<
Categories: हेल्थ

खाना खाते ही छाती में जलन और एसिडिटी… ये 5 घरेलू उपचार तुरंत दिलाएंगे राहत! जानिए हार्ट बर्न के पीछे की वजह

Heart burn in chest aafter eating: क्या आपने कभी खाना खाने के बाद सीने में जलन महसूस की है? 60 प्रतिशत से अधिक लोगों का जवाब हां होगा. इस परेशानी का नाम है गैस्ट्रिक एसिड रिफ्लक्स. यह तब होता है जब पेट का एसिड वापस भोजन नली में चला जाता है. आइए जानते हैं इस परेशानी से बचने के उपाय-

Heart burn in chest aafter eating: क्या आपने कभी खाना खाने के बाद सीने में जलन महसूस की है? 60 प्रतिशत से अधिक लोगों का जवाब हां होगा. क्योंकि, आजकल यह समस्या बेहद कॉमन बन चुकी है. इस परेशानी का नाम है गैस्ट्रिक एसिड रिफ्लक्स. बता दें कि, यही गैस्ट्रिक एसिड रिफ्लक्स है, जिसे आमतौर पर जीईआरडी (गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज) के नाम से जाना जाता है. इससे पहले एसिड रिफ्लेक्स (acid reflux) होता है. एसिड रिफलेक्स जब क्रोनिक बन जाए तो यह जीईआरडी में बदल जाता है. यह तब होता है जब पेट का एसिड वापस भोजन नली में चला जाता है. ऐसा होने के बाद शुरू होती है जलन और बेचैनी. हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो, खाने-पीने की खराब आदतों और स्थूल जीवनशैली के कारण पेट में गैस की समस्या बनती है.

यही वजह है कि, एक बड़ी संख्या में लोगों का डाइजेस्टिव सिस्टम खराब रहता है, जिसके कारण उन्हें हार्ट बर्न या सीने में जलन की समस्या रहती है. इस परेशानी से निजात पाने के लिए लोग महंगी दवाओं का सहारा लेते हैं. लेकिन, दवाओं के कुछ साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं. ऐसे में कुछ घरेलू नुस्खे इस परेशानी को दूर करने में अधिक कारगर हो सकते हैं. अब सवाल है कि आखिर हार्ट बर्न के पीछे की क्या वजह है? एसिडिटी से राहत पाने के घरेलू नुस्खे क्या हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-

हार्ट बर्न के पीछे की क्या वजह है?

मायो क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, गैस्ट्रोफेगल रिफलेक्स डिजीज (GERD) बार-बार एसिड रिफ्लक्स या पेट नॉन-एसिडिक सामग्री के रिफ्लेक्स होने के कारण होती है. ऐसे मे जब हम भोजन करके इसे निगलते हैं तब एसोफेगस यानी आहार नली के पिछले हिस्से में चारों ओर मांसपेशियों का एक बैंड होता है, जिसे स्फिंगटर कहते हैं. एक तरह से स्फिंगटर हमारे मुंह और आंत के बीच में कपाट का काम करता है. जब हम भोजन को निगते हैं तो यह खुल जाता है और जैसे ही खाना पेट के अंदर जाता है यह अपने आप बंद हो जाता है. लेकिन अगर स्फिंगटर को सही से आराम नहीं मिलता या यह कमजोर हो जाता है तो पेट का एसिड उपर उठने लगता है और ऐसा लगता है कि सारी चीज छाती को दबा रहा है. एसिड का लगातार ऊपर की ओर उठना आहारनली के लिए परेशानी का सबब है और इससे इसमें सूजन भी आ सकती है.

एसिडिटी के मुख्य कारण क्या हैं?

डॉ. बीएल बैरवा (Dr. B L Bairwa) सोशल मीडिया के जरिए बताते हैं कि, एसिडिटी का सबसे पहला कारण है गलत खान-पान. अत्यधिक मसालेदार, तैलीय या भारी भोजन से एसिड ज्यादा बनने की आशंका रहती है. देर रात भोजन करना, बार-बार खाने का समय बदलना, धिक खाना या भोजन के बाद लेटना, मोटापा और गर्भावस्था (पेट पर बढ़ा हुआ दबाव),  धूम्रपान, शराब, कैफीन और मसालेदार भोजन और हाइटल हर्निया आदि. इसके अलावा, एक्सरसाइज न करने से भी पेट में एसिड ज्यादा बनेगा. 

एसिडिटी से बचने के लिए क्या न करें?

  • भोजन के बाद तुरंत सोने से बचें.
  • पानी कम नहीं, उचित मात्रा में पीएं.
  • खाली पेट रहने से भी एसिडिटी बढ़ेगा.

एसिडिटी के मुख्य लक्षण क्या हैं?

सीने में जलन (सीने में जलन वाला दर्द) 
भोजन या खट्टे तरल पदार्थ का उल्टी आना 
लगातार खांसी या गले में खराश 
निगलने में कठिनाई (डिस्फेजिया) 
मुंह से दुर्गंध और पेट फूलना. 

एसिडिटी का घरेलू इलाज

  • बेकिंग सोडा या सोडियम बाइकार्बोनेट एसिड को न्यूट्रल करता है और राहत दिलाता है. एक चम्मच बेकिंग सोडा को एक कप पानी में मिलाकर धीरे-धीरे पीना चाहिए. इसे लगातार न लें, सिर्फ कभी-कभार एसिडिटी के समय ही इस्तेमाल करें. बाजार में कई तरह के सोडा मिला पॉचेज आता है जिसके पीने के बाद एसिडिटी से तुरंत राहत मिलती है.
  • सेब का सिरका पेट में एसिड के लेवल को कंट्रोल करने और पाचन को बेहतर करने में बहुत मदद करता है.एक चम्मच सेब का सिरका एक गिलास पानी में मिलाकर भोजन से पहले पीने से राहत मिल सकती है. वीनेगर हर घर में मौजूद होता है लेकिन ध्यान रहें कि सेब का विनेगर ही पिएं.
  • अदरक सिर्फ सर्दी-जुकाम को ठीक करने के लिए नहीं है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पाचन को दुरुस्त करते हैं और एसिडिटी में आराम देते हैं. इसके लिए आप अदरक की चाय पी सकते हैं. ध्यान रहें दूध या चीनी वाली चाय न बनाएं बल्कि पानी में अदकर मिला दें और इसे बॉयल करें. इसमें थोड़ा जीरा भी मिल सकते हैं. इसे दिन में चार-पांच बार पी लें.
  • च्यूइंग गम अक्सर युवा चबाते रहते हैं. च्यूइंगम खाने के बाद चबाने से लार बनती है जो एसिड को पतला करती है और गले से साफ करती है. खाने के आधे घंटे बाद बिना शक्कर वाला गम चबाना फायदेमंद हो सकता है.यह एसिड से राहत दिला सकती है.
  • कई तरह की हर्बल टी है जो एसिडिटी से तत्काल राहत दिलाती है. इसके लिए आप पुदीना, कैमोमाइल और अदरक की हर्बल टी बना सकते हैं. कैमोमाइल या पुदीने की चाय पेट की मांसपेशियों को आराम देती है और एसिडिटी कम करती है. भोजन के बाद एक कप हल्की हर्बल टी लेना बेहतर है. ध्यान रहें यदि एसिडिटी बार-बार हो या बहुत तेज दर्द या जलन हो, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
Lalit Kumar

9 साल से ज्यादा के लंबे करियर में ललित कुमार ने दैनिक जागरण, दैनिक भाष्कर, हिन्दुस्तान और नेटवर्क 18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, समाज, कला व संस्कृति के अलावा जटिल स्वास्थ्य विषयों और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का विश्लेषण उनकी विशेषता है। खबरों का डीप एनालिसिस उनकी पहचान है। हर खबर को आसान भाषा में पाठक तक पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वर्तमान में वे देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थानों में एक इंडिया न्यूज (डिजिटल) में लाइफस्टाइल, हेल्थ, धर्म और एस्ट्रो टीम का हिस्सा हैं।

Share
Published by
Lalit Kumar
Tags: Health News

Recent Posts

Ashok Kharat का क्या है लक्ष्मण से रिश्ता, जिसने महिला रिश्तेदार को भी नहीं छोड़ा; बंद कमरे में कर दिया कांड

Ashok Kharat Case: 20 साल की उम्र में ही अशोक खरात ने अपनी महिला रिश्तेदार…

Last Updated: April 8, 2026 14:19:14 IST

इस गाने को सुनते ही डायरेक्टर ने उठा लिया जूता, रिलीज होते ही बना कल्ट सॉन्ग; 60 साल बाद भी करता है मदहोश

Song Secrets: हिंदी सिनेमा के कुछ गानों का ऐसा इतिहास है, जो लोगों को हैरान…

Last Updated: April 8, 2026 13:54:22 IST

ब्रेकअप के बाद फिर जुड़ी डोर! साथ आए स्मृति मंधाना-पलाश मुच्छल? फैमिली मीटिंग ने बढ़ाई हलचल

Smriti Mandanna Palash Muchhal: स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल की शादी टूटने की खबर ने…

Last Updated: April 8, 2026 14:14:47 IST

साउथ कोरिया में कचरे की थैलियां क्यों इकट्ठी कर रहे लोग? मिडिल-ईस्ट संघर्ष या कोई और वजह है कारण, जानें पूरा मामला

दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में इन दिनों एक अजीब‑सी भगदड़ देखने को मिल रही…

Last Updated: April 8, 2026 12:53:02 IST