Explainer: भारत में तीज-त्योहार या किसी विशेष आयोजन में लोग सोने की खूब खरीदारी करते हैं. सोना धातु में दिलचस्पी रखने वाले लोगों में कई तरह के सवाल होते हैं. जैसे- सोना कितने तरह का होता है? सोना का नाम सोना कैसे पड़ा? सोने की शुद्धता कैसे जांची जाती है? आइए जानते हैं ऐसे ही सवालों के बारे में-
जानिए 14 कैरेट ज्वैलरी के बारे में
Gold Type and Caret: भारत में तीज-त्योहार या किसी विशेष आयोजन में लोग सोने की खूब खरीदारी करते हैं. ऐसा करने के पीछे परंपरा ही नहीं, बल्कि फैशन, संस्कृति और आस्था का हिस्सा है. लोग इसे समृद्धि, सौभाग्य और पवित्रता के प्रतीक के रूप में देखते हैं. सोना हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले धातुओं में, सबसे महंगा और टिकाऊ माना जाता है. इतिहास के जानकारों की मानें तो, सोने की खोज सबसे पहले प्राचीन मिस्रवासियों ने 2450 ई.पू. के आसपास की थी. ज़ोसिमोस नामक मिस्र के एक शख़्स को खनन के दौरान पहली बार गोल्ड मिला था. हालांकि, शुरुआती दिनों में सोने का इस्तेमाल ज्वेलरी और मूर्तियां बनाने के अलावा खरीद-बिक्री के लिए भी होता था. महंगाई के साथ यह धीरे-धीरे यह ज्वेलरी तक सीमित हो गया. आमतौर पर लोग यही समझते हैं कि सोना एक ही तरह का होता है. लेकिन, ऐसा नहीं है. इसके कैरेट को लेकर भी लोग कंफ्यूज रहते हैं. सोने की शुद्धता कैसे जांची जाती है? आइए जानते हैं ऐसे ही सवालों के बारे में-
सोना धातु में दिलचस्पी रखने वाले लोगों में कई तरह के सवाल होते हैं. जैसे- सोना कितने तरह का होता है? सोना का नाम सोना कैसे पड़ा? तो बता दें, कि सोने (Gold) का एलिमेंट सिंबल Au, प्राचीन लैटिन शब्द ‘ऑरम’ से लिया गया है. इसका अर्थ है ‘चमकती सुबह’ या ‘सूर्योदय की चमक’. अगर इसके प्रकार की बात करें तो, दुनिया भर में रंग और कैरेट के आधार पर 15 से ज्यादा प्रकार का सोना मिलता है. हालांकि, भारत में मुख्य रूप से पीला सोना (Yellow Gold) ही प्रचलित है. लेकिन, आपको बता दें कि, दुनिया के विभिन्न देशों में सफेद, काला, पीला, हरा, पर्पल और गुलाबी जैसे कई रंगों के सोना का उपयोग किया जाता है.
सोना खरीदने से पहले लोगों के जहन में कैरेट का जिक्र जरूर आता है. दुकान पर दुकानदार से लोग पूछते भी हैं कि ये सोना कितने कैरेट का है? अब कई लोग ये भी सोचते होंगे कि, कैरेट होता क्या है या कैरेट का अर्थ क्या है? तो बता दें कि, कैरेट का अर्थ है, सोने के एक भाग का 24वां हिस्सा. इससे यह पता चलता है कि उस भाग में सोने के अलावा अन्य कौन-कौन सी धातुएं और कितनी मात्रा में मिली हुई हैं. इस तरह से दुनिया में मुख्य रूप से पांच प्रकार के सोने के कैरेट प्रचलित हैं- 24 कैरेट, 22 कैरेट, 18 कैरेट, 14 कैरेट और 10 कैरेट.
आमतौर पर 24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्ध और लोकप्रिय माना जाता है. हालांकि, 24 कैरेट सोना इतना मुलायम होता है कि इससे सीधे कोई ज्वेलरी नहीं बनाई जा सकती है. इसे मजबूत बनाने के लिए इसमें अन्य धातुओं का मिश्रण किया जाता है. सोना जितना कम कैरेट का होता है, उसकी कीमत भी उतनी ही कम होती है, क्योंकि उसमें सोने के मुकाबले अन्य धातुओं की मात्रा अधिक होती है. सोने की शुद्धता (Gold Purity) उसके कैरेट पर निर्भर करती है.
24 कैरेट: 24 कैरेट सोना घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में उपलब्ध होता है. यह निवेश के लिए अच्छा है. 24 कैरेट सोना गैर-टिकाऊ होता है, इसलिए गहने बनाने में कम इस्तेमाल किया जाता है.
22 कैरेट सोना: इसमें 91.7% सोना होता है. इसे 916 सोना भी कहा जाता है. ज्यादातर गहने बनाने के लिए 22 कैरेट सोने का ही इस्तेमाल होता है.
18 कैरेट सोना: इसमें 75% सोना होता है.
14 कैरेट सोना: इसमें 58.3% सोना होता है. यह टिकाऊ होता है और रोजाना पहनने के लिए अच्छा माना जाता है.
10 कैरेट सोना: इसमें 41.7% सोना होता है.
सोने की शुद्धता यानी प्योरिटी आसानी से चेक की जा सकती है. सरकार ने सोने की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच के लिए तीन पैरामीटर तय किए हैं. पहला बीआईएस स्टैंडर्ड हॉलमार्क, दूसरा कैरेट, और तीसरा 6 अंकों का कोड है, जिसमें अंग्रेजी के अक्षर और संख्याएं दोनों शामिल होते हैं. यह कोड प्रत्येक आभूषण के लिए अलग-अलग होता है. इससे असली-नकली की पहचान की जा सकती है.
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