JEE Main 2026 Paper: NTA की JEE Main 2026 सेशन-1 परीक्षा 21 जनवरी से शुरू हुई, जहां सुबह की पहली शिफ्ट में हजारों छात्रों ने CBT मोड में 300 अंकों का पेपर दिया.
JEE Main 2026 Paper: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित जेईई मेन 2026 सेशन 1 की परीक्षा 21 जनवरी को शुरू हो गई है. पहले दिन की पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई, जिसमें देशभर से हजारों छात्र शामिल हुए. यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में हुई और इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स से कुल 75 प्रश्न पूछे गए, जिनका कुल वेटेज 300 अंक था.
शिफ्ट 1 में शामिल हुए छात्रों के शुरुआती फीडबैक के अनुसार कुल मिलाकर पेपर का लेवल मीडियम रहा है. फिजिक्स और केमिस्ट्री अपेक्षाकृत आसान से मध्यम थीं, जबकि मैथ्स के सवालों ने छात्रों को थोड़ा ज्यादा सोचने पर मजबूर किया. कई छात्रों का कहना था कि पेपर टाइम-मैनेजमेंट पर आधारित था.
JEE Main एक नेशनल लेवल की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा है, जो साल में दो बार आयोजित की जाती है. इसमें छात्रों को 3 घंटे में 75 सवाल हल करने होते हैं. हर सही उत्तर के लिए 4 अंक दिए जाते हैं, जबकि गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाता है. यह स्कोर IITs, NITs और अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन का रास्ता खोलता है.
21 जनवरी शिफ्ट 1 में फिजिक्स का सेक्शन कॉन्सेप्ट-बेस्ड और फॉर्मूला आधारित सवालों का मिश्रण था. ऑप्टिक्स, यूनिट्स एंड डाइमेंशन, सेमीकंडक्टर और रोटेशनल मोशन जैसे टॉपिक्स से सवाल पूछे गए. अधिकांश छात्रों ने इस सेक्शन को मैनेजेबल बताया.
केमिस्ट्री सेक्शन को छात्रों ने सबसे ज्यादा स्कोरिंग माना है. कई सवाल सीधे NCERT से पूछे गए थे, खासकर ऑर्गेनिक केमिस्ट्री से. जिन छात्रों ने NCERT को अच्छे से पढ़ा था, उनके लिए यह सेक्शन आसान रहा.
मैथ्स सेक्शन में सवालों का स्तर मध्यम था, लेकिन कुछ प्रश्न लंबे और समय लेने वाले थे. त्रिकोणमिति, सेट्स, मैट्रिक्स, वेक्टर और 3D ज्योमेट्री से सवाल आए. छात्रों के अनुसार, सही रणनीति के बिना इस सेक्शन में समय की कमी महसूस हो सकती थी.
पहली शिफ्ट होने के कारण 21 जनवरी का पेपर आने वाली शिफ्ट्स के लिए एक बेंचमार्क माना जा रहा है. जो छात्र आने वाले दिनों में परीक्षा देने वाले हैं, उन्हें इस एनालिसिस से यह समझने में मदद मिलेगी कि किन टॉपिक्स पर ज्यादा फोकस करना चाहिए.
जेईई मेंस 2026 की पहली शिफ्ट ने यह साफ कर दिया कि इस बार परीक्षा संतुलित लेकिन कॉन्सेप्ट-क्लियर छात्रों के पक्ष में है. सही रिवीजन और टाइम मैनेजमेंट से अच्छे स्कोर की संभावना बनी हुई है.
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