<
Categories: धर्म

Uttarayan 2026: क्यों कहा जाता है मकर संक्रांति को उत्तरायण? बेहद खास हैं ज्योतिष में इसका अर्थ, जानें कब है और क्या है महत्व

Uttarayan 2026: मकर संक्रांति को उत्तरायण क्यों कहा जाता है? ज्योतिष दृष्टि के अनुसार यह दिन बेहद खास माना जाता है. आइये जानते हैं कब है उत्तरायण और क्या है इसका महत्व

Uttarayan Meaning In Astrology: भारत के उत्तर भारत में उत्तरायण को मकर संक्रांति कहा जाता है. इसके अलावा गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में इसे उत्तरायण के नाम से जाना जाता है. पंजाब में यह पर्व लोहड़ी के नाम से मशहूर है, वहीं तमिलनाडु में पोंगल के और आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में भोगी पंडिगई के नाम से मनाया जाता है. अलग-अलग नाम होने के बावजूद इसका भाव और उद्देश्य एक ही होता है — प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सकारात्मक शुरुआत.

क्या है उत्तरायण का अर्थ

उत्तरायण का अर्थ होता है सूर्य का उत्तर दिशा की ओर बढ़ना. यह शब्द संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है. उत्तर का अर्थ यानी उत्तर दिशा और अयन का अर्थ यानी गति या यात्रा. ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, जब सूर्य अपनी दक्षिणायन की यात्रा पूरी कर उत्तर दिशा में प्रवेश करता है, उसी समय को उत्तरायण की शुरुआत माना जाती है. वैदिक ज्योतिष दृष्टि के अनुसार यह समय अत्यंत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है.

उत्तरायण यानी मकर संक्रांति कब है ?

हिंदू पंचांग के अनुासर साल 2026 में उत्तरायण यानी मकर संक्रांति बुधवार, 14 जनवरी को मनाई जाएगी, क्योंकि  इसी दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेगा. उत्तरायण संक्रांति का सटीक समय दोपहर 03 बजकर 13 मिनट है. इस दिन विशेष रूप से सूर्य देव की पूजा की जाती है, क्योंकि सूर्य को ऊर्जा, जीवन और आरोग्य का स्रोत माना गया है.

खगोलीय घटना नहीं ऋतु परिवर्तन का संकेत उत्तरायण

उत्तरायण केवल एक खगोलीय घटना है, बल्कि यह ऋतु परिवर्तन का संकेत देता है, क्योंकि उत्तरायण के बाद से ठंड धीरे-धीरे कम होने लगती है, दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती हैं, इसलिए इसे  शीत ऋतु से ग्रीष्म ऋतु की ओर बढ़ने का समय माना जाता है. किसानों के लिए यह खास होता है, क्योंकि यह फसल के मौसम की शुरुआत का भी प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत गहरा है.

बेहद पवित्र है उत्तरायण का दिन

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, उत्तरायण का दिन बेहद पवित्र होता है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान  करने का बेहद महत्व माना जाता है, इसलिए उत्तरायण के दिन श्रद्धालु बड़ी संख्या में वाराणसी, हरिद्वार, ऋषिकेश और गंगासागर जैसे पवित्र स्थानों पर जाकर गंगा स्नान करते हैं. मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य फल की प्राप्ति होती है. उत्तरायण के साथ खरमास भी समाप्त हो जाता है, जिसके बाद विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञ, व्रत और नए कार्यों जैसे सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है.

भगवद गीता में उत्तरायण का जिक्र

भगवद गीता के अनुसार उत्तरायण के छह महीने देवताओं के होते है. इसलिए मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस अवधि में शरीर त्याग करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है या वो भगवान विष्णु के धाम वैकुंठ को प्राप्त करता है. इसी वजह से उत्तरायण को जीवन और मृत्यु दोनों ही दृष्टियों से अत्यंत शुभ काल माना गया है.

ज्योतिष दृष्टिकोण से बेहद खास है उत्तरायण

ज्योतिष के अनुसार उत्तरायण यानी मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जो कि बेहद शुभ होता है, क्योंकि ज्योतिष दृष्टिकोण से सूर्य की उत्तर दिशा की यात्रा कल्याणकारी होती है और इस समय सूर्य की किरणें मानव जीवन के लिए लाभकारी होती हैं. मान्यताओं के अनुसार, उत्तरायण के दौरान सूर्य सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और मानसिक शांति बढ़ती है.

उत्तरायण के दिन क्या करना चाहिए

उत्तरायण यानी मकर संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करना चाहिए, अगर यह मुमकिन ना हो तो, घर में ही स्नान के पानी में गंगाजल मिला लेना चाहिए. इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए. सात्विक भोजन खाना चाहिए, जिसमें तिल के लड्डू, खिचड़ी, खीर और हलवा प्रमुख होते हैं. इस दिन दान का भी विशेष महत्व होता है, इसलिए मकर संक्रांति के दिन जरूरतमंदों और गरीबों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करना चाहिए, ऐसा करना पुण्यदायी माना जाता है,

Chhaya Sharma

छाया शर्मा (Chhaya Sharma) को एंटरटेनमेंट न्यूज़, लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी में काम करते हुए 9 साल से ज्यादा हो चुके हैं। इनके द्वारा दी गई जानकारी व्यूअर्स को जागरूक करने और उन तक लेटेस्ट न्यूज़ पहुंचाने का काम करती है। ये अपनी ईमानदारी और स्पष्टता के साथ लोगों की सहायता करने में माहिर हैं। छाया से संपर्क करने के लिए chhaya.sharma@itvnetwork.com पर संपर्क किया जा

Recent Posts

Parikrama ke Niyam: किस देवता की कितनी परिक्रमा करें? क्या कहते हैं शास्त्र, जानें सही नियम

Parikrama ke Niyam: मंदिर में परिक्रमा करना हिंदू धर्म की महत्वपूर्ण परंपरा मानी जाती है.…

Last Updated: March 14, 2026 16:18:29 IST

‘मैदान पर भाईचारा नहीं…’, विवादित रन आउट पर भड़के पूर्व पाक कप्तान, सलमान आगा को सुनाई खरी-खोटी; बांग्लादेश को भी घेरा

PAK vs BAN: पाकिस्तान बनाम बांग्लादेश के दूसरे वनडे मुकाबले में मेहदी हसन मिराज ने…

Last Updated: March 14, 2026 16:11:57 IST

क्या शुभमन गिल ने संजू सैमसन को फोटो से हटाया? क्यों मचा है बवाल, यहां जानें सच्चाई

एक फोटो को लेकर भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल विवादों में घिर गए.…

Last Updated: March 14, 2026 16:09:57 IST

Bihar: क्या पीने से बिहार में अंधे हो रहे हैं लोग? पूरे राज्य में मचा हड़कंप; प्रशासन अलर्ट

Chhapra Poisonous Liquor: इसी के मद्देनज़र सीवान जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र में एसपी पूरण…

Last Updated: March 14, 2026 15:57:51 IST

रोहित शर्मा-विराट कोहली भारत के लिए कब खेलेंगे अगला मैच? शेड्यूल की डेट आई सामने, IPL के बाद शुरू होगी सीरीज

विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे स्टार खिलाड़ी अब सीधे आईपीएल में खेलते हुए नजर…

Last Updated: March 14, 2026 15:47:12 IST