<
Categories: Education

CBSE 10वीं गणित की परीक्षा, जब लंबे सवालों ने छुड़ाए छात्रों के पसीने, क्या पेपर तय कर पाएगा भविष्य?

सीबीएसई कक्षा 10 (CBSE Class 10th) की गणित परीक्षा (Maths Exam) के बाद छात्रों में अंकों (Marks) और भविष्य को लेकर चिंता देखने को मिल रही है. जहां, प्रश्नपत्र (Question Paper) की लंबाई ने कई छात्रों के समय को बर्बाद किया है.

CBSE Class 10th Maths Exam: मंगलवार को आयोजित सीबीएसई कक्षा 10 गणित की परीक्षा ने देशभर के लाखों छात्रों को एक बार फिर से चिंता के माहौल में डाल दिया है. दरअसल, कुछ छात्रों के लिए यह एक तरह का बैलेंस प्रश्नपत्र था. तो वहीं, दूसरी तरफ एक बड़े वर्ग ने परीक्षा की लंबाई और ‘एप्लीकेशन-बेस्ड’ (Application-based) प्रश्नों को लेकर एक गहरी चिंता जताई है. जानकारी के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही छात्र खुशी से ज्यादा तनाव में देखने को मिले. 

परीक्षा का विश्लेषण: कठिन या लंबा?

प्रारंभिक फीडबैक के मुताबिक, गणित का प्रश्नपत्र मुख्य रूप से NCERT के पाठ्यक्रम पर पूरी तरह से आधारित था, लेकिन ‘केस स्टडी’ (Case Study) और ‘रीजनिंग’ (Reasoning) वाले सवालों ने छात्रों का सबसे ज्यादा समय लिया. जिसकी वजह से छात्रों को कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ा. 

हालांकि, परीक्षा के बाद कई छात्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि (Calculations) लंबी होने की वजह से उन्हें आखिरी में रिवीजन के लिए पर्याप्त समय नहीं पाया. तो वहीं, इस मामले में शिक्षकों ने बताया कि परीक्षा का स्तर औसत से कठिन के बीच देखने को मिला, जिसमें वैचारिक स्पष्टता यानी (Conceptual Clarity) वाले छात्रों को फिलहाल, फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. 

भविष्य पर क्या पड़ सकता है इसका असर?

कक्षा 10 की गणित की परीक्षा केवल एक विषय का मूल्यांकन नहीं है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य की दिशा तय करने में  भी बड़ी भूमिका निभाता है. 

स्ट्रीम चयन: विज्ञान (Science) और वाणिज्य (Commerce) स्ट्रीम लेने वाले छात्रों के लिए गणित के अंक बेहद ही महत्वपूर्ण होते हैं. 

प्रतियोगी परीक्षाओं की नींव: जेईई (JEE) और एनईईटी (NEET) जैसी परीक्षाओं की बुनियादी समझ इसी स्तर से विकसित होती है. 

मानसिक कौशल: यह परीक्षा छात्र की समस्या सुलझाने की क्षमता को और भी ज्यादा बढ़ाने में मददगार साबित होता है.

छात्रों की चिंता और विशेषज्ञों की राय

परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों ने विशेष रूप से सेक्शन-सी और डी के जटिल सवालों पर चर्चा की जा रही है. हालांकि, विशेषज्ञों का सुझाव है कि छात्रों को अब केवल अंकों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय अपनी गलतियों से सीखना चाहिए. इसके साथ ही सीबीएसई का बदला हुआ पैटर्न रटने के बजाय समझने पर ज़ोर देता है, जो आने वाले समय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के ऊपर ही पूरी तरह से आधारित है. 

Darshna Deep

Share
Published by
Darshna Deep

Recent Posts

IPL Toss Today: हार्दिक के बिना मैदान में मुंबई, क्या आज खत्म हो जाएगा मुंबई इंडियंस का सफर?

मुंबई इंडियंस के लिए आज का मुकाबला किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. क्या सूर्या…

Last Updated: May 10, 2026 23:16:12 IST

Funny Jokes: …जब तनाव दिमाग पर हो जाए हावी, तब पढ़ें ये मजेदार चुटकुले, चैन से कटेगा पूरा दिन!

Funny Jokes of the Day: अगर आप सुबह-शाम हंसने की आदत डाल लें तो कोई…

Last Updated: May 10, 2026 19:31:35 IST

Sarla Bhatt Murder Case: अपहरण, दरिंदगी, हत्या फिर दशकों तक चुप्पी; 36 साल बाद पुलिस कार्रवाई के बाद क्या हुआ?

Sarla Bhatt Murder: 1990 की सरला भट्ट एक ऐसा नाम, जिसका जिक्र फिर से शुरू…

Last Updated: May 10, 2026 18:35:48 IST

Video: घर आई नन्ही परी! बेटी के जन्म पर खुशी से झूमे सूर्यकुमार यादव, मिठाई बांटकर मनाया जश्न

Suryakumar Yadav Baby Girl: भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी…

Last Updated: May 10, 2026 18:32:16 IST

गर्मी में झुलस गई है स्किन? रसोई की इन 4 चीजों से बनाएं ये हर्बल ड्रिंक, 30 दिन में शीशे जैसी चमकेगी त्वचा!

Summer Special Drink for Glowing Skin: आयुर्वेदिक डॉ. उपासना वोहरा बताती हैं कि गर्मी की…

Last Updated: May 10, 2026 16:50:59 IST

Bhojpuri Vulgar Songs: अश्लीलता फैलाने वालों की खैर नहीं… फूहड़ गानों पर बिहार सरकार का सख्त रुख

Bhojpuri Vulgar Songs: कला एवं संस्कृति विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने के बाद, मंत्री प्रमोद…

Last Updated: May 10, 2026 15:56:38 IST