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Home > मनोरंजन > टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वालों की कुंडली आई सामने, कोई करता था वेल्डिंग तो दूसरा सीख रहा था टाइल्स का काम, तीन गिरफ्तार

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वालों की कुंडली आई सामने, कोई करता था वेल्डिंग तो दूसरा सीख रहा था टाइल्स का काम, तीन गिरफ्तार

Tiger Shroff Car Firing Case: टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है. इनमें दो आरोपी हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा बिहार का निवासी बताया गया है, जो मुंबई में रैपिडो चलाता था. रेहान के परिवार के मुताबिक, उसने नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और वह पहले अवैध हथियार रखने के मामले में जेल जा चुका है. दूसरा आरोपी नाबालिग है और उसके पिता के अनुसार वह टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था. पुलिस अब आरोपियों की भूमिका और फायरिंग के पीछे की वजह की जांच कर रही है.

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Last Updated: October 19, 2026 15:42:22 IST

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Tiger Shroff Car Firing Case: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि सामने आने के बाद कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं. मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों में से दो हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा बिहार का निवासी बताया गया है, जो मुंबई में रैपिडो चलाता था. सोनीपत के दोनों आरोपियों की पारिवारिक परिस्थितियां और पिछली जिंदगी अलग-अलग रही हैं. एक आरोपी रेहान नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था और उसके परिवार के मुताबिक, वह अवैध हथियार रखने के मामले में पहले जेल भी जा चुका है. वहीं, दूसरा आरोपी नाबालिग है और उसके पिता के अनुसार वह पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था. अब गिरफ्तारी के बाद दोनों परिवारों में चिंता और हैरानी का माहौल है.

नौवीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था रेहान

रेहान हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव देवरू का रहने वाला है. परिवार के मुताबिक, नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी और काम की तलाश में जुट गया था. परिजनों ने बताया कि रेहान पहले अवैध हथियार रखने के मामले में भी जेल जा चुका है. जेल से बाहर आने के बाद उसने वेल्डिंग का काम शुरू कर दिया था. टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में उसकी गिरफ्तारी की खबर से परिजन परेशान हैं.  परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, रेहान अपनी मां समसिदा और छोटे भाई के साथ गांव में अपने मामा के घर रहता था. उसकी मां एक निजी कंपनी में काम करती हैं. परिजनों ने बताया कि रेहान करीब 12 साल पहले अपने पिता से अलग हो गया था. रेहान की मौसी अफसाना के मुताबिक, जेल से छूटने के बाद वह वेल्डिंग का काम करने लगा था.

दूसरा आरोपी पिता के साथ सीख रहा था टाइल्स का काम

इस मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी भी सोनीपत का रहने वाला है और नाबालिग बताया गया है. उसके पिता के मुताबिक, उनका बेटा गोहाना में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था. वह 13 तारीख को घर आया था, लेकिन इसके बाद कहां गया, इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी. नाबालिग के पिता खुद दिव्यांग हैं और ईंट तोड़कर मजदूरी करते हैं. इसी मेहनत से परिवार का गुजारा चलता है. बेटे का नाम फायरिंग जैसे गंभीर मामले में सामने आने से परिवार सदमे में है. पिता ने आशंका जताई कि कहीं कोई उनके बेटे को बहला-फुसलाकर तो नहीं ले गया. उन्होंने टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना को गलत बताया है. पिता की आशंका और परिवार के बयान उनके अपने पक्ष हैं; इनकी पुष्टि जांच से ही हो सकेगी.

तीसरा आरोपी बिहार का रहने वाला, मुंबई में चलाता था रैपिडो

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है. इनमें तीसरा आरोपी बिहार का रहने वाला बताया गया है और वह मुंबई में रैपिडो चलाता था. इस तरह मामले में गिरफ्तार लोगों की पृष्ठभूमि अलग-अलग राज्यों और कामकाजी परिस्थितियों से जुड़ी बताई जा रही है. हालांकि, केवल उनकी पारिवारिक या आर्थिक पृष्ठभूमि से अपराध में भूमिका तय नहीं की जा सकती. पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि तीनों आरोपियों की घटना में क्या भूमिका थी और वे एक-दूसरे के संपर्क में कैसे आए.

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Tiger Shroff Car Firing Case: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि सामने आने के बाद कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं. मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों में से दो हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा बिहार का निवासी बताया गया है, जो मुंबई में रैपिडो चलाता था. सोनीपत के दोनों आरोपियों की पारिवारिक परिस्थितियां और पिछली जिंदगी अलग-अलग रही हैं. एक आरोपी रेहान नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था और उसके परिवार के मुताबिक, वह अवैध हथियार रखने के मामले में पहले जेल भी जा चुका है. वहीं, दूसरा आरोपी नाबालिग है और उसके पिता के अनुसार वह पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था. अब गिरफ्तारी के बाद दोनों परिवारों में चिंता और हैरानी का माहौल है.

नौवीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था रेहान

रेहान हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव देवरू का रहने वाला है. परिवार के मुताबिक, नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी और काम की तलाश में जुट गया था. परिजनों ने बताया कि रेहान पहले अवैध हथियार रखने के मामले में भी जेल जा चुका है. जेल से बाहर आने के बाद उसने वेल्डिंग का काम शुरू कर दिया था. टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में उसकी गिरफ्तारी की खबर से परिजन परेशान हैं.  परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, रेहान अपनी मां समसिदा और छोटे भाई के साथ गांव में अपने मामा के घर रहता था. उसकी मां एक निजी कंपनी में काम करती हैं. परिजनों ने बताया कि रेहान करीब 12 साल पहले अपने पिता से अलग हो गया था. रेहान की मौसी अफसाना के मुताबिक, जेल से छूटने के बाद वह वेल्डिंग का काम करने लगा था.

दूसरा आरोपी पिता के साथ सीख रहा था टाइल्स का काम

इस मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी भी सोनीपत का रहने वाला है और नाबालिग बताया गया है. उसके पिता के मुताबिक, उनका बेटा गोहाना में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था. वह 13 तारीख को घर आया था, लेकिन इसके बाद कहां गया, इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी. नाबालिग के पिता खुद दिव्यांग हैं और ईंट तोड़कर मजदूरी करते हैं. इसी मेहनत से परिवार का गुजारा चलता है. बेटे का नाम फायरिंग जैसे गंभीर मामले में सामने आने से परिवार सदमे में है. पिता ने आशंका जताई कि कहीं कोई उनके बेटे को बहला-फुसलाकर तो नहीं ले गया. उन्होंने टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना को गलत बताया है. पिता की आशंका और परिवार के बयान उनके अपने पक्ष हैं; इनकी पुष्टि जांच से ही हो सकेगी.

तीसरा आरोपी बिहार का रहने वाला, मुंबई में चलाता था रैपिडो

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है. इनमें तीसरा आरोपी बिहार का रहने वाला बताया गया है और वह मुंबई में रैपिडो चलाता था. इस तरह मामले में गिरफ्तार लोगों की पृष्ठभूमि अलग-अलग राज्यों और कामकाजी परिस्थितियों से जुड़ी बताई जा रही है. हालांकि, केवल उनकी पारिवारिक या आर्थिक पृष्ठभूमि से अपराध में भूमिका तय नहीं की जा सकती. पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि तीनों आरोपियों की घटना में क्या भूमिका थी और वे एक-दूसरे के संपर्क में कैसे आए.

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