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Home > मनोरंजन > आर्मी की नौकरी छोड़ किया फिल्मों का रुख, कभी बने सीता, तो कभी सकुनी मामा बनकर जीता दिल

आर्मी की नौकरी छोड़ किया फिल्मों का रुख, कभी बने सीता, तो कभी सकुनी मामा बनकर जीता दिल

Gufi Paintal: गुफी पेंटल ने अपने करियर में कई गंभीर और फनी किरदार निभाए. हालांकि 'महाभारत' के शकुनी मामा ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई. की दुनिया में आने से पहले गुफी पेंटल की जिंदगी बिल्कुल अलग थी. उन्होंने फिल्मों में आने से पहले भारतीय सेना में नौकरी की थी.

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Last Updated: August 22, 2026 16:04:37 IST

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Gufi Paintal: टीवी और सिनेमा की दुनिया में बहुत से ऐसे एक्टर्स होते हैं, जिन्हें लोग उनके असली नाम से कम पहचानते हैं और उनके किरदार वाले नाम से ज्यादा पहचानते हैं. गुफी पेंटल भी ऐसे ही कलाकारों में एक थे. उन्होंने अपने करियर में कई गंभीर और फनी किरदार निभाए. हालांकि ‘महाभारत’ के शकुनी मामा ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई. दिलचस्प बात यह है कि एक्टिंग की दुनिया में आने से पहले गुफी पेंटल की जिंदगी बिल्कुल अलग थी. उन्होंने फिल्मों में आने से पहले भारतीय सेना में नौकरी की थी.

भाई के साथ आर्मी में जाना चाहते थे गूफी

गुफी पेंटल का जन्म 4 अक्टूबर 1944 को पंजाब के तरनतारन में हुआ था. उनका परिवार 1947 में विभाजन के बाद मुंबई आया था. उनके भाई कंवलजीत पेंटल भी मनोरंजन की दुनिया से जुड़े थे. कहा जाता है कि गुफी के मन में भी शुरुआत से ही एक्टिंग को लेकर दिलचस्पी थी लेकिन करियर की शुरुआत उन्होंने भारतीय सेना से की. 1960 के दशक में भारत और चीन के बीच तनाव के दौर में उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर भारतीय सेना में जाने का फैसला किया. वह सेना में बतौर इंजीनियर काम करते थे. कुछ समय बाद जिंदगी ने उन्हें एक नया रास्ता दिखाया और उन्होंने सेना की नौकरी छोड़कर मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में आ गए.

टीवी तक का सफर

मुंबई आने के बाद गुफी पेंटल ने एक्टिंग के साथ ही कैमरे के पीछे भी काम किया. उन्होंने फिल्मों में छोटे-बड़े किरदार निभाए और धीरे-धीरे टीवी की दुनिया में अपनी न भूलने वाली पहचान बनाई. हालांकि उन्हें असली पहचान पौराणिक धारावाहिक ‘महाभारत’ से मिली थी. बीआर चोपड़ा के इस लोकप्रिय धारावाहिक में उन्होंने शकुनी मामा का किरदार निभाया और उसे अमर कर दिया. उनकी चालाकी, बोलने का अंदाज और चेहरे के भाव इतने असरदार थे कि दर्शकों के लिए गुफी पेंटल ही शकुनी मामा बन गए. 

कभी बने सीता, तो कभी शकुनी

गुफी पेंटल ने सिर्फ शकुनी का किरदार ही नहीं निभाया. उन्होंने अपने लंबे करियर में कई तरह के किरदार किए. पौराणिक और ऐतिहासिक कहानियों में भी वह अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आए. उनके करियर की खास बात यह रही कि उन्होंने एक ही तरह के किरदार में खुद को सीमित नहीं किया. उन्होंने सीता का किरदार भी निभाया और कई प्रोजेक्ट्स में उन्होंने गंभीर भूमिकाएं निभाईं. गुफी पेंटल सिर्फ एक्टर नहीं थे. उन्हें फिल्म और टेलीविजन की तकनीकी बारीकियों की भी अच्छी समझ थी. उन्होंने निर्देशन और कास्टिंग से जुड़े काम भी किए. ‘महाभारत’ में अभिनय करने के साथ-साथ वह इसके कलाकारों के चयन की प्रक्रिया से भी जुड़े रहे थे.

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Gufi Paintal: टीवी और सिनेमा की दुनिया में बहुत से ऐसे एक्टर्स होते हैं, जिन्हें लोग उनके असली नाम से कम पहचानते हैं और उनके किरदार वाले नाम से ज्यादा पहचानते हैं. गुफी पेंटल भी ऐसे ही कलाकारों में एक थे. उन्होंने अपने करियर में कई गंभीर और फनी किरदार निभाए. हालांकि ‘महाभारत’ के शकुनी मामा ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई. दिलचस्प बात यह है कि एक्टिंग की दुनिया में आने से पहले गुफी पेंटल की जिंदगी बिल्कुल अलग थी. उन्होंने फिल्मों में आने से पहले भारतीय सेना में नौकरी की थी.

भाई के साथ आर्मी में जाना चाहते थे गूफी

गुफी पेंटल का जन्म 4 अक्टूबर 1944 को पंजाब के तरनतारन में हुआ था. उनका परिवार 1947 में विभाजन के बाद मुंबई आया था. उनके भाई कंवलजीत पेंटल भी मनोरंजन की दुनिया से जुड़े थे. कहा जाता है कि गुफी के मन में भी शुरुआत से ही एक्टिंग को लेकर दिलचस्पी थी लेकिन करियर की शुरुआत उन्होंने भारतीय सेना से की. 1960 के दशक में भारत और चीन के बीच तनाव के दौर में उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर भारतीय सेना में जाने का फैसला किया. वह सेना में बतौर इंजीनियर काम करते थे. कुछ समय बाद जिंदगी ने उन्हें एक नया रास्ता दिखाया और उन्होंने सेना की नौकरी छोड़कर मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में आ गए.

टीवी तक का सफर

मुंबई आने के बाद गुफी पेंटल ने एक्टिंग के साथ ही कैमरे के पीछे भी काम किया. उन्होंने फिल्मों में छोटे-बड़े किरदार निभाए और धीरे-धीरे टीवी की दुनिया में अपनी न भूलने वाली पहचान बनाई. हालांकि उन्हें असली पहचान पौराणिक धारावाहिक ‘महाभारत’ से मिली थी. बीआर चोपड़ा के इस लोकप्रिय धारावाहिक में उन्होंने शकुनी मामा का किरदार निभाया और उसे अमर कर दिया. उनकी चालाकी, बोलने का अंदाज और चेहरे के भाव इतने असरदार थे कि दर्शकों के लिए गुफी पेंटल ही शकुनी मामा बन गए. 

कभी बने सीता, तो कभी शकुनी

गुफी पेंटल ने सिर्फ शकुनी का किरदार ही नहीं निभाया. उन्होंने अपने लंबे करियर में कई तरह के किरदार किए. पौराणिक और ऐतिहासिक कहानियों में भी वह अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आए. उनके करियर की खास बात यह रही कि उन्होंने एक ही तरह के किरदार में खुद को सीमित नहीं किया. उन्होंने सीता का किरदार भी निभाया और कई प्रोजेक्ट्स में उन्होंने गंभीर भूमिकाएं निभाईं. गुफी पेंटल सिर्फ एक्टर नहीं थे. उन्हें फिल्म और टेलीविजन की तकनीकी बारीकियों की भी अच्छी समझ थी. उन्होंने निर्देशन और कास्टिंग से जुड़े काम भी किए. ‘महाभारत’ में अभिनय करने के साथ-साथ वह इसके कलाकारों के चयन की प्रक्रिया से भी जुड़े रहे थे.

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