Ramadan Roza 2026: इस्लामी कैलेंडर का सबसे पाक महीना रमजान 2026 का आज से आगाज हो चुका है. इस पूरे माह हर स्वस्थ मुसलमान के लिए रोज़ा रखना अनिवार्य है. रोजे की शुरुआत सूर्योदय से होती है और समापन सूर्यास्त के बाद होता है. पाक महीना रमजान के दौरान रोजेदार रोज़ा सहरी और इफ्तार समय को जरूर देखता है. अब सवाल है कि, रमजान 2026 में सहरी और इफ्तार का समय क्या रहने वाला है? आइए जानते हैं इस बारे में-
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Ramadan Roza 2026: इस्लामी कैलेंडर का सबसे पाक महीना रमजान 2026 का आज से आगाज हो चुका है. रमजान दुनिया भर के मुसलमानों के मनाए जाने वाले सबसे खास त्योहारों में से एक है. मुसलमान रमजान को बहुत श्रद्धा और आदर के साथ मनाते हैं. रमजान या रमदान इस्लामिक कैलेंडर का नवां महीना है. दरअसल, रमज़ान की तारीख़ें हर साल बदलती हैं, क्योंकि इस्लाम में चंद्र कैलेंडर या हिजरी चलता है. मुसलमान इस पूरे महीने रोज़ा रखते हैं और अपना ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं. इस्लाम धर्म की मान्यता के अनुसार, पवित्र ग्रंथ कुरआन इसी महीने में अवतारित हुआ था इसलिए इसे रहमत और हिदायत का महीना भी कहा जाता है. इस पूरे माह हर स्वस्थ मुसलमान के लिए रोज़ा रखना अनिवार्य है. रोजे की शुरुआत सूर्योदय से होती है और समापन सूर्यास्त के बाद होता है. पाक महीना रमजान के दौरान रोजेदार रोज़ा सहरी और इफ्तार समय को जरूर देखता है. अब सवाल है कि, रमजान क्या है? रोज़ा में सहरी और इफ्तारी क्या है? रमजान 2026 में सहरी और इफ्तार का समय क्या रहने वाला है? आइए जानते हैं इस बारे में-
रमज़ान इस्लामी चंद्र कैलेंडर का नौवां महीना है और उपवास का पवित्र महीना है. इस्लामी परंपरा के अनुसार, रमज़ान के दौरान “शबे कद्र” की रात को अल्लाह ने पैगंबर मुहम्मद को कुरान का ज्ञान दिया था. शबे कद्र रमज़ान की आखिरी 10 रातों में से किसी एक रात को मनाई जाती है, जो अक्सर 27वीं रात होती है.
बता दें कि, सहरी वो समय होता है जब रोजेदार सुबह की नमाज से पहले कुछ खा लेता है. इसके बाद दिन भर अन्न या जल किसी भी चीज का सेवन नहीं किया जाता है. वहीं, शाम को सूर्यास्त के बाद जब रोज़ा खोला जाता है तो उसे इफ्तारी कहा जाता है. बता दें कि, आमतौर पर खजूर खाकर रोज़ा खोला जाता है.
शहर सेहरी का समय इफ्तार का समय
नोट- ये समय रमज़ान 2026 के पहले रोज़े के लिए हैं और स्थानीय सूर्यास्त और सूर्योदय की गणना के आधार पर इनमें थोड़ा बदलाव हो सकता है.
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, चांद दिखने की संभावना के अनुसार, रमजान 2026 का समापन 20 मार्च, 2026 को ईद अल-फितर के साथ होने की उम्मीद है. अंतिम दिन, सेहरी सुबह लगभग 5:06 बजे और इफ्तार शाम लगभग 6:33 बजे होने की उम्मीद है, जो महीने भर के रोज़े के पूरा होने का प्रतीक होगा. बता दें कि, जैसे ही अर्धचंद्र चंद्रमा भारत में रमजान 2026 की शुरुआत का संकेत देता है, यह पवित्र महीना एक बार फिर आध्यात्मिक विकास, कृतज्ञता और मजबूत सामुदायिक संबंधों का अवसर लेकर आता है.
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