JEE Success Story: छोटे शहर से उठकर बड़े सपने देखने वालों के लिए सफलता की राह भले ही कठिन हो, लेकिन नामुमकिन कभी नहीं होती. हरियाणा के नारनौल…
JEE Success Story: छोटे शहर से उठकर बड़े सपने देखने वालों के लिए सफलता की राह भले ही कठिन हो, लेकिन नामुमकिन कभी नहीं होती. हरियाणा के नारनौल जैसे शांत शहर से आने वाले मोहित (Mohit) ने भी यही साबित करने का संकल्प लिया. उनके लिए Indian Institutes of Technology (IITs) सिर्फ एक प्रतिष्ठित संस्थान नहीं, बल्कि उत्कृष्टता, कड़ी मेहनत और सम्मान की पहचान थे. क्लास 8 से ही उन्होंने Joint Entrance Examination (JEE) टॉपर्स की प्रेरणादायक कहानियां पढ़नी शुरू कर दी थीं. वे IIT कैंपस लाइफ की कल्पना करते, खुद को देश के सबसे प्रतिभाशाली छात्रों के बीच देखते और उसी दिशा में निरंतर मेहनत करते रहे.
कंप्यूटर साइंस के प्रति उनका खास झुकाव इसलिए था क्योंकि यह क्षेत्र चुनौतीपूर्ण, अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और तेजी से विकसित होने वाला है. मोहित का मानना था कि अगर खुद को सर्वश्रेष्ठ बनाना है, तो सर्वश्रेष्ठ दिमागों के बीच रहकर खुद को परखना जरूरी है और यही सोच उन्हें उनके सपनों की ओर लगातार आगे बढ़ाती रही.
मोहित ने अपनी 10वीं (98%) और 12वीं (94.2%) की पढ़ाई श्री कृष्णा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भुंगारका से पूरी की. उनके पिता हरियाणा सरकार में इंग्लिश लेक्चरर हैं और मां होममेकर. ऐसे माहौल में पले-बढ़े जहां शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती थी, जिसने उनके लक्ष्य को और स्पष्ट किया. नारनौल आज भी उनके दिल के करीब है, खासकर वहां के समोसे, जिनका स्वाद उन्हें कहीं और नहीं मिला.
JEE की तैयारी ग्लैमरस नहीं थी. इसमें लंबे अध्ययन घंटे, खुद पर शक और लगातार दबाव शामिल था. मोहित ने नारनौल में कोचिंग जॉइन की और कई महत्वपूर्ण पुस्तकों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जनवरी और अप्रैल 2023 में उन्होंने JEE मेंस दिया और 33,879 रैंक हासिल की. जून 2023 में जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) में 14,076 रैंक प्राप्त की. तैयारी के दौरान कई बार वह निराश भी हुए. उन्हें लगा कि प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा है. लेकिन उनके शिक्षकों ने लगातार उन्हें याद दिलाया कि असली सफलता मोटिवेशन से नहीं, बल्कि कंसिस्टेंसी से मिलती है.
Joint Seat Allocation Authority (JoSAA) काउंसलिंग के दौरान उन्होंने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग को प्राथमिकता दी. कुछ उच्च रैंक वाले संस्थानों में डेटा साइंस और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग भी विकल्प में रखे. आखिरकार वर्ष 2023 में उन्हें IIT मंडी में प्रवेश मिला. आज वह BTech कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष में हैं और उनका क्लास 8 का सपना सच हो चुका है.
मोहित के लिए IIT अंतिम मंजिल नहीं है. वह एक दिन प्रशासनिक सेवा में जाकर देश की सेवा करना चाहते हैं। IIT ने उन्हें अनुशासन, धैर्य, आत्मविश्वास और व्यापक दृष्टिकोण दिया है. उनकी कहानी यह सिखाती है कि छोटे शहर से बड़े सपने देखने वाले छात्र अगर निरंतर मेहनत करें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं.
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