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NEET Story: नीट में तीन बार नाकामी, चौथे प्रयास में गड़रिया के बेटे ने MBBS सीट की पक्की, यहां से कर रहे पढ़ाई

NEET Success Story: मजबूत इरादों ने गोरधनराम की किस्मत बदल दी. बाड़मेर के छोटे गांव से निकलकर गडरिया परिवार का बेटा आज एम्स देवघर में MBBS पढ़ रहा है और पूरे क्षेत्र की प्रेरणा बन गया है.

NEET Success Story: मजबूत हौसले हों तो सबसे कठिन हालात भी रास्ता छोड़ देते हैं. राजस्थान के बाड़मेर जिले के छोटे से गांव बेरीवाला तला में जन्मे गोरधनराम (Gordhanram) ने यही साबित किया है. एक साधारण गडरिया परिवार से आने वाले गोरधनराम आज एम्स देवघर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं. जो सपना कभी उनके परिवार की कल्पना से भी दूर था, वह आज हकीकत बन चुका है. अपने गांव के पहले डॉक्टर बनने की ओर बढ़ते गोरधनराम की यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा और गर्व का कारण है.

सीमित संसाधनों में पली बड़ी उम्मीदें

गोरधनराम का गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करता है. बिजली आती है, लेकिन पानी के लिए गांव पूरी तरह बारिश पर निर्भर है. बरसात में भरे टांकों से ही सालभर की जरूरत पूरी होती है. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और माता-पिता आज भी झोपड़ियों में रहते हैं, क्योंकि पशुपालन के चलते उनका जीवन वहीं बीतता है.

पढ़ाई में शुरू से तेज, लेकिन राह आसान नहीं थी

गोरधनराम शुरू से पढ़ाई में होशियार था. उन्होंने सरकारी स्कूल से 10वीं में 77.5 प्रतिशत और 12वीं में 93.6 प्रतिशत अंक हासिल किए. शिक्षकों से नीट के बारे में जानकारी मिलने के बाद उसने खुद ही तैयारी शुरू कर दी. उसकी प्रतिभा और हालात को देखते हुए कोटा की एक कोचिंग संस्था ने दो साल की फीस माफ कर दी, जो उसके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.

भाई की असमय मौत और खुद की बीमारी

साल 2021 में परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब सबसे बड़े भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई. वह आरएएस परीक्षा पास कर चुका था और पोस्टिंग का इंतजार कर रहा था. इस सदमे के बावजूद गोरधनराम ने हार नहीं मानी और डॉक्टर बनने का संकल्प और मजबूत किया. तैयारी के दौरान आंखों की गंभीर समस्या भी हुई. डॉक्टरों ने पढ़ाई कम करने की सलाह दी, लेकिन हालात ने उसे रुकने नहीं दिया.

चार प्रयासों के बाद मिली मंज़िल

नीट में सफलता एक दिन में नहीं मिली.
2022: 328 अंक
2023: 465 अंक
2024: 600 अंक
2025: 575 अंक

नीट 2025 में AIR 4498 और OBC रैंक 1720 के साथ उसे एम्स देवघर में दाखिला मिला और आज वह एमबीबीएस फर्स्ट ईयर का छात्र है. गोरधनराम मानता है कि सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास ने उसकी जिंदगी बदल दी. उसका सपना सिर्फ डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और ईमानदार डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है.

Munna Kumar

11+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल में SEO-आधारित कंटेंट, डेटा इनसाइट्स और प्रभावी स्टोरीटेलिंग में विशेषज्ञ. रणनीति, क्रिएटिविटी और टेक्निकल स्किल्स के साथ उच्च-गुणवत्ता, आकर्षक और विश्वसनीय कंटेंट तैयार करना शामिल है. अभी इंडिया न्यूज में कार्यरत हूं. इससे पहले नेटवर्क18, जी मीडिया, दूरदर्शन आदि संस्थानों में कार्य करने का अनुभव रहा है.

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