Saraswati Puja on basant Panchami 2026: आज देशभर में वसंत पचंमी का त्योहार मनाया जा रहा है. आज सरस्वती पूजा के लिए भक्तों को 5 घंटे 20 मिनट का शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहा है. आज 4 शुभ योग बनने से यह दिन और उत्तम बन जाता है. आइए ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी से जानते हैं सरस्वती पूजा विधि, पूजन सामग्री, मुहूर्त, मंत्र आदि के बारे में.
आज बसंत पंचमी पर 4 शुभ योग में करें मां सरस्वती की पूजा. (Canva)
Saraswati Puja on basant Panchami 2026: आज देशभर में वसंत पचंमी का त्योहार मनाया जा रहा है. बसंत पंचमी हिन्दू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है. आज का दिन वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है. यह पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. आज सरस्वती पूजा के लिए भक्तों को 5 घंटे 20 मिनट का शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहा है. आज 4 शुभ योग बनने से यह दिन और उत्तम बन जाता है. बता दें कि, वसंत पंचमी के दिन देवी मां सरस्वती अवतरित हुई थीं, जिनके एक हाथ में पुस्तक, दूसरे हाथ में वीणा, तीसरे में माला और चौथा हाथ वर मुद्रा में था. इसलिए मां सरस्वती को बुद्धि, कला और संगीत की देवी कहा जाता है. माघ शुक्ल पंचमी तिथि को माता सरस्वती का प्रकाट्य हुआ था, इसलिए हर साल वसंत पंचमी पर सरस्वती जयंती मनाते हैं और सरस्वती पूजा करते हैं. गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी से जानते हैं सरस्वती पूजा विधि, पूजन सामग्री, मुहूर्त, मंत्र आदि के बारे में.
माघ शुक्ल पंचमी तिथि का प्रारंभ: आज, 23 जनवरी, शुक्रवार, 02:28 एएम से
माघ शुक्ल पंचमी तिथि का समापन: कल, 24 जनवरी, शनिवार, 01:46 एएम पर
सरस्वती पूजा मुहूर्त: आज, सुबह 7 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक
रवि योग दोपहर में 02:33 पी एम से लेकर कल सुबह 07:13 ए एम तक है.
परिघ योग प्रात:काल से बना है और यह दोपहर में 03 बजकर 59 मिनट तक है. यह एक शुभ योग है.
दोपहर 03 बजकर 59 मिनट से शिव योग बन रहा है, जो कल दोपहर 2 बजकर 2 मिनट तक रहेगा.
आज सरस्वती पूजा के दिन शुक्रवार व्रत और लक्ष्मी पूजा का भी संयोग बना है.
देवी सरस्वती की एक मूर्ति या तस्वीर
पीले रंग की चुनरी या साड़ी
लकड़ी की चौकी, कलावा या रक्षा सूत्र
कलश, आम के पत्ते, पीले फूल और इनकी माला
पीले रंग का वस्त्र, धूप, दीप, इत्र
अक्षत्, हल्दी, कुमकुम, रोली, पीला गुलाल
नारियल, मालपुआ, मौसमी फल
गाय का घी, दूध, मिठाई, तिल के लड्डू
बेसन के लड्डू, केसर भात, पीले चावल
सरस्वती वंदना, आरती, कथा की एक पुस्तक
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
या
ऐं महासरस्वत्यै नमः
वसंत पंचमी पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर दैनिक क्रिया से निवृत हो जाएं और स्नान कर लें. उसके बाद पीले रंग के वस्त्र पहनें. उसके बाद सूर्य देव को जल चढ़ाएं. सरस्वती पूजा का संकल्प करें. फिर सुबह में सरस्वती पूजा के लिए मंडप तैयार करें. शुभ मुहूर्त में लकड़ी की चौकी पर देवी सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर और कलश की स्थापना करें. फिर देवी को सफेद और पीले फूल, माला, अक्षत्, धूप, दीप, इत्र, पीला गुलाल आदि अर्पित करें.
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