केरल के त्रिशूर जिले में एक निजी लॉज में पुलिस अधिकारी बनकर घुसे पांच लोगों ने एक महिला का कथित तौर पर अपहरण कर सामूहिक बलात्कार किया. पुलिस के मुताबिक, महिला अपने एक विवाहित मित्र के साथ केरल आई थी और केएसआरटीसी बस स्टैंड के पास उसके साथ ठहरी हुई थी.
पुलिस ने बताया कि उसके साथ आए व्यक्ति पर भी हमला किया गया, जिससे उसके हाथों और पैरों में फ्रैक्चर हो गए. बाद में उसे एक अस्पताल के बाहर छोड़ दिया गया.
आरोपियों ने पुलिस अधिकारी होने का किया नाटक
जांच के अनुसार, यह घटना पिछले महीने तब घटी जब महिला और उसका पुरुष मित्र तिरुप्पुर से त्रिशूर जा रहे थे और एक लॉज में ठहरे. पुलिस का आरोप है कि पांच लोग पुलिस अधिकारी बनकर उनके कमरे में घुस आए. आरोपियों ने कथित तौर पर दोनों के हाथ-पैर कपड़े से बांध दिए और मुंह बंद कर दिया, फिर उन्हें कार में बिठाकर ले गए. यात्रा के दौरान पुरुष के साथ मारपीट की गई. बाद में उसे भी एक अस्पताल के बाहर छोड़ दिया गया।
महिला को कथित तौर पर दूसरी कार में ले जाया गया
पुलिस ने बताया कि जांच से पता चलता है कि दो आरोपियों ने कथित तौर पर महिला को दूसरे वाहन में स्थानांतरित किया. इसके बाद कथित तौर पर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया. अधिकारी अपहरण और कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित परिस्थितियों के साथ-साथ प्रत्येक आरोपी की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं.
जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि महिला के साथ आए व्यक्ति की पत्नी भी अपराध की योजना बनाने में शामिल हो सकती है. जांच से संबंधित रिपोर्टों में कहा गया है कि उसने कथित तौर पर अपने पति के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की और यह जानकारी आरोपियों के साथ साझा की. पुलिस ने व्यक्ति की पत्नी समेत सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. घटनाक्रम का पता लगाने और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की सटीक भूमिका निर्धारित करने के लिए आगे की जांच जारी है. आरोपों की जांच के बाद कानूनी कार्यवाही की जाएगी.