बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री दीप्ति नवल, जिन्हें 'गर्ल नेक्स्ट डोर' और 'मिस चमको' के नाम से जाना जाता है, का जीवन पर्दे पर जितना सरल दिखता था, असल जिंदगी में उन्होंने उतने ही उतार-चढ़ाव देखे है. हाल ही में उनके जीवन के कई अनछुए पहलुओं ने सबको भावुक कर दिया है.
13 साल की उम्र में घर से भागना और पुलिस का थप्पड़
दीप्ति नवल ने अपनी यादों को साझा करते हुए बताया कि बचपन में उन पर फिल्मों का जुनून सवार था. वह कश्मीर की खूबसूरती से इतनी प्रभावित थी कि महज 13 साल की उम्र में अमृतसर स्थित अपने घर से भाग निकली थी. हालांकि, वह अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सकीं. पुलिस ने उन्हें रात में पकड़ लिया और घर वापस भेजने से पहले उन्हें थप्पड़ भी पड़े. यह उनके जीवन की पहली बड़ी विद्रोही घटना थी.
शादी के बाद करियर में गिरावट और डिप्रेशन
1980 के दशक में दीप्ति नवल ने फिल्म निर्माता प्रकाश झा से शादी की. उस दौर की मानसिकता ऐसी थी कि शादीशुदा अभिनेत्रियों को काम मिलना बंद हो जाता था. दीप्ति ने बताया कि शादी के बाद उनके पास काम की कमी हो गई, जिसने उन्हें गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में डाल दिया. उन्होंने स्वीकार किया कि एक समय ऐसा था जब उनके और प्रकाश झा के बीच बातचीत पूरी तरह खत्म हो गई थी, जिसके कारण आखिरकार उनका तलाक हो गया.
दूसरे प्यार का दुखद अंत: कैंसर ने छीना हमसफर
प्रकाश झा से अलग होने के बाद, दीप्ति के जीवन में विनोद पंडित आए. दोनों ने सालों तक सगाई की और एक साथ एक खुशहाल जीवन बिताया. विनोद ने ही दीप्ति को पेंटिंग और फोटोग्राफी के लिए दोबारा प्रेरित किया था. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था विनोद पंडित का कैंसर से निधन हो गया. दीप्ति ने बताया कि विनोद के इलाज के अस्पताल बिल भरने के लिए उन्हें मजबूरी में दोबारा एक्टिंग की दुनिया में लौटना पड़ा था.
कला के जरिए खुद को संभाला
इन तमाम दुखों और असफलताओं के बावजूद दीप्ति नवल ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपने डिप्रेशन और अकेलेपन से लड़ने के लिए पेंटिंग और लेखन का सहारा लिया. आज वह एक सफल अभिनेत्री होने के साथ-साथ एक कवयित्री और पेंटर भी है और विनोद पंडित की याद में एक ट्रस्ट भी चलाती है.