भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया जाएगा. आइये जानते हैं अनंत नाग के बारे में, जिनकी प्रशंसा प्रधानमंत्री मोदी ने भी की है.
अनंत नाग
दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च सिनेमा सम्मान, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है. 1970 के दशक के समानांतर सिनेमा आंदोलन में अनंत नाग ने मुख्य रूप से कन्नड़ सिनेमा में काम किया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाग की इस उपलब्धि पर अपने संबोधन में एक अनुभवी अभिनेता के रूप में उनकी बहुमुखी प्रतिभा और प्रामाणिकता की सराहना की.
बुधवार शाम को अपने एक्स पोस्ट में, मोदी ने अनुभवी निर्देशक की प्रशंसा करते हुए उनके अभिनय को “सहज” और उनकी बहुमुखी प्रतिभा को “उल्लेखनीय” बताया. उन्होंने कहा, “दिग्गज अनंत नाग जी को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई. कई दशकों से उनके सहज अभिनय, उल्लेखनीय बहुमुखी प्रतिभा और प्रतिभा ने भारतीय सिनेमा, विशेष रूप से कन्नड़ सिनेमा पर एक अमिट छाप छोड़ी है.”
A lifetime of cinematic excellence, celebrated. 🎬🏆
The Government of India announces the prestigious Dadasaheb Phalke Award 2024 for Anant Nag’s outstanding contribution to Indian cinema and an illustrious journey that has inspired generations.
📅 22 September 2026
📍… pic.twitter.com/UIfPYJEh5K— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) September 16, 2026
पीएम मोदी ने नाग के काम की “असाधारण गहराई” की बात की. उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने जो भी भूमिका निभाई है, उसमें उन्होंने असाधारण गहराई और प्रामाणिकता लाई है. यह वास्तव में एक विशिष्ट कलाकार के लिए एक बेहद योग्य सम्मान है.”
अनंत नाग को कन्नड़ फिल्मों में उनके व्यापक योगदान के लिए जाना जाता है, लेकिन हिंदी, मराठी, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है. 78 वर्षीय नाग को श्याम बेनेगल द्वारा निर्देशित कुछ बेहतरीन आर्ट-हाउस फीचर फिल्मों, जैसे अंकुर (1974), निशांत (1975), भूमिका (1977) और कोंडुरा (1978) से शुरुआती पहचान मिली. अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली, बहुमुखी प्रतिभा और पर्दे पर सूक्ष्म उपस्थिति के लिए जाने जाने वाले नाग ने मुख्यधारा और समानांतर सिनेमा में लगभग पांच दशकों तक काम किया है.
आर.के. नारायण की क्लासिक कृति ‘मालगुडी डेज़’ के रूपांतरण में विभिन्न किरदारों को निभाने के उनके अभिनय नेजिसका निर्देशन उनके भाई शंकर नाग ने किया था, भारतीय दर्शकों के बीच उनकी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया. अभिनय के अलावा, नाग कर्नाटक में एक राजनेता के रूप में भी कार्य कर चुके हैं.
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिलने की खबर पर उन्होंने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. बता दें कि मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल को पिछले साल यह सम्मान मिला था. 78 वर्षीय अभिनेता को केजीएफ: चैप्टर 1 (2018) में भी देखा गया था, जिसमें यश, श्रीनिधि शेट्टी और अन्य अभिनेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई थीं. उल्लेखनीय है कि मई 2025 में अनंत नाग को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पद्मश्री पुरस्कार भी प्रदान किया गया है.
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