Sidhu Moose Wala: दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई सुखदीप सिंह सिद्धू को छोटा सिद्धू कहा जाता है. उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. वीडियो कनाडा में आयोजित एक म्यूजिकल कॉन्सर्ट का बताया जा रहा है. इसमें ढाई साल के बच्चे को स्टेज पर हाथों से बंदूक चलाने जैसा इशारा करते और धांय-धांय की आवाज निकालते देखा जा सकता है. वीडियो सामने आने के बाद बाल अधिकारों से जुड़े एक संगठन ने इस पर आपत्ति जताई है और मामले की जांच कराने की मांग की है.
कनाडा के कॉन्सर्ट का वीडियो
बताया जा रहा है कि यह घटना 9 अक्टूबर को कनाडा के टोरंटो स्थित स्कोशियाबैंक एरिना में आयोजित ‘साइंड टू गॉड वर्ल्ड टूर’ के पहले शो के दौरान हुई. कार्यक्रम में सुखदीप को उनके माता-पिता बलकौर सिंह और चरण कौर की मौजूदगी में स्टेज पर लाया गया था. शिकायत में दावा किया गया है कि इस दौरान बच्चा हाथों से बंदूक चलाने की नकल करता दिखा. उसने जांघ पर हाथ मारने वाला इशारा भी किया, जिसे सिद्धू मूसेवाला के अंदाज से जोड़कर देखा जाता है. सोशल मीडिया पर वायरल कुछ अन्य वीडियो को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. शिकायत करने वाले संगठन का आरोप है कि आसपास मौजूद कुछ लोग बच्चे को ऐसे इशारे दोहराने के लिए प्रोत्साहित करते नजर आ रहे हैं.
बाल अधिकार संगठन ने दर्ज कराई शिकायत
चंडीगढ़ स्थित ‘लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल’ ने 17 अक्टूबर को मानसा के डिप्टी कमिश्नर और जिला बाल संरक्षण इकाई के पास शिकायत दर्ज कराई. संगठन ने मांग की है कि यह पता लगाया जाए कि इतनी कम उम्र में बच्चा इस तरह के व्यवहार के संपर्क में कैसे आया और क्या किसी ने उसे ऐसा करने के लिए प्रेरित किया. शिकायत में बच्चे के मानसिक विकास और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है. संगठन का कहना है कि कम उम्र में हिंसक इशारों को सामान्य रूप में पेश करना बच्चे पर असर डाल सकता है.
सिद्धू मूसेवाला की हत्या का जिक्र
सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. संगठन ने शिकायत में इस घटना का संदर्भ देते हुए बच्चे के आसपास के माहौल पर सवाल उठाए हैं. संगठन ने स्पष्ट किया है कि उसे बच्चे के अपने दिवंगत भाई की याद में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने पर आपत्ति नहीं है. उसकी चिंता बंदूक चलाने जैसे इशारों को लेकर है.
काउंसलिंग और निगरानी की मांग
शिकायत में जुवेनाइल जस्टिस कानून के तहत मामले की जांच, माता-पिता की काउंसलिंग और बच्चे के हित में जरूरी कदम उठाने की मांग की गई है. संगठन चाहता है कि मामला बाल कल्याण समिति के सामने भी रखा जाए.