<

पानी का रंग नीला तो क्यों कहते हैं लाल सागर? जानें क्या है इस विचित्र नाम के पीछे का रहस्य

Red Sea: आपने अक्सर भूगोल में समुद्रों और महासागरों के बारे में पढ़ते हुए लाल सागर का नाम सुना होगा. इसका नाम सुनकर ऐसा लगता है कि इस सागर में लाल रंग का पानी बहता होगा पर ऐसा नहीं है. आइये जानते हैं दुनिया के सबसे गर्म और खारे सागर का नामकरण कैसे हुआ.

Red Sea: आपने अक्सर भूगोल में समुद्रों और महासागरों के बारे में पढ़ते हुए लाल सागर का नाम सुना होगा. इसका नाम सुनकर ऐसा लगता है कि इस सागर में लाल रंग का पानी बहता होगा पर ऐसा नहीं है. 

फिर एक सवाल ये भी उठता है कि अगर ऐसा नहीं है, तो इसका नाम लाल सागर या रेड सी क्यों हुआ. इसका जवाब इतिहास में छिपा है. आइये जानते हैं दुनिया के सबसे गर्म और खारे सागर का नामकरण कैसे हुआ.

लाल सागर की भौगोलिक स्थिति

लाल सागर (रेड सी) मिस्र के स्वेज से दक्षिण-पूर्व की ओर करीब 1,930 किमी लंबा संकीर्ण जलमार्ग है, जो बाब-एल-मंडेब जलसंधि से अरब सागर से जुड़ता है. यह पश्चिम में मिस्र, सूडान, इरिट्रिया से तथा पूर्व में सऊदी अरब, यमन से घिरा है. इसकी चौड़ाई अधिकतम 190 मील और गहराई 9,974 फीट तक है. यह दुनिया का सबसे गर्म और खारा समुद्र है.

यह समुद्र स्वेज नहर के माध्यम से भूमध्य सागर से जुड़ा हुआ है और यूरोप-एशिया व्यापार का प्रमुख मार्ग है. प्राचीन मिस्रवासियों ने 2500 ईसा पूर्व में इसे खोजा था.

नामकरण का सिद्धांत

जैसेकि अभी बताया गया कि इस सागर को प्राचीन मिस्रवासियों ने खोजै था और उन्होंने इसका नाम ‘एरिथ्रा थलासा’ रखा था, जिसका अर्थ ‘लाल सागर’ है. हिब्रू भाषा में इसे स्वेज की रीड्स के कारण ‘यम सुफ’ (रीड्स का सागर) के नाम से जाना जाता है. लाल सागर के नाम का एक कारण शैवाल सिद्धांत भी है. इस सागर में पाए जाने वाले ट्राइकोडेस्मियम एरिथ्रियम नामक सायनोबैक्टीरिया पानी को लाल-भूरा रंग देती है.

इसके अलावा इसके नाम का एक दिशा सिद्धांत भी है. प्राचीन एशियाई भाषाओं में दक्षिण को ‘लाल’ कहा जाता था (उत्तर ‘काला’ जैसे ब्लैक सी), इसलिए  ग्रीक/अनातोलियन दृष्टि से यह दक्षिणी सागर था.

जैव विविधता

लाल सागर में 1,166 मछली प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें 165 केवल यहीं पाई जाती हैं. इसके अलावा 44 शार्क की प्रजातियां भी यहां देखने को मिलती हैं. दुनिया का सबसे लंबा कोरल रीफ (2,000 किमी) यहां मौजूद है. इनमें से कुछ तो 7,000 वर्ष पुराने कोरल रीफ हैं जिनमें 346 कठोर कोरल प्रजातियां हैं. सबसे तेज मछली सेलफिश (68 मील/घंटा) भी इस सागर में निवास करती है. 

Shivangi Shukla

वर्तमान में शिवांगी शुक्ला इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. हेल्थ, बॉलीवुड और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा रिसर्च बेस्ड आर्टिकल और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करती हैं. तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है. डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

Share
Published by
Shivangi Shukla

Recent Posts

भविष्य निर्माण के 5 गौरवशाली वर्ष: सार्वजनिक यूनिवर्सिटी मनाएगी स्थापना वर्ष का माहव्यापी उत्सव

1 जून से 30 जून तक शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय गतिविधियों की श्रृंखला आयोजित…

Last Updated: June 4, 2026 17:07:10 IST

एनजी ब्रांड की सूरत में दोबारा एंट्री, भव्य शुरुआत के साथ खुला एनजी मॉल

मॉल की आय का 60 प्रतिशत हिस्सा समाजसेवा में होगा खर्च, गरीब मरीजों के उपचार…

Last Updated: June 4, 2026 16:52:07 IST

IFS आशुतोष कुमार ने बताया बच्चों के लिए सिविल सर्विस और राष्ट्रसेवा का सफलता मंत्र

नई दिल्ली, 19 मई:  युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और प्रशासनिक सेवाओं के प्रति प्रेरित करने…

Last Updated: June 3, 2026 20:22:09 IST

SBS University के छात्र, देश की Top Pharma Companies में

Copmed, Macleods, Intas, Enzene, Akums और 4 और कंपनियों ने SBS University के छात्रों को…

Last Updated: June 3, 2026 20:07:07 IST

UP Politics: अवध में ‘ब्राह्मण कार्ड’ खेलेगी भाजपा? 2027 से पहले सांगठनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज

UP Politics: अवध में 'ब्राह्मण कार्ड' की तैयारी में BJP? जानिए क्यों अचानक संगठन में…

Last Updated: June 3, 2026 18:41:28 IST