Madhav Gopal Agrawal: बॉलीवुड के मशहूर एक्टर और कॉमेडियन राजपाल यादव को 9 करोड़ रुपये का कर्ज देने वाले बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल ने इस मामले चुप्पी तोड़ी है. एक चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इस मामले पर खुलकर बात रखी है.
राजपाल यादव को 9 करोड़ रुपये का लोन देने वाले बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल ने क्या कहा?
राजपाल यादव केस: बॉलीवुड के मशहूर एक्टर और कॉमेडियन राजपाल यादव आज दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा हो गए हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें 9 करोड़ रुपये के कर्ज के मामले में अंतरिम बेल दे दी है. भूल भुलैया एक्टर को कोर्ट से कुछ समय के लिए राहत मिलने के बाद जिस बिजनेसमैन ने राजपाल यादव को उनकी 2012 की फिल्म अता पता लापता को फाइनेंस करने के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रिंसिपल अमाउंट लोन दिया था, उसने अब इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है.
न्यूज़ पिंच को दिए एक इंटरव्यू में बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल ने राजपाल यादव के साथ अपनी पहली मुलाकात, उन्होंने एक्टर को 5 करोड़ रुपये का लोन कैसे दिया और पिछले 14 सालों में लंबे समय से चल रहे कर्ज के मामले में क्या हुआ? इस पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखी है.
मामले के शुरुआती दिनों में माधव गोपाल अग्रवाल ने कहा कि वह राजपाल यादव के घर गए और उनके सामने बच्चों की तरह रोए, क्योंकि उन्होंने उन्हें उन पैसों से पैसे दिए थे जो उन्होंने खुद दूसरों से उधार लिए थे. उन्होंने बार-बार राजपाल यादव से वह तारीख बताने की विनती की जिस दिन वह नया एग्रीमेंट ड्राफ्ट करवा सकें. मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के माधव गोपाल अग्रवाल ने भी याद किया कि वह पहली बार एमपी मिथिलेश कुमार कठेरिया के माध्यम से राजपाल यादव से मिले थे.
बिजनेसमैन के मुताबिक, राजपाल यादव ने उनसे कहा कि उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ लगभग पूरी हो चुकी है और अगर उन्हें फंडिंग नहीं मिली तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा. जब माधव गोपाल अग्रवाल ने उन्हें पैसे देने से मना कर दिया तो राजपाल यादव की पत्नी राधा ने उन्हें कई मैसेज भेजकर इमोशनल अपील की. आखिरकार बिजनेसमैन मान गए और एक्टर की मदद करने के लिए तैयार हो गए. माधव गोपाल अग्रवाल के मुताबिक, एग्रीमेंट में साफ लिखा था कि फिल्म की सफलता या असफलता, उसके सेंसर सर्टिफिकेट या किसी और दिक्कत से पैसे पर कोई असर नहीं पड़ेगा. राजपाल यादव को तय रकम समय पर लौटानी होगी. उन्होंने दावा किया कि राजपाल यादव ने पर्सनल गारंटी भी दी थी.
बिजनेसमैन ने कहा कि उन्होंने लोन दिया था और यह कोई इन्वेस्टमेंट नहीं था, क्योंकि इन्वेस्टमेंट में कोई पर्सनल गारंटी या चेक नहीं होता है. जब उन्हें समय पर पैसे नहीं मिले तो माधव गोपाल अग्रवाल ने राजपाल यादव से कॉन्टैक्ट किया. उस समय एक्टर ने कहा कि उनके पास फंड नहीं हैं, जिसके बाद तीन बार सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट किए गए और नए चेक दिए गए. जब मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने एक इवेंट में फिल्म का म्यूजिक लॉन्च किया तो माधव गोपाल अग्रवाल को पता चला कि एग्रीमेंट के अनुसार नेगेटिव और पैसे फिल्म पूरी होने के बाद दिए जाने थे. इसलिए वह फिल्म की रिलीज रोकने के लिए कोर्ट चले गए.
राजपाल यादव ने कहा कि वह रिलीज तक पैसे वापस नहीं कर सकते, इसलिए माधव गोपाल अग्रवाल ने सेटलमेंट किया और फिल्म की रिलीज से स्टे हटवा लिया. लेकिन फिल्म फ्लॉप हो गई. 2013 में जब कोई नतीजा नहीं निकला तो बिजनेसमैन फिर से कोर्ट गए. कोर्ट के दखल के बाद 10.40 करोड़ रुपये का सेटलमेंट तय हुआ. राजपाल यादव ने कई चेक जमा किए लेकिन वे सभी बाउंस हो गए और इसलिए मामला आगे बढ़ गया. माधव गोपाल अग्रवाल ने कहा कि वह एक बिजनेसमैन हैं, उन्हें बस अपने पैसे वापस चाहिए.
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