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April Pradosh Vrat 2026: अप्रैल में प्रदोष व्रत का खास महत्व, जानें कब-कब रखें व्रत और क्या है पूजा मुहूर्त

April Pradosh Vrat 2026:  अप्रैल 2026 में कुल दो प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं, जो भगवान शिव की कृपा पाने के लिए बेहद शुभ माने जाते हैं. सही समय पर व्रत और पूजा करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, सफलता और समस्याओं से राहत मिल सकती है.जानें अप्रैल में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत और क्या है पूजा का शुभ समय.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: March 30, 2026 22:47:29 IST

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April Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर जीवन में सुख-शांति और मनचाहे फल की प्राप्ति होती है. प्रदोष व्रत हर महीने दो बार त्रयोदशी तिथि को आता है,एक शुक्ल पक्ष में और दूसरा कृष्ण पक्ष में.

सप्ताह के जिस दिन यह व्रत पड़ता है, उसी के अनुसार इसका नाम रखा जाता है, जैसे सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष और शनिवार को शनि प्रदोष कहा जाता है. आइए जानते हैं अप्रैल 2026 में पड़ने वाले प्रदोष व्रत की तारीख और पूजा का सही समय.

अप्रैल 2026 का पहला प्रदोष व्रत

इस महीने का पहला प्रदोष व्रत 15 अप्रैल 2026, बुधवार को रखा जाएगा. बुधवार के दिन पड़ने के कारण इसे बुध प्रदोष कहा जाएगा. यह व्रत विशेष रूप से बुद्धि, व्यापार और वाणी से जुड़े कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है.

बुध प्रदोष व्रत का मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 15 अप्रैल को सुबह 12:12 बजे से होगी और इसका समापन रात 10:31 बजे होगा.
पूजा के लिए शुभ समय शाम 6:56 बजे से रात 9:13 बजे तक रहेगा.

अप्रैल 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत

अप्रैल का दूसरा प्रदोष व्रत 28 अप्रैल 2026, मंगलवार को रखा जाएगा. मंगलवार को आने के कारण इसे भौम प्रदोष कहा जाता है. यह व्रत कर्ज से मुक्ति और भूमि या संपत्ति से जुड़े मामलों में राहत दिलाने वाला माना जाता है.

भौम प्रदोष व्रत का मुहूर्त

त्रयोदशी तिथि 28 अप्रैल को शाम 6:51 बजे से शुरू होकर 29 अप्रैल को शाम 7:51 बजे तक रहेगी.पूजा का शुभ समय 28 अप्रैल को शाम 7:00 बजे से रात 9:14 बजे तक निर्धारित किया गया है.

 Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: March 30, 2026 22:47:29 IST

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April Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर जीवन में सुख-शांति और मनचाहे फल की प्राप्ति होती है. प्रदोष व्रत हर महीने दो बार त्रयोदशी तिथि को आता है,एक शुक्ल पक्ष में और दूसरा कृष्ण पक्ष में.

सप्ताह के जिस दिन यह व्रत पड़ता है, उसी के अनुसार इसका नाम रखा जाता है, जैसे सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष और शनिवार को शनि प्रदोष कहा जाता है. आइए जानते हैं अप्रैल 2026 में पड़ने वाले प्रदोष व्रत की तारीख और पूजा का सही समय.

अप्रैल 2026 का पहला प्रदोष व्रत

इस महीने का पहला प्रदोष व्रत 15 अप्रैल 2026, बुधवार को रखा जाएगा. बुधवार के दिन पड़ने के कारण इसे बुध प्रदोष कहा जाएगा. यह व्रत विशेष रूप से बुद्धि, व्यापार और वाणी से जुड़े कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है.

बुध प्रदोष व्रत का मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 15 अप्रैल को सुबह 12:12 बजे से होगी और इसका समापन रात 10:31 बजे होगा.
पूजा के लिए शुभ समय शाम 6:56 बजे से रात 9:13 बजे तक रहेगा.

अप्रैल 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत

अप्रैल का दूसरा प्रदोष व्रत 28 अप्रैल 2026, मंगलवार को रखा जाएगा. मंगलवार को आने के कारण इसे भौम प्रदोष कहा जाता है. यह व्रत कर्ज से मुक्ति और भूमि या संपत्ति से जुड़े मामलों में राहत दिलाने वाला माना जाता है.

भौम प्रदोष व्रत का मुहूर्त

त्रयोदशी तिथि 28 अप्रैल को शाम 6:51 बजे से शुरू होकर 29 अप्रैल को शाम 7:51 बजे तक रहेगी.पूजा का शुभ समय 28 अप्रैल को शाम 7:00 बजे से रात 9:14 बजे तक निर्धारित किया गया है.

 Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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