Kharmas 2026 Start And End Date: हिन्दू पुराणों में खरमास या मलमास माह को अशुभ माना जाता है. क्योंकि, इस महीने में सूर्य देवता के रथ को उनके घोड़े नहीं खींचते हैं. इस बार मार्च 2026 में खरमास की शुरुआत जल्द ही शुरू होने वाली है. अब सवाल है कि आखिर, मार्च में खरमास कब से शुरू होंगे? खरमास में कोई भी शुभ कार्य क्यों नहीं होते हैं? इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-
जानिए, मार्च 2026 में खरमास कब से शुरू हो रहा है. (insta)
Kharmas 2026 Start And End Date: हिंदू धर्म में खरमास के महीने के विशेष महत्व है. इसका जिक्र विज्ञान और धर्म शास्त्रों में भी है. विज्ञान के अनुसार यह एक सौर घटना है. जब सूर्य धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो इन्हें क्रमश: धनु संक्रांति और मीन संक्रांति कहा जाता है. सूर्य जब धनु और मीन राशि में रहते हैं, तो इस अवधि को मलमास या खरमास कहा जाता है. वहीं, हिन्दू पुराणों में खरमास या मलमास माह को अशुभ माना जाता है. क्योंकि, इस महीने में सूर्य देवता के रथ को उनके घोड़े नहीं खींचते हैं. इस बार मार्च 2026 में खरमास की शुरुआत जल्द ही शुरू होने वाली है. अब सवाल है कि आखिर, मार्च में खरमास कब से शुरू होंगे? खरमास में कोई भी शुभ कार्य क्यों नहीं होते हैं? इस बारे में India News को बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र शास्त्री-
खरमास के महीने में शुभ कार्य नहीं करना चाहिए, हिन्दू धर्म में ऐसी आस्था है. माना जाता है कि इस माह में किए गए शुभ कार्यों का प्रतिफल नहीं मिलता है. ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, खरमास के समय में ग्रहों के राजा सूर्य देव की गति धीमी हो जाती है. वे हर साल जब देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु और मीन में आते हैं, तो उनकी गति धीमी हो जाती है. शुभ कार्यों के लिए सूर्य का उच्च स्थिति में होना आवश्यक है. इस वजह से खरमास में कोई शुभ काम नहीं करते हैं.
पंचांग के अनुसार, सूर्य का गोचर मीन राशि में 15 मार्च 2026 दिन रविवार को सुबह 01:08 बजे पर हो रहा है. कुछ लोग इसे 14 मार्च की देर रात 01:08 भी लिख रहे हैं. इससे लोगों में कन्फ्यूजन की स्थिति बन जा रही है कि खरमास 14 मार्च से शुरू है या 15 मार्च से. अगर देखा जाए तो समय दोनों एक ही है, बस लिखने का तरीका बदला है. अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर 01:08 ए एम का समय देखा जाए तो 15 मार्च लगता है. लेकिन आम बोलचाल में लोग इसे ऐसे भी बोलते हैं कि 14 मार्च की देर रात 01:08 ए एम पर. ऐसे में असमंजस में पड़ने की जरूरत नहीं है. खरमास 15 मार्च से शुरू हो रहा है.
पंचांग के अनुसार, 15 मार्च से शुरू होने वाला खरमास 1 महीने तक रहेगा. सूर्य देव 14 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. मेष में आते ही खरमास का समापन हो जाएगा. इस तरह से खरमास 15 मार्च से लेकर 14 अप्रैल को सुबह तक है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार खरमास का प्रारंभ चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि से लेकर वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि तक है.
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