Controversial Movies : भारतीय सिनेमा में कई ऐसी फिल्में बनीं जिन्होंने समाज की सोच को चुनौती दी. अपनी बोल्डनेस और कड़वे सच की वजह से इन्हें सेंसर बोर्ड की कैंची का सामना करना पड़ा, लेकिन आज ये फिल्में ‘कल्ट क्लासिक’ मानी जाती है.
बैंडिट क्वीन (1994)
फूलन देवी के जीवन पर आधारित इस फिल्म में दिखाई गई हिंसा और बोल्ड दृश्यों की वजह से इसे बैन कर दिया गया था. सेंसर बोर्ड को इसकी भाषा और न्यूडिटी से दिक्कत थी. लेकिन आज इसे शेखर कपूर की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है.
फायर (1996)
दीपा मेहता की इस फिल्म में पहली बार दो महिलाओं के बीच समलैंगिक संबंधों को दिखाया गया था. फिल्म का इतना विरोध हुआ कि सिनेमाघरों में तोड़फोड़ तक हुई. इसे ‘भारतीय संस्कृति के खिलाफ’ बताकर बैन की मांग हुई, लेकिन आज इसे एक क्रांतिकारी फिल्म माना जाता है.
कामसूत्र: ए टेल ऑफ लव (1996)
मीरा नायर की इस फिल्म को इसके नाम और बोल्ड सीन की वजह से भारत में लंबे समय तक रिलीज नहीं होने दिया गया. बाद में कुछ कट्स के साथ यह रिलीज हुई और अपनी शानदार सिनेमेटोग्राफी के लिए मशहूर हुई.
पांच (2001)
अनुराग कश्यप की यह पहली फिल्म थी. इसमें ड्रग्स, हिंसा और गाली-गलौज इतनी ज्यादा थी कि सेंसर बोर्ड ने इसे कभी सर्टिफिकेट ही नहीं दिया. यह फिल्म कभी थियेटर में नहीं आई, लेकिन इंटरनेट पर लीक होने के बाद यह युवाओं के बीच एक ‘कल्ट’ बन गई.
ब्लैक फ्राइडे (2004)
1993 के मुंबई बम धमाकों पर बनी यह फिल्म अपनी सच्चाई और बोल्ड अंदाज़ के लिए जानी जाती है. मामला कोर्ट में होने के कारण इसे 3 साल तक रिलीज नहीं होने दिया गया. आज इसे बॉलीवुड की सबसे अच्छी इन्वेस्टिगेटिव फिल्मों में से एक माना जाता है.
लिपस्टिक अंडर माई बुर्का (2017)
सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को यह कहकर बैन करने की कोशिश की थी कि यह ‘लेडी ओरिएंटेड’ है और इसमें महिलाओं की दबी हुई इच्छाओं को बहुत बोल्ड तरीके से दिखाया गया है. बाद में फिल्म रिलीज हुई और इसे काफी सराहना मिली.
उड़ता पंजाब (2016)
पंजाब में नशे की समस्या पर आधारित इस फिल्म को रिलीज से पहले करीब 89 कट्स का सामना करना पड़ा था. मामला बॉम्बे हाई कोर्ट तक गया और अंत में सिर्फ 1 कट के साथ फिल्म रिलीज हुई. इसने अपनी बेबाकी से बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर दिया था.
You Might Be Interested In