Artemis ii Mission: NASA का आर्टेमिस 2 मिशन बुधवार को लॉन्च होने वाला है. इसकी मदद से, US का मकसद चांद पर उन जगहों तक पहुंचना है जो कुदरती चीज़ों से भरपूर हैं, खासकर पानी. पानी की वजह से US चांद से मंगल तक अपना मिशन पूरा कर सकता है. यह एक ऐतिहासिक 10-दिन का इंसान वाला मिशन होगा, जिसमें चार एस्ट्रोनॉट्स ओरियन स्पेसक्राफ्ट में चांद के चारों ओर चक्कर लगाएंगे.
क्या है Artemis II?
Artemis ii Mission: नासा 1 अप्रैल, 2026 को आर्टेमिस 2 मिशन लॉन्च कर रहा है. यह अपोलो 1972 के बाद पहला मिशन होगा जिसमें इंसान सबसे लंबी ह्यूमन स्पेसफ्लाइट पर होंगे. चार एस्ट्रोनॉट्स चांद पर जाएंगे. पूरा मिशन 10 दिनों तक चलेगा. NASA का यह मिशन फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से एक बड़ा SLS रॉकेट लॉन्च करेगा, जिसमें ओरियन शटल होगा. यह एक चैलेंजिंग मिशन होगा, जैसा पहले कभी नहीं किया गया. चार लोगों के क्रू में एक महिला और तीन पुरुष होंगे. तो चलिए जानते हैं कि वो 4 लोग कौन हैं जो इस मिशन के तहत चांद पर जाएंगे.
कमांडर वाइजमैनआर्टेमिस II मिशन के कमांडर हैं और इस ऐतिहासिक यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं. वह 2009 में NASA से जुड़े थे और 2014 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर लगभग छह महीने बिताकर अंतरिक्ष में लंबा अनुभव हासिल कर चुके हैं. इससे पहले वह अमेरिकी नौसेना में अधिकारी रह चुके हैं, जिसने उनके नेतृत्व और अनुशासन को और मजबूत बनाया. खास बात यह है कि दो बेटियों के सिंगल पिता होने के बावजूद वे इस मिशन को सिर्फ एक पेशेवर जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता के लिए एक बड़े कदम के रूप में देखते हैं और इसे लेकर पूरी तरह समर्पित हैं.
विक्टर ग्लोवर आर्टेमिस II मिशन में पायलट की भूमिका निभा रहे हैं और अंतरिक्ष उड़ानों का अच्छा-खासा अनुभव रखते हैं. वह 2020 में स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन की पहली ऑपरेशनल उड़ान का हिस्सा रह चुके हैं, जो अंतरिक्ष इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था. इससे पहले वह अमेरिकी नौसेना में कप्तान के रूप में सेवा दे चुके हैं, जिससे उनके नेतृत्व और तकनीकी कौशल को मजबूती मिली है. चार बच्चों के पिता ग्लोवर इस मिशन को अपने परिवार से गहराई से जोड़ते हैं, और यही वजह है कि वह अपने साथ बाइबल और परिवार से जुड़ी यादगार चीजें अंतरिक्ष में ले जा रहे हैं, ताकि इस ऐतिहासिक यात्रा में उनके अपने भी उनके साथ जुड़ सकें.
क्रिस्टीना कोच मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में शामिल हैं और उन्हें इस दल की सबसे अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों में गिना जाता है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर लगातार 328 दिन बिताकर महिलाओं के लिए सबसे लंबी एकल अंतरिक्ष उड़ान का रिकॉर्ड बनाया है. इसके अलावा, वह नासा के पहले ऑल-वुमन स्पेसवॉक का भी हिस्सा रह चुकी हैं, जो अंतरिक्ष इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है. खास बात यह है कि बचपन में NASA के दौरे से प्रेरित होकर उन्होंने अंतरिक्ष यात्री बनने का सपना देखा था, और आज वही सपना उन्हें चंद्रमा की इस ऐतिहासिक यात्रा तक ले आया है.
जेरेमी हैनसेन आर्टेमिस II मिशन में मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में शामिल हैं और कनाडा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वह Canadian Space Agency के अंतरिक्ष यात्री हैं और इससे पहले कनाडाई सशस्त्र बलों में फाइटर पायलट के रूप में सेवा दे चुके हैं, जिससे उन्हें उड़ान और तकनीकी संचालन का व्यापक अनुभव मिला है. इस मिशन की सबसे खास बात यह है कि वह चंद्रमा की यात्रा करने वाले पहले कनाडाई बनने जा रहे हैं, जो न केवल उनके लिए बल्कि पूरे कनाडा के लिए गर्व का क्षण है.
इस मिशन का उद्देश्य ओरियन यान के लाइफ सपोर्ट सिस्टम का परीक्षण करना है, ताकि अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इस मिशन पर अब तक 93 बिलियन डॉलर खर्च होने का अनुमान है.
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