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किन लोगों को अपने घर में कतई नहीं रखना चाहिए मंदिर, कहीं आशीर्वाद से अभिशाप का रूप न लेले उनका ये काम!

Home Temple Niyam किन लोगों को अपने घर में कतई नहीं रखना चाहिए मंदिर

BY: Prachi Jain • UPDATED :
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India News (इंडिया न्यूज़), Home Temple Niyam: घर में मंदिर और पूजा से संबंधित कई धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएँ प्रचलित हैं। कुछ लोग मानते हैं कि हर घर में मंदिर होना चाहिए, जबकि कुछ स्थितियों में ऐसा करने से बचना चाहिए। इस लेख में हम ज्योतिषीय विशेषज्ञ अरुण पंडित द्वारा बताई गई महत्वपूर्ण बातों को विस्तार से समझेंगे।

किन लोगों को दी जाती है घर में मंदिर रखने की सलाह?

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, जिनकी कुंडली में सातवें भाव में बृहस्पति (Jupiter) स्थित होता है, उन लोगों को घर में मंदिर नहीं रखना चाहिए। इसके बजाय, उन्हें भगवान की मूर्ति के स्थान पर उनकी तस्वीर को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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इसके पीछे कारण:

  1. सातवां भाव और बृहस्पति का प्रभाव:
    • कुंडली का सातवां भाव व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, उसके साथी, और उनके बीच के संबंधों का प्रतिनिधित्व करता है।
    • यह नैतिक और अनैतिक रिश्तों का भी संकेतक है।
    • जब इस भाव में बृहस्पति होता है, तो यह व्यक्ति के जीवन में यश और धन की प्राप्ति का कारण बन सकता है, लेकिन घरेलू पूजा के लिए इसे उपयुक्त नहीं माना जाता।
  2. धार्मिक दृष्टिकोण:
    • घर में बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति की आध्यात्मिक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। इससे पूजा के सकारात्मक परिणाम घर में मंदिर रखने पर प्राप्त नहीं होते।

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पूजा करते समय घंटी न बजाने की सलाह

जिनकी कुंडली में सातवें भाव में बृहस्पति होता है, उन्हें पूजा के दौरान घंटी बजाने से बचने की सलाह दी जाती है। इसका कारण यह है कि घर में पूजा के समय घंटी बजाने से उत्पन्न ऊर्जा उनके लिए लाभदायक नहीं होती।

क्या करें?

  • इन लोगों को घर में भगवान की मूर्ति रखने की बजाय तस्वीर रखना चाहिए।
  • पूजा के लिए मंदिर या अन्य धार्मिक स्थलों पर जाना चाहिए।
  • मंदिर में घंटी बजाना उनके लिए शुभ होता है।

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सातवें भाव का महत्व

कुंडली का सातवां भाव व्यक्ति के जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को दर्शाता है:

  • वैवाहिक जीवन और जीवनसाथी।
  • व्यक्ति के नैतिक और अनैतिक संबंध।
  • व्यापार साझेदारी और सार्वजनिक छवि।

जब इस भाव में बृहस्पति स्थित होता है, तो यह व्यक्ति को यश, धन और सम्मान दिलाता है। हालांकि, घरेलू पूजा के संदर्भ में यह स्थिति अनुकूल नहीं मानी जाती।

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इन उपायों से होगा लाभ

जिन लोगों की कुंडली में सातवें भाव में बृहस्पति स्थित है, वे निम्नलिखित उपायों को अपनाकर पूजा का सही लाभ प्राप्त कर सकते हैं:

  1. घर में भगवान की तस्वीर रखें: मूर्ति के स्थान पर तस्वीर रखना अधिक शुभ माना जाता है।
  2. मंदिर जाकर पूजा करें: घर की बजाय धार्मिक स्थलों पर पूजा करना उनके लिए अधिक लाभदायक होता है।
  3. घंटी बजाने से बचें: घर में पूजा करते समय घंटी बजाने से उत्पन्न ऊर्जा उनके लिए अनुकूल नहीं होती।
  4. विशेषज्ञ की सलाह लें: किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श लेकर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाएँ।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हर व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर पूजा और धार्मिक कर्मकांडों के लिए अलग-अलग उपाय सुझाए जाते हैं। जिनकी कुंडली में सातवें भाव में बृहस्पति स्थित है, उन्हें घर में मंदिर रखने और घंटी बजाने से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसे लोगों को मंदिर में जाकर पूजा करनी चाहिए और वहीं घंटी बजानी चाहिए। यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अतः किसी भी धार्मिक निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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