JEE Success Story: भारत में JEE के बाद IIT और कॉर्पोरेट करियर आम रास्ता माना जाता है, लेकिन कल्पित वीरवाल (Kalpit Veerwal) ने इस धारणा को तोड़ते हुए अपनी अलग पहचान और राह चुनी.
JEE IIT Success Story: जेईई टॉपर ने कॉरपोरेट करियर छोड़ चुना ये रास्ता
JEE IIT Topper Story: भारत में जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) को अक्सर सफलता की अंतिम सीढ़ी माना जाता है. टॉप रैंक हासिल करने के बाद ज़्यादातर छात्रों का IIT की डिग्री और फिर एक स्थिर कॉर्पोरेट करियर का रास्ता साफ हो जाता है. लेकिन हर कोई इस तय रास्ते पर नहीं चलता है. ऐसी ही कहानी कल्पित वीरवाल की है, जिन्होंने अलग ही रास्ता अख्तियार किया है.
साल 2017 में वीरवाल ने JEE Main में 360 में से 360 अंक हासिल कर इतिहास रच दिया. वह ऐसा करने वाले पहले छात्र बने और रातों-रात राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गए. राजस्थान के उदयपुर से आने वाले इस छात्र को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली. वीरवाल खुद मानते हैं कि उस दिन सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन यही दिन उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गया. एक आम छात्र से वे अचानक देशभर में पहचाने जाने लगे.
जहां ज़्यादातर टॉपर्स IIT के बाद कॉर्पोरेट दुनिया में कदम रखते हैं, वहीं वीरवाल ने इस रास्ते को अपनाने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि पारंपरिक कॉर्पोरेट जीवन उन्हें कभी आकर्षित नहीं कर पाया. उन्होंने अपनी लोकप्रियता को एक अवसर के रूप में इस्तेमाल किया और अलग-अलग क्षेत्रों में टीचिंग, स्टार्टअप्स, मोटिवेशनल स्पीकिंग, इन्वेस्टिंग और ट्रैवलिंग में हाथ आज़माया.
हाल के समय में वीरवाल ने अपने करियर को एक और नया मोड़ दिया है. अब वह एक सिंगर-गीतकार के रूप में भी उभर रहे हैं और अपना म्यूज़िक रिलीज़ कर रहे हैं। साथ ही, उनका झुकाव इन्वेस्टिंग की ओर भी बढ़ा है. उनका मानना है कि सफलता का मतलब सिर्फ एक तय रास्ते पर चलना नहीं, बल्कि खुद के लिए सही रास्ता चुनना है.
उनकी इस जर्नी को सोशल मीडिया पर खूब सराहा गया. कई लोगों ने उन्हें प्रेरणा बताया, तो कुछ ने उनके फैसले पर सवाल भी उठाए. कुछ यूज़र्स का मानना था कि उन्हें टेक्नोलॉजी या स्टार्टअप सेक्टर में योगदान देना चाहिए. हालांकि, वीरवाल ने साफ कहा कि उनका इंटरेस्ट मीडिया और फाइनेंस में है और वे उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं.
कल्पित वीरवाल की कहानी आज की युवा पीढ़ी के लिए एक अहम संदेश देती है. सफलता सिर्फ डिग्री या नौकरी तक सीमित नहीं है. असली सफलता वही है, जहां इंसान अपने जुनून के साथ आगे बढ़े, भले ही रास्ता अलग क्यों न हो.
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