वजह से एक 15 साल की किशोरी ने आत्महत्या करने का फैसला लिया। मां को जब पता चला कि उनकी बेटी घर में नहीं है तो उन्होंने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई। यह मामला 5 जनवरी दिल्ली का है।
दिल्ली की एक परेशान महिला ने रूपनगर पुलिस स्टेशन में फोन कर जानकारी दी कि उनकी 15 साल की बेटी घर से लापता है, प्लीज उसे ढूंढ़कर ला दीजिए। सूच मिलते ही DCP (नॉर्थ दिल्ली) राजा बंठिया खुद एक्टिव मोड़ पर आ गए। इसके बाद ACP विनिता त्यागी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और मैसिव सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
लापता बेटी की मां ने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बेटी घर पर अकेली थी। परिवार के बाकी सदस्य बाहर गए हुए थे। बेटी की पढ़ाई-लिखाई और एकेडमिक परफॉर्मेंस से जुड़ी सभी जानकारी उन्होंने पुलिस को बताई। इस मामले में गठित टीम ने तालाशी अभियान को शुरू किया। जांच के दौरान टीम ने CCTV को खंगालना शुरू किया। सिग्नेचर ब्रिज और वजीराबाद ओल्ड ब्रिज इलाकों में जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने लोगों से पूछताछ की। इसी के साथ पुलिस ने मेट्रो गार्ड्स को भी अपनी तलाशी अभियान में शामिल कर लिया।
इस मामले में जानकारी देते हुए DCP ने बताया कि जांच के दौरान लापता लड़की को यमुना में छंलाग लगाते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस यमुना की तरफ दौड़े। इस दौरान गार्ड और तैराकों ने एक भी पल गंवाते हुए नदी में छलांग लगा दी और लड़की को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद पुलिस ने लड़की की काउंसलिंग की और उसे समझाया। DCP ने आगे बताया कि सभी पूछताछ औक कानून कार्रवाई और लड़की की काउंसलिंग के बाद लड़की को परिवार को सौंप दिया गया है।